अगर आप सोचते हैं कि भारत में महंगे फोन कम बिकते हैं, तो Apple के ताजा नतीजे आपकी यह धारणा बदल सकते हैं। कंपनी ने सोमवार को अपनी सितंबर तिमाही (वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही) के नतीजे जारी करते हुए बताया कि Apple India record revenue के साथ भारत में अब तक का सबसे बड़ा क्वार्टर दर्ज किया गया है। कंपनी के नए CEO जॉन टर्नस ने अर्निंग कॉल में कहा कि भारत समेत कई बाजारों में कंपनी ने ऑल-टाइम रिकॉर्ड बनाया है।

ग्लोबल आंकड़े भी रिकॉर्ड तोड़
Apple का कुल ग्लोबल रेवेन्यू इस तिमाही में 12% बढ़कर $114.5 अरब (करीब ₹10.85 लाख करोड़) हो गया। iPhone की बिक्री 17% बढ़कर $57.6 अरब पहुंच गई, जबकि Mac का रेवेन्यू 24% बढ़कर $10.8 अरब रहा। सर्विसेज कारोबार ने $31.6 अरब के साथ ऑल-टाइम रिकॉर्ड बनाया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा $30.7 अरब रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 में Apple का रेवेन्यू $479 अरब के साथ अब तक का सबसे ऊंचा स्तर रहा।
भारत में क्या-क्या रिकॉर्ड बना?
भारत की कहानी सबसे दिलचस्प है। कंपनी के मुताबिक, भारत में iPhone अपग्रेड करने वालों की संख्या सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची — यानी पुराने iPhone से नए मॉडल पर जाने वालों की तादाद पहले कभी इतनी नहीं थी। Mac कारोबार में भी भारत में ऑल-टाइम रिकॉर्ड बना, और सर्विसेज में भी भारत उन बाजारों में रहा जहां रिकॉर्ड दर्ज हुआ। यह Apple India record revenue की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। दिलचस्प बात यह है कि iPhone 17 भारत में तीसरी तिमाही का सबसे ज्यादा शिप किया गया फोन रहा, भले ही कुल शिपमेंट पिछले साल से कुछ कम रहे हों — क्योंकि औसत बिक्री मूल्य $1,000 के पार चला गया है।
महंगाई और RAM संकट के बावजूद ग्रोथ क्यों?
इस तिमाही में Apple को सप्लाई की दिक्कतों और चल रहे RAM संकट (जिसे ‘RAMageddon’ कहा जा रहा है) के कारण कई कैटेगरी में दाम बढ़ाने पड़े। इसके बावजूद iPhone और Mac की बिक्री बढ़ी। जानकारों का मानना है कि इसकी वजह प्रीमियम खरीदारों की वफादारी और अपग्रेड का चक्र है — एक बार Apple इकोसिस्टम में आने वाला ग्राहक अगला फोन भी उसी ब्रांड का लेता है। इसके अलावा, कंपनी ने 30 सितंबर को Axis Bank के साथ मिलकर भारत में Apple Pay भी लॉन्च किया है, जिससे उसका सर्विसेज कारोबार और गहरा होगा।
सवाल-जवाब: भारतीय ग्राहक के लिए इसका क्या मतलब है?
क्या भारत में iPhone और सस्ते होंगे? फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है। रिकॉर्ड रेवेन्यू का मतलब है कि कंपनी की प्रीमियम रणनीति चल रही है, इसलिए दाम घटने की उम्मीद कम है। हालांकि, पुराने मॉडलों पर त्योहारी ऑफर और एक्सचेंज डील मिलते रहेंगे।
क्या Mac खरीदने का सही समय है? MacBook Neo और MacBook Pro की मजबूत मांग से पता चलता है कि Mac अब सिर्फ क्रिएटर्स तक सीमित नहीं रहा। अगर आपको लंबे समय तक चलने वाला लैपटॉप चाहिए, तो नए Mac लाइनअप पर नजर रखना फायदेमंद रहेगा।
Apple Pay भारत में क्या बदलेगा? शुरुआत में यह Axis Bank के ग्राहकों तक सीमित है, लेकिन आगे चलकर यह भारत के डिजिटल पेमेंट बाजार में Apple की पकड़ मजबूत करेगा — खासकर iPhone यूजर्स के बीच।
Apple India record revenue के बाद आगे क्या?
Apple ने दिसंबर तिमाही के लिए 7–10% की रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान दिया है, जो त्योहारी सीजन के लिए अब तक का सबसे ऊंचा क्वार्टर हो सकता है। हालांकि, कंपनी ने सप्लाई की सीमाओं का भी जिक्र किया है, इसलिए कुछ मॉडलों पर इंतजार बढ़ सकता है। एक बात साफ है — भारत अब Apple के लिए सिर्फ एक उभरता बाजार नहीं, बल्कि उसके सबसे अहम रिकॉर्ड बाजारों में से एक बन चुका है। Apple India record revenue पर बाजार की नजर अब दिसंबर तिमाही पर रहेगी।
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स्रोत: Gadgets360 | Inc42

