🔎 Fact-Checking Policy (तथ्य-जांच नीति)
PahaliKhabar.com पर हम सटीक, सत्यापित और संदर्भ-संपन्न जानकारी प्रकाशित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पेज बताता है कि हम दावों की पहचान कैसे करते हैं, उन्हें परखने के लिए कौन-सी पद्धतियाँ अपनाते हैं, रेटिंग कैसे तय होती है, और सुधार/अपडेट कैसे जारी किए जाते हैं।
1) किन दावों की फैक्ट-चेकिंग की जाती है?
- जन-हित से जुड़े दावे: नीतियाँ, चुनाव, स्वास्थ्य, शिक्षा, अर्थव्यवस्था, विज्ञान/टेक्नोलॉजी आदि।
- सोशल मीडिया/मैसेजिंग ऐप्स पर वायरल दावे (टेक्स्ट, इमेज, वीडियो)।
- लोकप्रिय हस्तियों/संस्थानों के सार्वजनिक बयान।
- ऐसे दावे जो गलत हों तो नुकसान/भ्रम की आशंका हो।
2) हमारी प्रक्रिया (Methodology)
- दावे की पहचान: वायरल/ट्रेंडिंग/पाठक-सुझाव/न्यूज़रूम मॉनिटरिंग से चयन।
- परिभाषा व दायरा: दावे का सटीक रूप, समय, स्थान और संदर्भ स्पष्ट करना।
- प्राथमिक स्रोत खोज: आधिकारिक वेबसाइट/दस्तावेज़, प्रेस रिलीज़, मान्य डेटाबेस, क़ानूनी/सरकारी रिकॉर्ड।
- द्वितीयक स्रोत समीक्षा: प्रतिष्ठित संस्थान, सहकर्मी-समीक्षित शोध, विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स।
- विशेषज्ञ इनपुट: विषय विशेषज्ञों से ऑन-रिकॉर्ड टिप्पणी/स्पष्टीकरण (जब आवश्यक हो)।
- ओपन-सोर्स टूल्स: रिवर्स-इमेज/वीडियो की-फ्रेम सर्च, मेटाडेटा, जियो-लोकेशन और टाइमस्टैम्प सत्यापन।
- राइट-टू-रिप्लाई: दावे से जुड़े व्यक्ति/संस्था को प्रतिक्रिया देने का उचित अवसर।
- निर्णय और रेटिंग: सबूतों के भार (weight of evidence) के आधार पर निष्कर्ष।
- पारदर्शिता: लेख में सभी प्रमुख स्रोत, स्क्रीनशॉट/आर्काइव लिंक (जब संभव) और तरीका स्पष्ट।
3) स्रोत मानक (Sourcing Standards)
- प्राथमिक/आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता।
- स्रोत की विश्वसनीयता, मूल संदर्भ और तिथि का उल्लेख।
- अनाम स्रोतों का उपयोग अपवादस्वरूप, पर्याप्त पुष्टि के साथ ही।
- किसी भी थर्ड-पार्टी कंटेंट का उचित एट्रिब्यूशन/लाइसेंस अनुपालन।
4) रेटिंग स्केल (How We Rate)
| रेटिंग | अर्थ | कब लागू |
|---|---|---|
| सही (True) | दावा साक्ष्यों से पूर्णतः पुष्ट। | प्राथमिक/आधिकारिक प्रमाणों की स्पष्ट पुष्टि। |
| अधिकतर सही (Mostly True) | मुख्य दावा सही, छोटे तत्व/संदर्भ में कमी। | दावे का सार सत्य, पर कुछ विवरण अपूर्ण। |
| आंशिक रूप से सही (Half True) | दावे के कुछ हिस्से सही, कुछ भ्रामक/कमी। | मिश्रित साक्ष्य या संदर्भ-निर्भर। |
| भ्रामक (Misleading) | तथ्य चुने/तोड़े-मरोड़े गए, गलत निष्कर्ष। | संदर्भ/डेटा के चयन से गुमराह करना। |
| गलत (False) | दावा साक्ष्यों के विपरीत/गलत। | विश्वसनीय प्रमाण से स्पष्ट खंडन। |
| अपुष्ट (Unverified) | पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं; जांच जारी। | दावे की पुष्टि/खंडन संभव नहीं। |
5) छवियाँ/वीडियो सत्यापन
- रिवर्स-इमेज सर्च, की-फ्रेम विश्लेषण, मेटाडेटा जाँच।
- जियो-लोकेशन (स्थानों का मैप/लैंडमार्क मिलान) और मौसम/समय का मिलान।
- एडिट/डीपफेक संकेत: असामान्य किनारे, परछाइयाँ, परावर्तन, ऑडियो-वीडियो असंगति।
6) निष्पक्षता, हित-टकराव और स्वतंत्रता
- संपादकीय और विज्ञापन के बीच स्पष्ट विभाजन; भुगतान का प्रभाव तथ्य-जांच पर नहीं।
- हित-टकराव होने पर पारदर्शी प्रकटीकरण और संबंधित टीम सदस्य को प्रक्रिया से अलग करना।
7) पाठकों से सुझाव/इनपुट (Suggest a Claim)
यदि आप किसी दावे की फैक्ट-चेकिंग चाहते हैं, हमें लिखें:
- ई-मेल: contact@pahalikhabar.com
- विषय पंक्ति में लिखें:
Fact-Check Request - शामिल करें: दावा/पोस्ट का लिंक/स्क्रीनशॉट, संदर्भ, तारीख/समय, आपके पास उपलब्ध प्रमाण।
8) सुधार और अपडेट (Corrections & Updates)
- त्रुटि पाए जाने पर लेख में तुरंत सुधार और Correction/Update नोट जोड़ा जाता है।
- महत्वपूर्ण बदलावों को लेख के शीर्ष पर प्रमुखता से दिखाया जाता है।
- सुधार नीति का पालन: Correction Policy
9) पारदर्शिता (Transparency)
- लेख में प्रयुक्त प्रमुख स्रोत, तरीके और सीमाएँ स्पष्ट रूप से बताई जाती हैं।
- यदि किसी जानकारी की पुष्टि संभव न हो, तो उसे स्पष्ट रूप से “अपुष्ट” दर्शाया जाता है।
10) नीति में परिवर्तन
PahaliKhabar.com समय-समय पर इस नीति को अपडेट कर सकता है। सभी महत्वपूर्ण परिवर्तन इसी पेज पर प्रकाशित किए जाएंगे।
11) संपर्क
| सम्पर्क व्यक्ति | Rakesh Kumar (Editor) |
|---|---|
| ई-मेल | contact@pahalikhabar.com |
| विषय पंक्ति | Fact-Checking Policy / Fact-Check Request |
