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सोमवार, 02 नवम्बर 2026
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Ola पीछे, TVS-Bajaj आगे: इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेस में बड़ा उलटफेर

कभी इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार की बादशाह रही Ola अब पांचवें नंबर पर है। TVS, Bajaj और Hero की तिकड़ी ने 62% बाजार पर कब्जा कर लिया है। सितंबर के आंकड़े बता रहे हैं कि खेल पूरी तरह पलट चुका है।

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री TVS Bajaj चार्जिंग

कुछ साल पहले तक भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर का मतलब लगभग एक ही नाम था — Ola। शोरूम में लंबी वेटिंग, सोशल मीडिया पर चर्चा, हर महीने बिक्री के नए रिकॉर्ड। लेकिन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री के सितंबर 2026 के आंकड़े एक बिल्कुल अलग कहानी सुना रहे हैं। अब इस बाजार की कमान उन पुरानी कंपनियों के हाथ में है, जिन्हें कभी इलेक्ट्रिक रेस में पिछड़ा हुआ माना जाता था।

सरकारी वाहन रजिस्ट्रेशन पोर्टल Vahan के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में देश में करीब 2.03 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्टर हुए — पिछले साल की तुलना में 85% ज्यादा और अगस्त से 12% ज्यादा। इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी अब कुल टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन में 11.4% तक पहुंच गई है। और इस बढ़ते बाजार में सबसे ज्यादा फायदा पुरानी दिग्गज कंपनियों को हुआ है।

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री चार्जिंग स्कूटर
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री TVS Bajaj Ola (प्रतीकात्मक फोटो)

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री: सितंबर 2026 में कौन कहां खड़ा है?

TVS मोटर 53,989 यूनिट के साथ पहले नंबर पर रही। उसकी बिक्री पिछले साल से 126% बढ़ी और बाजार हिस्सेदारी 26.5% रही। दूसरे नंबर पर Bajaj ऑटो रही, जिसने 48,383 यूनिट बेचीं — पिछले साल से 139% की बढ़त और TVS से महज 5,606 यूनिट का फासला। तीसरे नंबर पर Ather Energy रही (30,477 यूनिट), चौथे पर Hero MotoCorp का Vida ब्रांड (24,305 यूनिट) और पांचवें पर Ola Electric (13,449 यूनिट)।

Ola का हाल सबसे चौंकाने वाला है। उसकी बिक्री पिछले साल से 3% और अगस्त से 4% घटी, जबकि पूरा बाजार 85% बढ़ा। उसकी बाजार हिस्सेदारी घटकर 6.6% रह गई है — अगस्त में यह 7.7% थी और पिछले साल सितंबर में 12.6%। यानी एक साल में Ola की हिस्सेदारी लगभग आधी हो गई। TVS, Bajaj और Hero — तीनों पुरानी कंपनियां मिलकर अब सितंबर के रजिस्ट्रेशन का करीब 62% हिस्सा रखती हैं, और Ather को जोड़ लें तो यह आंकड़ा तीन-चौथाई के पार चला जाता है।

ऐसा क्यों हुआ? तीन बड़ी वजहें

पहली वजह: सर्विस नेटवर्क। TVS, Bajaj और Hero के पास दशकों पुराना डीलर और सर्विस नेटवर्क है। छोटे शहरों में भी उनका शोरूम और मैकेनिक मिल जाता है। इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वाला ग्राहक अब सिर्फ फीचर नहीं, बल्कि यह भी देखता है कि खराबी आने पर गाड़ी कहां ठीक होगी।

दूसरी वजह: भरोसा और रीसेल। TVS iQube, Bajaj Chetak और Vida जैसे नामों के पीछे पुरानी कंपनियों की साख है। ग्राहक को लगता है कि कंपनी कल भी रहेगी, पार्ट्स मिलेंगे और पुरानी गाड़ी बेचने पर कुछ कीमत भी मिलेगी।

तीसरी वजह: स्टार्टअप की मुश्किलें। Ola Electric की वित्तीय तस्वीर दबाव में है — वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी को ₹336 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था। बढ़ती लागत, सर्विस शिकायतें और कड़ी प्रतिस्पर्धा ने उसकी रफ्तार धीमी की। इसके उलट, Ather ने 2027 की दूसरी तिमाही में ₹1.26 करोड़ का छोटा ही सही, लेकिन मुनाफा दर्ज किया — यह बताता है कि सही लागत प्रबंधन से इस बाजार में कमाई भी संभव है।

खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?

अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की सोच रहे हैं, तो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री में यह बदलाव आपके लिए अच्छी खबर है। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से कंपनियां बेहतर रेंज, तेज चार्जिंग और लंबी वारंटी दे रही हैं। साथ ही, पुरानी कंपनियों के आने से सर्विस और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता सुधरी है। लेकिन एक बात का ध्यान रखें — रजिस्ट्रेशन के आंकड़े और कंपनी के डिस्पैच आंकड़े एक नहीं होते। रजिस्ट्रेशन बताता है कि कितनी गाड़ियां सच में सड़क पर उतरीं, इसलिए यही खरीदारों के भरोसे का असली पैमाना है।

एक और अहम आंकड़ा: जनवरी से सितंबर 2026 के बीच देश में 15.61 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्टर हो चुके हैं — जो पूरे साल 2025 के 13.42 लाख के आंकड़े से भी ज्यादा है। यानी नौ महीने में ही पिछले पूरे साल का रिकॉर्ड टूट गया। स्कूटर सेगमेंट में तो इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी करीब 24% तक पहुंच गई है।

आगे क्या होगा?

उद्योग के अनुमान के मुताबिक, TVS, Bajaj और Hero वित्त वर्ष 2028 के अंत तक हर महीने 80,000 यूनिट से ज्यादा की उत्पादन क्षमता तक पहुंचने का लक्ष्य रख रही हैं। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में यह रेस और तेज होगी। Ola के लिए वापसी की राह आसान नहीं होगी — उसे सर्विस और भरोसे के मोर्चे पर खुद को फिर से साबित करना होगा। लेकिन एक बात तय है: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री अब किसी एक कंपनी की कहानी नहीं रही, बल्कि पूरे भारतीय ऑटो उद्योग की कहानी बन चुकी है। और इस कहानी में अगला मोड़ दिवाली के बाद के बिक्री आंकड़े तय करेंगे।

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लेखक

Rakesh Kumar

नमस्कार, मैं राकेश कुमार हूँ। PAHALI KHABAR के माध्यम से मैं आपके लिए ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, खेल और अन्य महत्वपूर्ण खबरें लेकर आता हूँ। मेरा उद्देश्य है कि आपको हर खबर सरल भाषा में, सही तथ्यों के साथ और समय पर मिले।

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