शुक्रवार, 18 सितंबर को बॉलीवुड में एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। मेघना गुलजार की क्राइम थ्रिलर ‘दायरा’ और कुणाल खेमू की डायरेक्शन डेब्यू ‘वाइब’, दोनों एक ही दिन सिनेमाघरों में उतरीं। दिलचस्प बात यह भी रही कि यह मुकाबला असल जिंदगी में भी एक पारिवारिक जुड़ाव रखता है — करीना कपूर खान और कुणाल खेमू रिश्ते में साले-बहनोई हैं। लेकिन बॉक्स ऑफिस पर पहला दिन किसी रिश्तेदारी को नहीं देखता, और शुक्रवार शाम आए आंकड़ों ने साफ कर दिया कि दोनों फिल्मों में से कौन आगे रही।
‘दायरा’ का पहला दिन कैसा रहा
करीना कपूर खान और मलयालम स्टार पृथ्वीराज सुकुमारन की ‘दायरा’ सिंघम अगेन के बाद करीना की पहली थिएट्रिकल रिलीज है। ट्रेड ट्रैकर Sacnilk के मुताबिक फिल्म ने पहले दिन भारत में करीब ₹85 लाख का नेट कलेक्शन किया, जिसमें हिंदी और मलयालम, दोनों वर्जन शामिल हैं। दिन की शुरुआत में जो लाइव आंकड़े आ रहे थे, वे इससे भी कम थे, लेकिन शाम और रात के शो में हुई बढ़त के बाद अंतिम संख्या ₹85 लाख के आसपास स्थिर हुई। कई ट्रेड रिपोर्ट्स ने इसे करीना कपूर के करियर की अब तक की सबसे कमजोर ओपनिंग बताया है।
यह भी पढ़ें: मनोरंजन
‘वाइब’ ने कैसे मारी बाजी
दूसरी तरफ कुणाल खेमू की ‘वाइब’, जिसमें वे स्पर्श श्रीवास्तव और प्रीति जिंटा के साथ नजर आए, ने ‘दायरा’ से बेहतर शुरुआत की। Sacnilk के आंकड़ों के अनुसार फिल्म ने पहले दिन करीब ₹1.8 करोड़ का नेट कलेक्शन किया, जबकि कुछ अन्य ट्रैकर्स ने इसे ₹1.64 करोड़ के आसपास दर्ज किया। यानी दोनों फिल्मों के बीच पहले दिन का फासला करीब एक करोड़ रुपये का रहा। हालांकि यह आंकड़ा भी किसी बड़ी हिट के लिए जरूरी माने जाने वाले स्तर से काफी नीचे है, लेकिन ‘दायरा’ के मुकाबले यह प्रदर्शन साफ तौर पर बेहतर रहा।
दोनों फिल्मों की कहानी में क्या है
‘दायरा’ दो सीनियर पुलिस अधिकारियों की कहानी है जो इंसाफ को लेकर अलग-अलग नजरिया रखते हैं। करीना डीसीपी अजूनी कोहली की भूमिका में हैं, जो कानून और सही जांच प्रक्रिया में यकीन रखती हैं, जबकि पृथ्वीराज डीसीपी रमन कुमार बने हैं, जिनका मानना है कि मौजूदा सिस्टम कई बार पीड़ितों के साथ इंसाफ नहीं कर पाता। फिल्म की कहानी एक युवती के साथ हुई बर्बर वारदात के बाद शुरू होती है, जिसमें रमन और उनकी टीम चार आरोपियों को एनकाउंटर में मार गिराते हैं।
‘वाइब’ इसके उलट एक एक्शन-कॉमेडी है। कुणाल खेमू ने इसमें हार्दिक नाम के एक लापरवाह युवक का किरदार निभाया है, जो अपने दोस्त बग्स (स्पर्श श्रीवास्तव) के साथ मिलकर एक बड़ी साजिश में फंस जाता है। प्रीति जिंटा की मैडम एच इन दोनों को एक बड़े मिशन में खींचती हैं, जबकि दोनों दोस्त न तो प्रशिक्षित हैं और न ही इस स्तर की जिम्मेदारी के लिए तैयार।
रिव्यू में क्या कहा जा रहा है
दोनों फिल्मों को शुरुआती समीक्षाओं में मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला है। ‘वाइब’ को लेकर फ्री प्रेस जर्नल की समीक्षा में फिल्म को 2.5 स्टार दिए गए, जिसमें कहा गया कि फिल्म का पहला हाफ बेहतर बन पड़ा है और कुणाल खेमू व स्पर्श श्रीवास्तव की जोड़ी इसे देखने लायक बनाती है, लेकिन दूसरा हाफ खिंचा हुआ और लेखन कमजोर महसूस होता है।
‘दायरा’ को लेकर भी समीक्षकों की राय बंटी हुई नजर आई। कुछ समीक्षाओं में कलाकारों के अभिनय और विषय की गंभीरता की तारीफ की गई, तो कुछ ने कहानी की रफ्तार को सुस्त बताया। कई रिव्यू में फिल्म के पहले हाफ को कमजोर बताया गया है, जिसमें एक्टिंग की तारीफ करते हुए भी स्क्रीनप्ले को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
आगे की राह किसकी आसान
पहले दिन की सुस्त शुरुआत के बाद दोनों फिल्मों के लिए वीकेंड बेहद अहम है। ‘दायरा’ जैसी गंभीर विषय पर बनी फिल्में अक्सर सकारात्मक वर्ड-ऑफ-माउथ पर निर्भर करती हैं, जबकि ‘वाइब’ जैसी कॉमेडी-एक्शन फिल्में शनिवार-रविवार को परिवारों और युवा दर्शकों की मौजूदगी से रफ्तार पकड़ सकती हैं। मलयालम बाजार में पृथ्वीराज की लोकप्रियता ‘दायरा’ को कुछ सहारा दे सकती है, लेकिन शुरुआती आंकड़े वहां भी बहुत उत्साहजनक नहीं रहे हैं।
दोनों फिल्मों के लिए असली इम्तिहान अब शनिवार और रविवार का कलेक्शन तय करेगा। अगर दोनों में से किसी को भी सप्ताहांत में अच्छी बढ़त नहीं मिलती, तो सिनेमाघरों में शो की संख्या घटने का असर आने वाले हफ्तों में साफ दिखने लगेगा।