सर्दियां आते ही दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर जहरीली होने की आशंका है, लेकिन इस बार सरकार पहले से ज्यादा तैयार नजर आ रही है। दिल्ली सरकार ने विंटर एक्शन प्लान 2026-27 की घोषणा की है, जिसमें 50% वर्क-फ्रॉम-होम, “No PUCC, No Fuel” अभियान और बढ़ी हुई पार्किंग फीस जैसे सख्त नियम शामिल हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सितंबर में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनिंदर सिरसा और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इस प्लान को औपचारिक रूप दिया था।

यह प्लान “whole-of-government” और “whole-of-society” अप्रोच पर आधारित है, जिसमें CAQM, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), स्थानीय निकाय, दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) शामिल हैं।
दिल्ली विंटर एक्शन प्लान: क्या-क्या बदलेगा?
1. 50% वर्क-फ्रॉम-होम (1 नवंबर से)
सरकारी और निजी दफ्तरों को सर्दियों के प्रदूषण सीजन के दौरान अपने 50% स्टाफ से घर से काम कराना होगा — या सप्ताह में दो दिन WFH देना होगा। इसका उद्देश्य ऑफिस आने-जाने वाले लोगों और सड़कों पर वाहनों की संख्या को कम करना है।
2. No PUCC, No Fuel अभियान
“बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट, नहीं मिलेगा ईंधन” अभियान 1 अक्टूबर से ही दिल्ली के सभी 500 ANPR-लैस पेट्रोल पंपों पर तेज कर दिया गया है। जिन वाहनों के पास वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) नहीं होगा, उन्हें ईंधन देने पर रोक रहेगी। पुरानी बीएस-III और उससे पुरानी एंड-ऑफ-लाइफ गाड़ियों का पता लगाने के लिए सिस्टम ने पिछले 12 महीनों में करीब 7,055 ऐसे वाहनों की पहचान की थी।
3. नॉन-बीएस-VI गाड़ियों पर रोक (1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027)
1 नवंबर से राजधानी के बाहर रजिस्टर्ड उन पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगेगी, जो बीएस-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करती हैं। CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इससे छूट मिलेगी।
4. कंस्ट्रक्शन पर चरणबद्ध पाबंदी
1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली डिमोलिशन और आउटडोर सिविल कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर रोक रहेगी, जबकि 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होगा। कंस्ट्रक्शन साइट्स पर 100% सीसीटीवी कवरेज अनिवार्य कर दिया गया है।
5. पार्किंग फीस दोगुनी
मेट्रो पार्किंग सुविधाओं को छोड़कर, अधिकृत पार्किंग साइट्स पर पार्किंग चार्ज दोगुना किया जाएगा। इसके अलावा, दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया गया है — MCD दफ्तर सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक, जबकि दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित होंगे।
संशोधित GRAP: AQI बढ़ने के साथ चार चरणों में पाबंदियां
CAQM ने दिल्ली-NCR के लिए संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) भी जारी किया है, जिसमें AQI बढ़ने के साथ चार स्टेज में पाबंदियां लागू होंगी:
- GRAP Stage-4 (AQI 450 से ऊपर): सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों में 50% स्टाफ के साथ काम और बाकी कर्मचारियों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम। स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई का दायरा कक्षा 6 से 9 और कक्षा 11 तक बढ़ाया जा सकता है।
- GRAP Stage-3: दिल्ली के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड क्लास का विकल्प — छात्र स्कूल जाकर या ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे।
क्या कहता है अनुभव?
ये कदम 2024 और 2025 में भी लागू किए गए थे। सरकार का दावा है कि इन उपायों से प्रदूषण के स्तर में कमी आई थी। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि पराली जलाने, वाहनों के धुएं और धूल जैसे प्रमुख स्रोतों पर स्थायी नियंत्रण के बिना हर साल यह समस्या दोहराई जाएगी। पराली जलाने की घटनाओं पर चिंता पहले से ही बनी हुई है, और वायु प्रदूषण रोकना इस बार भी बड़ी चुनौती रहेगी।
आम जनता के लिए सलाह यही है कि प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUCC) पहले से तैयार रखें, पार्किंग और यात्रा की योजना पहले से बनाएं, और वायु गुणवत्ता के अलर्ट पर नजर रखें।

