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गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026
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बारिश के बाद भी दिल्ली की हवा खराब — AQI 222, कल से क्या बदलेगा

हल्की बारिश के बाद भी दिल्ली की हवा साफ नहीं हुई — AQI 222 के साथ दूसरे दिन भी खराब श्रेणी में रहा। उत्तम नगर में सबसे ज्यादा 331 दर्ज हुआ।

धुंध में डूबी दिल्ली की स्काईलाइन और मास्क पहना व्यक्ति

दिल्ली वायु प्रदूषण धुंध (प्रतीकात्मक फोटो)

दिल्ली की हवा को लेकर राहत की उम्मीद करने वालों को बृहस्पतिवार को भी निराशा हाथ लगी। हल्की बारिश और बादलों के बावजूद राजधानी की वायु गुणवत्ता दूसरे दिन भी खराब श्रेणी में ही रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 222 दर्ज हुआ, जबकि बुधवार को यह 229 था। यानी बारिश के बाद भी हवा में मामूली ही सुधार हुआ है।

धुंध में डूबी दिल्ली की स्काईलाइन और मास्क पहना व्यक्ति
दिल्ली वायु प्रदूषण धुंध (प्रतीकात्मक फोटो)

आमतौर पर माना जाता है कि बारिश प्रदूषक कणों को नीचे बैठा देती है और हवा साफ हो जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। वजह साफ है — बारिश हल्की रही और प्रदूषण के स्रोत, जैसे वाहन, निर्माण कार्य और आसपास के इलाकों से आने वाला धुआं, लगातार बने हुए हैं।

कहां कितनी खराब रही हवा

शहर के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग रहा। सबसे खराब हालत उत्तम नगर की रही, जहां AQI 331 दर्ज हुआ — जो बेहद खराब की सीमा के करीब है। इसके बाद मुंडका और जहांगीरपुरी जैसे इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक रही। AQI के पैमाने पर 201 से 300 के बीच की हवा ‘खराब’ और 301 से 400 के बीच की हवा ‘बेहद खराब’ मानी जाती है, जो सांस के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकती है।

आगे क्या — IMD की भविष्यवाणी

मौसम विभाग (IMD) की भविष्यवाणी के मुताबिक, दिल्ली में शुक्रवार को गरज के साथ बारिश हो सकती है। अनुमान है कि 31 अक्टूबर तक वायु गुणवत्ता में सुधार होकर यह मध्यम श्रेणी में आ सकती है, लेकिन 1 नवंबर से हालात फिर बिगड़ सकते हैं। यानी अगले दो दिन थोड़ी राहत के बाद नवंबर की शुरुआत में प्रदूषण फिर बढ़ने का अंदेशा है।

सेहत पर असर और बचाव के उपाय

खराब हवा का सबसे ज्यादा असर अस्थमा और सांस की बीमारी वाले लोगों, छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण आम हो जाते हैं। बचाव के लिए सुबह के समय जब प्रदूषण ज्यादा होता है, तब टहलने या दौड़ने से बचें। बाहर निकलते समय मास्क पहनें, घर की खिड़कियां प्रदूषण के पीक घंटों में बंद रखें और पर्याप्त पानी पिएं। घर में एयर प्यूरीफायर हो तो उसका इस्तेमाल करें।

दिल्ली में हर साल सर्दियों से पहले प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, और इस बार भी वही पैटर्न दिख रहा है। CPCB की वेबसाइट या ऐप पर अपने इलाके का AQI देखते रहें और उसी के हिसाब से बाहर निकलने का फैसला करें। शुक्रवार की बारिश अगर अच्छी हुई, तो हवा में कुछ और सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

लेखक

Rakesh Kumar

नमस्कार, मैं राकेश कुमार हूँ। PAHALI KHABAR के माध्यम से मैं आपके लिए ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, खेल और अन्य महत्वपूर्ण खबरें लेकर आता हूँ। मेरा उद्देश्य है कि आपको हर खबर सरल भाषा में, सही तथ्यों के साथ और समय पर मिले।

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