मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है। ज्ञानेश कुमार याचिका पर होने वाली इस सुनवाई को इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें उन्हें पद से हटाने और उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए कुछ फैसलों की समीक्षा की मांग की गई है। मामला सामने आने के बाद SIR को लेकर चल रहा विवाद भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
इस बीच दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी जारी है। रविवार को लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी। पुलिस के मुताबिक बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया। अब नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है, जहां इस पूरे विवाद के कानूनी पहलुओं पर सुनवाई होगी।
ज्ञानेश कुमार याचिका में क्या मांग की गई है?
ज्ञानेश कुमार याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त को सुनवाई पूरी होने तक उनके पद के कामकाज से अलग रखने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और SIR से जुड़ी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।
मामला केवल किसी एक राज्य की मतदाता सूची तक सीमित नहीं है। याचिका में गोवा और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया गया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं में नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हुआ।
हालांकि इन आरोपों को अभी अदालत की ओर से सही नहीं माना गया है। चुनाव आयोग की ओर से पहले ही कहा गया है कि आयोग के भीतर अलग-अलग राय होना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है और अंतिम फैसले कानूनी प्रक्रिया के अनुसार लिए जाते हैं।
SIR विवाद से कैसे जुड़ा है मामला?
पूरे विवाद के केंद्र में Special Intensive Revision यानी SIR है। इसके तहत मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। इसी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कई संगठनों ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं।
याचिका में चुनाव आयोग के भीतर लिए गए कुछ फैसलों का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक चुनाव आयुक्तों के बीच SIR से जुड़े कई मामलों में अलग राय सामने आई थी। इसी आधार पर याचिकाकर्ताओं ने आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
Form 6 को लेकर भी याचिका में आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इसमें नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया और उसमें इस्तेमाल की जा रही जानकारी को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
दिल्ली में प्रदर्शन से बढ़ा दबाव
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले दिल्ली में विरोध प्रदर्शन ने मामले को और बड़ा बना दिया है। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, जिसके बाद कुछ जगहों पर टकराव की स्थिति बनी।
पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया। कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। इसी दौरान महिला पत्रकारों की ओर से पुलिसकर्मियों पर अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए जाने का मामला भी सामने आया, जिसकी जांच की बात पुलिस ने कही है।
अब ज्ञानेश कुमार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई इस पूरे विवाद का अगला बड़ा पड़ाव है। अदालत में याचिकाकर्ताओं की दलीलें और चुनाव आयोग का पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या दिशा बनती है।
फिलहाल ज्ञानेश कुमार को लेकर लगाए गए आरोप अदालत के सामने विचाराधीन हैं। इसलिए किसी भी आरोप को अंतिम निष्कर्ष के तौर पर देखना सही नहीं होगा। आज की सुनवाई में अदालत का रुख इस मामले की आगे की तस्वीर तय करने में अहम हो सकता है।

