मोदी टस्क मुलाकात आज, 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में होने जा रही है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 अक्टूबर को तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचे थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा करेंगे और आपसी हित के क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब भारत यूरोपीय साझेदारों के साथ अपने संबंधों को नई ऊंचाई दे रहा है।
आज का कार्यक्रम: क्या-क्या होगा
- विदेश मंत्री से मुलाकात: टस्क आज विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मिलेंगे
- राजघाट: महात्मा गांधी के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे
- द्विपक्षीय वार्ता: हैदराबाद हाउस में PM मोदी के साथ बैठक
- संयुक्त प्रेस वक्तव्य: दोनों नेता मीडिया को संबोधित करेंगे
- बिजनेस फोरम: आज दिल्ली में इंडिया-पोलैंड बिजनेस फोरम का आयोजन

भव्य स्वागत के साथ शुरू हुआ दौरा
21 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने पर डोनाल्ड टस्क का हवाई अड्डे पर केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क का नई दिल्ली आगमन पर हार्दिक स्वागत। यह दौरा भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को नई गति देगा और हमारे लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और गहरा करेगा।”
यह पोलैंड के प्रधानमंत्री के तौर पर टस्क की दूसरी भारत यात्रा है — पहली बार वह अपने पिछले कार्यकाल में 2010 में आए थे। इसके अलावा 2017 में वह यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष के तौर पर भारत-EU शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली आ चुके हैं।
मोदी टस्क मुलाकात: एजेंडे की बड़ी बातें
वार्ता का केंद्र द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा होगी। अगस्त 2024 में PM मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा मिला था, और इस दौरे को उसी साझेदारी को ठोस नतीजों में बदलने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
रक्षा निर्माण: रक्षा क्षेत्र में सहयोग एजेंडे में सबसे ऊपर है। पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की ने संकेत दिया है कि पोलैंड की रक्षा कंपनियां भारत को निर्यात और औद्योगिक साझेदारी के प्रस्ताव लेकर आई हैं।
व्यापार और निवेश: दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार फिलहाल करीब 6 से 6.5 अरब डॉलर का है, जिसे पोलैंड 10 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखता है।
उभरती तकनीक और अंतरिक्ष: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान में सहयोग पर चर्चा होगी। पोलैंड की सैटेलाइट कंपनियां भारतीय संस्थानों के साथ साझेदारी बढ़ाना चाहती हैं।
नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और संस्कृति: ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर भी फोकस रहेगा।
क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दे: रूस-यूक्रेन संघर्ष और भारत-EU संबंधों की दिशा पर भी दोनों नेताओं के बीच विचार-विमर्श होगा। विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह दौरा भारत-EU रणनीतिक साझेदारी को भी गहरा करेगा।
व्यापार प्रतिनिधिमंडल और बिजनेस फोरम
टस्क के साथ पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की और एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आया है। इंडिया-पोलैंड बिजनेस फोरम का आयोजन 22 अक्टूबर को नई दिल्ली और 23 अक्टूबर को बेंगलुरु में होगा। दिल्ली के बाद टस्क बेंगलुरु जाएंगे, जहां वह सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और अंतरिक्ष क्षेत्र के कारोबारी प्रतिनिधियों से मिलेंगे।
पृष्ठभूमि: संबंधों में आई तेजी
हाल के महीनों में भारत-पोलैंड संबंधों में उल्लेखनीय तेजी आई है। 4 सितंबर को विदेश मंत्री जयशंकर ने वॉर्सा में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्वाव सिकोर्स्की से मुलाकात कर 2024-28 के संयुक्त कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा की थी। दोनों ने व्यापार-निवेश, अंतरिक्ष, डिजिटल, AI, सेमीकंडक्टर, रक्षा, शिक्षा, शिपिंग, खनन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की थी। जयशंकर ने पोलैंड के राष्ट्रपति करोल नावरोकी से भी मुलाकात की थी, जिसमें यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया, IMEC और G20 पर विचार-विमर्श हुआ था।
क्या उम्मीद करें
आज की वार्ता के बाद दोनों नेता संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी करेंगे, जिसमें बैठक के नतीजे सामने आएंगे। रणनीतिक साझेदारी को ठोस परियोजनाओं और समझौतों में बदलना इस दौरे का मुख्य उद्देश्य है — और कारोबारी प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि यह दौरा सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक नतीजों की दिशा में बढ़ाया गया कदम है।
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सोर्स: द हिंदू बिजनेसलाइन की रिपोर्ट और Devdiscourse की रिपोर्ट

