राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव में मतदान पूरा होने के बाद भी आरसीए चुनाव परिणाम सामने नहीं आया है। 29 सितंबर को हुए चुनाव में 38 में से 35 मतदाताओं ने वोट डाले, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मतों की गिनती और परिणाम की घोषणा रोक दी गई। अब सभी की नजर राजस्थान हाईकोर्ट में चल रहे मामले पर है।
आरसीए चुनाव परिणाम पर क्यों लगी रोक?
RCA चुनाव को लेकर विवाद केवल अध्यक्ष पद की लड़ाई तक सीमित नहीं है। चुनाव से पहले ही मतदाता सूची और प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठ रहे थे। सबसे बड़ा मुद्दा तीन नए जिलों की मतदान पात्रता और चुनाव प्रक्रिया में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का रहा।
Didwana-Kuchaman, Khairthal-Tijara और Balotra ने चुनाव में मतदान नहीं किया। दूसरी ओर, याचिका में यह भी सवाल उठाया गया कि RCA की मतदाता सूची में महिला प्रतिनिधित्व क्यों नहीं है और किसी महिला उम्मीदवार को चुनाव लड़ने का मौका क्यों नहीं मिला।
इसी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया को रोकने से इनकार किया, लेकिन आरसीए चुनाव परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी। मतदान के बाद मतपत्रों को सुरक्षित रखा गया है।
अध्यक्ष पद पर किसके बीच मुकाबला?
RCA अध्यक्ष पद के लिए धनंजय सिंह खींवसर और बृजकिशोर उपाध्याय के बीच मुकाबला हुआ। चुनाव से पहले दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे और आरोप सामने आए थे। इसी वजह से चुनाव का माहौल शुरू से ही चर्चा में रहा।
कुल 38 मतदाताओं में से 35 ने मतदान किया। तीन जिलों के मतदान से दूर रहने के कारण चुनाव की प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर विवाद और गहरा गया।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान महिला प्रतिनिधित्व और मतदाता सूची से जुड़े सवाल भी सामने आए। अदालत ने चुनाव होने दिया, लेकिन नतीजे घोषित करने की अनुमति नहीं दी। इसका मतलब यह है कि फिलहाल चुनाव का परिणाम मौजूद है, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
अब क्या होगा आरसीए चुनाव परिणाम का?
अब इस पूरे मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से लंबित मामले को जल्द देखने को कहा है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौजूदा चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर उठाए गए सवालों का क्या समाधान निकलता है।
फिलहाल RCA का नया अध्यक्ष कौन होगा, यह साफ नहीं है। आरसीए चुनाव परिणाम को लेकर दोनों पक्षों की नजर अदालत के अगले कदम पर है।
इस पूरे विवाद का असर केवल चुनाव के नतीजे तक सीमित नहीं है। मतदाता सूची, नए जिलों के अधिकार और महिलाओं के प्रतिनिधित्व जैसे सवालों ने राजस्थान क्रिकेट प्रशासन की चुनावी व्यवस्था पर भी बहस छेड़ दी है।
ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अदालत के फैसले के बाद मौजूदा चुनाव का रास्ता साफ होगा या RCA को फिर से चुनावी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। फिलहाल आरसीए चुनाव परिणाम सीलबंद स्थिति में है और अंतिम तस्वीर अदालत के फैसले के बाद ही सामने आएगी।

