दिसम्बर 8, 2025

Fact-Checking Policy

 


🔎 Fact-Checking Policy (तथ्य-जांच नीति)

PahaliKhabar.com पर हम सटीक, सत्यापित और संदर्भ-संपन्न जानकारी प्रकाशित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पेज बताता है कि हम दावों की पहचान कैसे करते हैं, उन्हें परखने के लिए कौन-सी पद्धतियाँ अपनाते हैं, रेटिंग कैसे तय होती है, और सुधार/अपडेट कैसे जारी किए जाते हैं।

1) किन दावों की फैक्ट-चेकिंग की जाती है?

  • जन-हित से जुड़े दावे: नीतियाँ, चुनाव, स्वास्थ्य, शिक्षा, अर्थव्यवस्था, विज्ञान/टेक्नोलॉजी आदि।
  • सोशल मीडिया/मैसेजिंग ऐप्स पर वायरल दावे (टेक्स्ट, इमेज, वीडियो)।
  • लोकप्रिय हस्तियों/संस्थानों के सार्वजनिक बयान।
  • ऐसे दावे जो गलत हों तो नुकसान/भ्रम की आशंका हो।

2) हमारी प्रक्रिया (Methodology)

  1. दावे की पहचान: वायरल/ट्रेंडिंग/पाठक-सुझाव/न्यूज़रूम मॉनिटरिंग से चयन।
  2. परिभाषा व दायरा: दावे का सटीक रूप, समय, स्थान और संदर्भ स्पष्ट करना।
  3. प्राथमिक स्रोत खोज: आधिकारिक वेबसाइट/दस्तावेज़, प्रेस रिलीज़, मान्य डेटाबेस, क़ानूनी/सरकारी रिकॉर्ड।
  4. द्वितीयक स्रोत समीक्षा: प्रतिष्ठित संस्थान, सहकर्मी-समीक्षित शोध, विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स।
  5. विशेषज्ञ इनपुट: विषय विशेषज्ञों से ऑन-रिकॉर्ड टिप्पणी/स्पष्टीकरण (जब आवश्यक हो)।
  6. ओपन-सोर्स टूल्स: रिवर्स-इमेज/वीडियो की-फ्रेम सर्च, मेटाडेटा, जियो-लोकेशन और टाइमस्टैम्प सत्यापन।
  7. राइट-टू-रिप्लाई: दावे से जुड़े व्यक्ति/संस्था को प्रतिक्रिया देने का उचित अवसर।
  8. निर्णय और रेटिंग: सबूतों के भार (weight of evidence) के आधार पर निष्कर्ष।
  9. पारदर्शिता: लेख में सभी प्रमुख स्रोत, स्क्रीनशॉट/आर्काइव लिंक (जब संभव) और तरीका स्पष्ट।

3) स्रोत मानक (Sourcing Standards)

  • प्राथमिक/आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता।
  • स्रोत की विश्वसनीयता, मूल संदर्भ और तिथि का उल्लेख।
  • अनाम स्रोतों का उपयोग अपवादस्वरूप, पर्याप्त पुष्टि के साथ ही।
  • किसी भी थर्ड-पार्टी कंटेंट का उचित एट्रिब्यूशन/लाइसेंस अनुपालन।

4) रेटिंग स्केल (How We Rate)

रेटिंगअर्थकब लागू
सही (True)दावा साक्ष्यों से पूर्णतः पुष्ट।प्राथमिक/आधिकारिक प्रमाणों की स्पष्ट पुष्टि।
अधिकतर सही (Mostly True)मुख्य दावा सही, छोटे तत्व/संदर्भ में कमी।दावे का सार सत्य, पर कुछ विवरण अपूर्ण।
आंशिक रूप से सही (Half True)दावे के कुछ हिस्से सही, कुछ भ्रामक/कमी।मिश्रित साक्ष्य या संदर्भ-निर्भर।
भ्रामक (Misleading)तथ्य चुने/तोड़े-मरोड़े गए, गलत निष्कर्ष।संदर्भ/डेटा के चयन से गुमराह करना।
गलत (False)दावा साक्ष्यों के विपरीत/गलत।विश्वसनीय प्रमाण से स्पष्ट खंडन।
अपुष्ट (Unverified)पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं; जांच जारी।दावे की पुष्टि/खंडन संभव नहीं।

5) छवियाँ/वीडियो सत्यापन

  • रिवर्स-इमेज सर्च, की-फ्रेम विश्लेषण, मेटाडेटा जाँच।
  • जियो-लोकेशन (स्थानों का मैप/लैंडमार्क मिलान) और मौसम/समय का मिलान।
  • एडिट/डीपफेक संकेत: असामान्य किनारे, परछाइयाँ, परावर्तन, ऑडियो-वीडियो असंगति।

6) निष्पक्षता, हित-टकराव और स्वतंत्रता

  • संपादकीय और विज्ञापन के बीच स्पष्ट विभाजन; भुगतान का प्रभाव तथ्य-जांच पर नहीं।
  • हित-टकराव होने पर पारदर्शी प्रकटीकरण और संबंधित टीम सदस्य को प्रक्रिया से अलग करना।

7) पाठकों से सुझाव/इनपुट (Suggest a Claim)

यदि आप किसी दावे की फैक्ट-चेकिंग चाहते हैं, हमें लिखें:

  • ई-मेल: contact@pahalikhabar.com
  • विषय पंक्ति में लिखें: Fact-Check Request
  • शामिल करें: दावा/पोस्ट का लिंक/स्क्रीनशॉट, संदर्भ, तारीख/समय, आपके पास उपलब्ध प्रमाण।

8) सुधार और अपडेट (Corrections & Updates)

  • त्रुटि पाए जाने पर लेख में तुरंत सुधार और Correction/Update नोट जोड़ा जाता है।
  • महत्वपूर्ण बदलावों को लेख के शीर्ष पर प्रमुखता से दिखाया जाता है।
  • सुधार नीति का पालन: Correction Policy

9) पारदर्शिता (Transparency)

  • लेख में प्रयुक्त प्रमुख स्रोत, तरीके और सीमाएँ स्पष्ट रूप से बताई जाती हैं।
  • यदि किसी जानकारी की पुष्टि संभव न हो, तो उसे स्पष्ट रूप से “अपुष्ट” दर्शाया जाता है।

10) नीति में परिवर्तन

PahaliKhabar.com समय-समय पर इस नीति को अपडेट कर सकता है। सभी महत्वपूर्ण परिवर्तन इसी पेज पर प्रकाशित किए जाएंगे।

11) संपर्क

सम्पर्क व्यक्तिRakesh Kumar (Editor)
ई-मेलcontact@pahalikhabar.com
विषय पंक्तिFact-Checking Policy / Fact-Check Request

अंतिम अपडेट: अगस्त 2025 • PahaliKhabar.com