
Gratuity Rules Changed: अब 1 साल में ग्रेच्युटी, ओवरटाइम पर डबल पे – नए लेबर कोड लागू
भारत सरकार ने 21 नवंबर 2025 से नए लेबर कोड्स लागू कर दिए हैं, जिसके बाद ग्रेच्युटी से जुड़े सबसे बड़े बदलाव सामने आए हैं। अब फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को केवल 1 साल की सर्विस पर ही ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। पहले यह नियम 5 साल की निरंतर नौकरी के बाद ही लागू होता था।
नए नियम कई सेक्टर्स पर लागू होंगे, जिनमें IT, रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस इंडस्ट्री शामिल हैं। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, इस बदलाव से 40 करोड़ से अधिक वर्कर्स को सीधा फायदा मिलेगा।
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ओवरटाइम का नया नियम: डबल पेमेंट अनिवार्य
नए वेज कोड के तहत ओवरटाइम का भुगतान अब रेगुलर वेज के डबल रेट पर किया जाएगा। 8 घंटे से अधिक काम करने पर कंपनी को कर्मचारी को डबल पेमेंट देना होगा।
वर्किंग ऑवर्स को भी स्टैंडर्ड किया गया है: 8 घंटे प्रतिदिन या 48 घंटे प्रति सप्ताह। इससे अधिक काम होने पर ओवरटाइम रूल लागू माना जाएगा।
सोशल सिक्योरिटी और मिनिमम वेज अपडेट
नए लेबर कोड्स में सोशल सिक्योरिटी को भी मजबूत किया गया है। गिग वर्कर्स (जैसे कैब ड्राइवर, फूड डिलीवरी पार्टनर) को भी अब सरकारी सुरक्षा लाभ मिलेंगे। मिनिमम वेज सभी राज्यों में統एक समान फॉर्मूले के आधार पर तय होगी।
ग्रेच्युटी की टैक्स-फ्री लिमिट को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे मिडिल-क्लास कर्मचारियों को लंबी अवधि में बड़ा वित्तीय फायदा मिलेगा।
सरकार का दावा है कि नए कोड्स से जॉब सिक्योरिटी बढ़ेगी, पारदर्शिता आएगी और वर्कप्लेस कंप्लायंस आसान होगा।



