बिहार के जमुई जिले में एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़खानी के मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव को मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक उसे पैर में गोली लगी है और उसे इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
यह मामला 19 सितंबर की शाम का है, जब कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग लड़के और लड़की को जमुई के मड़वा पहाड़ इलाके में कुछ युवकों के एक समूह ने कथित तौर पर रोक लिया था। सामने आए वीडियो में दिखा कि दोनों किशोरों को घेरकर उनसे सवाल-जवाब किए गए, लड़के के साथ मारपीट की गई, जबकि लड़की के साथ छेड़खानी और अभद्रता की गई। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और मामले में भारतीय न्याय संहिता के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया।
कैसे हुई मुठभेड़ और गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो में लाल गमछा पहने दिखे युवक की पहचान नंदन यादव के रूप में हुई। पुलिस उसे घटनास्थल की तरफ ले जा रही थी, तभी उसने भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई और उसके पैर में गोली लगी। इसी दौरान एक अन्य आरोपी हरेराम यादव भी भागने के प्रयास में घायल हुआ बताया जा रहा है। इससे पहले वीडियो सर्कुलेट करने के आरोप में रामाशीष चौधरी नाम के एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, और अब तक इस मामले में कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पीड़िता की पहचान उजागर करने पर सख्ती
जमुई पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने साफ किया है कि पीड़िता की पहचान उजागर करना एक गंभीर अपराध है और इस पर पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने वीडियो सर्कुलेट करने और पीड़िता की पहचान से जुड़ी जानकारी साझा करने के आरोप में करीब 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई है।
सियासी बयानबाजी भी शुरू
इस मामले ने बिहार में राजनीतिक रंग भी ले लिया है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने इस घटना को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था गुंडों के हाथ में चली गई है। इस बयान के बाद राज्य में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच भी इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।
आगे की जांच
पुलिस के मुताबिक जांच अभी जारी है और मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज व अन्य साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। नंदन यादव की हालत को लेकर अस्पताल की तरफ से आधिकारिक अपडेट का इंतजार है, जबकि पुलिस ने साफ किया है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।