जंतर-मंतर पर 36 दिन तक चले प्रदर्शन के खत्म होने के कुछ ही हफ्तों बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपने अगले आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को बताया कि संगठन अब आंदोलन के दूसरे चरण की ओर बढ़ रहा है।
इस बार सीजेपी ने शिक्षा व्यवस्था को अपने अभियान का केंद्र बनाया है। पार्टी का कहना है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और पढ़ाई के स्तर से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि नए अभियान की शुरुआत 15 अगस्त से प्रस्तावित है। इसके लिए ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ नाम तय किया गया है।
रांका के मुताबिक, संगठन पहले स्कूलों से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाएगा। अगर सरकार की तरफ से उनकी मांगों और सवालों पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आती है, तो सीजेपी फिर से प्रदर्शन करने का फैसला ले सकती है।
इस बीच अभिजीत दीपके ने पिछले आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने 20 जुलाई को संसद की तरफ जाने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग की।
दीपके का आरोप है कि उस दिन प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया था। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराते हुए संसद में स्पष्टीकरण देने की मांग की।

सीजेपी के संस्थापक ने दिल्ली के नारायणा इलाके में आयोजित एक कार्यक्रम में पार्टी के अगले अभियान के बारे में जानकारी दी। यहां उन्होंने अपने समर्थकों और वॉलंटियर्स से बातचीत की और आगे की रणनीति बताई।
दीपके ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार उनसे पूछा जा रहा था कि जंतर-मंतर के आंदोलन के बाद अगला चरण कब शुरू होगा। उन्होंने संकेत दिया कि अब संगठन दोबारा सक्रिय होने जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक और आरोप लगाया। उनके अनुसार, जिस बैंक्वेट हॉल में पार्टी की बैठक प्रस्तावित थी, वहां की बुकिंग कथित तौर पर रद्द कर दी गई।
दीपके ने इसके पीछे राजनीतिक दबाव होने का दावा किया। हालांकि, इस आरोप पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
पार्टी के नेताओं का कहना है कि आने वाला अभियान पहले के आंदोलन से अलग मुद्दे पर केंद्रित होगा। इस बार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था पर रहेगा मुख्य जोर
आशुतोष रांका ने बताया कि 15 अगस्त से शुरू होने वाले अभियान में स्कूलों की मौजूदा स्थिति को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
पार्टी का कहना है कि बच्चों के लिए स्कूलों में बेहतर वातावरण, जरूरी सुविधाएं और अच्छी शिक्षा उपलब्ध होना अहम मुद्दा है। इसी को लेकर सीजेपी अलग-अलग स्तर पर अपनी बात रखने की तैयारी कर रही है।
रांका के अनुसार, अभियान में पार्टी के वॉलंटियर्स की भी अहम भूमिका रहेगी। वे स्कूलों से जुड़े स्थानीय मुद्दों को सामने लाने और उन्हें व्यापक स्तर पर उठाने की कोशिश करेंगे।
सीजेपी का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया तो संगठन आंदोलन को फिर सड़क तक ले जा सकता है।
इससे पहले पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक प्रदर्शन किया था। उस आंदोलन के दौरान सीजेपी ने अपनी कई मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी।
अब आंदोलन के दूसरे चरण में पार्टी ने शिक्षा को मुद्दा बनाया है। 15 अगस्त से शुरू होने वाले अभियान के बाद यह साफ होगा कि सीजेपी इसे किस स्तर तक ले जाती है और सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।
फिलहाल पार्टी की ओर से अभियान की तारीख की घोषणा कर दी गई है और इसके लिए कार्यकर्ताओं को तैयार किया जा रहा है।

