15 से 20 हजार कमाने वाले बचत कैसे करें, यह सवाल आजकल बहुत से लोगों के मन में रहता है। कम सैलरी में महीने का खर्च चलाना आसान नहीं होता। कई लोगों की सैलरी 15 हजार से 20 हजार रुपये के बीच होती है, लेकिन किराया, राशन, बिजली, आने-जाने और दूसरे जरूरी खर्चों के बाद महीने के आखिर में बचत के लिए कुछ खास नहीं बचता।
अगर आप भी हर महीने के खर्च को बेहतर तरीके से मैनेज करना चाहते हैं तो पैसे और बजट से जुड़ी हमारी दूसरी जानकारी भी पढ़ सकते हैं।
हाल ही में हमारे पास भी ऐसे कई सवाल आए कि अगर सैलरी कम हो तो हर महीने पैसे कैसे बचाए जाएं? इसी सवाल को ध्यान में रखते हुए आज हम एक आसान बजट फॉर्मूले के बारे में बता रहे हैं, जिसकी मदद से आप अपनी सैलरी को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर खर्च और बचत का प्लान बना सकते हैं।
15 से 20 हजार कमाने वाले बचत कैसे करें?
इसके लिए 50-30-20 बजट फॉर्मूला अपनाया जा सकता है। इस तरीके में आपकी सैलरी को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। पहला हिस्सा जरूरी खर्चों के लिए, दूसरा अपनी इच्छाओं के लिए और तीसरा बचत के लिए रखा जाता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को बिल्कुल इसी अनुपात में पैसा खर्च करना ही होगा। अगर आपके घर की जिम्मेदारियां या किराया ज्यादा है तो आप अपनी स्थिति के हिसाब से इसमें बदलाव कर सकते हैं।
सैलरी का 50 प्रतिशत जरूरी खर्चों के लिए
50-30-20 फॉर्मूले में सैलरी का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा जरूरी खर्चों के लिए रखने की सलाह दी जाती है। इसमें किराया, राशन, बिजली का बिल, ट्रांसपोर्ट और दूसरे जरूरी बिल शामिल हो सकते हैं।
उदाहरण के लिए अगर आपकी सैलरी 15,000 रुपये है तो करीब 7,500 रुपये जरूरी खर्चों के लिए रखे जा सकते हैं। वहीं 20,000 रुपये की सैलरी होने पर यह हिस्सा करीब 10,000 रुपये होगा।
सैलरी का 30 प्रतिशत अपनी इच्छाओं पर खर्च करें
हर महीने कुछ खर्च ऐसे भी होते हैं जो जरूरी नहीं होते, लेकिन हम अपनी इच्छा के लिए करते हैं। जैसे बाहर खाना, शॉपिंग, फिल्म देखना या घूमने-फिरने का खर्च।
इस बजट फॉर्मूले के अनुसार सैलरी का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा ऐसे खर्चों के लिए रखा जा सकता है। 15,000 रुपये की सैलरी पर यह रकम 4,500 रुपये और 20,000 रुपये की सैलरी पर करीब 6,000 रुपये होगी।
इसका फायदा यह है कि आप अपनी पसंद की चीजों पर पैसा खर्च भी कर सकते हैं और पूरा बजट बिगड़ने से भी बच सकते हैं।
सैलरी का 20 प्रतिशत बचाने का लक्ष्य रखें
इस फॉर्मूले का सबसे अहम हिस्सा 20 प्रतिशत की बचत है। कोशिश करें कि हर महीने सैलरी मिलते ही कम से कम 20 प्रतिशत रकम अलग रख दी जाए।
अगर आपकी सैलरी 15,000 रुपये है तो 3,000 रुपये हर महीने बचाने का लक्ष्य रखा जा सकता है। इसी तरह 20,000 रुपये की सैलरी पर 4,000 रुपये महीने की बचत का लक्ष्य बन सकता है।
अगर 15,000 रुपये की सैलरी में हर महीने 3,000 रुपये बचाए जाएं तो एक साल में 36,000 रुपये जमा हो सकते हैं। वहीं 20,000 रुपये की सैलरी में हर महीने 4,000 रुपये बचाने पर सालभर में 48,000 रुपये की बचत हो सकती है।
किराया ज्यादा है तो 50-30-20 फॉर्मूला कैसे अपनाएं?
हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति एक जैसी नहीं होती। अगर आपका किराया ज्यादा है या घर में आपकी जिम्मेदारियां अधिक हैं तो 50-30-20 फॉर्मूले को जबरदस्ती लागू करने की जरूरत नहीं है।
ऐसी स्थिति में सबसे पहले जरूरी खर्चों को पूरा करें और फिर जितना संभव हो उतना पैसा बचाने की कोशिश करें। अगर आप किराए के मकान में रहते हैं तो कम किराए वाला कमरा या घर तलाशना भी आपके मासिक बजट को कम कर सकता है।
कम सैलरी में बचत के लिए छोटी शुरुआत करें
अगर अभी आपकी सैलरी में से 20 प्रतिशत बचाना मुश्किल है तो छोटी रकम से शुरुआत की जा सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि बचत की आदत बने और हर महीने कुछ पैसा अलग रखा जाए। सैलरी बढ़ने के साथ बचत की रकम भी बढ़ाई जा सकती है।
कम सैलरी में बजट बनाकर चलने से आपको यह साफ पता रहता है कि पैसा कहां खर्च हो रहा है और महीने में कितनी रकम बचाई जा सकती है।
आपकी सैलरी कितनी है और आप कितना बचा सकते हैं?
अगर आपकी सैलरी 15 हजार से 20 हजार रुपये के बीच है तो सबसे पहले अपने जरूरी खर्चों की सूची बनाइए। इसके बाद गैर-जरूरी खर्चों को अलग कीजिए और हर महीने बचत के लिए एक निश्चित रकम तय कीजिए।
याद रखें, बजट का उद्देश्य अपनी जरूरतों को रोकना नहीं बल्कि पैसे को सही जगह इस्तेमाल करना है। आपकी परिस्थितियों के अनुसार 50-30-20 का अनुपात कम या ज्यादा हो सकता है।
अगर आपके किसी जानने वाले की सैलरी कम है और महीने के आखिर में पैसे नहीं बचते हैं तो यह जानकारी उसके साथ जरूर शेयर करें। ऐसी ही काम की जानकारी के लिए पहली खबर से जुड़े रहें।