IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ परीक्षा हॉल और कैंपस की CCTV फुटेज अब पुलिस के लिए अहम साक्ष्य बन गई है। मुंबई क्राइम ब्रांच परीक्षा के दौरान साहिल की गतिविधियों से लेकर उनके हॉस्टल पहुंचने तक की फुटेज को जोड़कर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है। साहिल 18 सितंबर को IIT बॉम्बे के पवई परिसर स्थित हॉस्टल में मृत पाए गए थे।
परीक्षा हॉल की CCTV फुटेज में क्या दिखा?
जांच से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, 18 सितंबर को दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच की CCTV फुटेज पुलिस ने हासिल की है। इसमें परीक्षा समाप्त होने से कुछ समय पहले साहिल अपनी जेब की तरफ देखते नजर आते हैं। इसके बाद परीक्षा की निगरानी कर रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला उनसे बात करते हैं और उन्हें अन्य छात्रों से अलग ले जाते हैं। बाद में साहिल को परीक्षा हॉल से बाहर जाने के लिए कहा जाता दिखाई देता है।
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पुलिस अब इस फुटेज को कैंपस के दूसरे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग से जोड़ रही है। रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा हॉल से निकलने के बाद साहिल कैंपस से होते हुए करीब 1:25 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचे। उपलब्ध CCTV जानकारी के मुताबिक इसके बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकले। पुलिस इसी समय-क्रम को जांच का हिस्सा बनाकर देख रही है।
ChatGPT इस्तेमाल के आरोप से जुड़ा है मामला
साहिल के परिवार और संस्थान की ओर से सामने आए बयानों में घटना से पहले हुई परीक्षा का भी जिक्र है। संस्थान के शुरुआती बयान में परीक्षा के दौरान ChatGPT के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया था। हालांकि बाद में IIT बॉम्बे ने इस मामले में अपने पहले के संचार पर माफी मांगते हुए कहा कि घटना से पहले की परिस्थितियों की जांच अभी जारी है और जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष निकालना उचित नहीं था।
इसी मामले में साहिल के माता-पिता ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और संस्थान से जुड़े अन्य लोगों पर कथित जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST कानून के तहत मामला दर्ज किया है। इन आरोपों की जांच अभी जारी है और इन्हें जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा सकता।
क्राइम ब्रांच कर रही पूरे मामले की जांच
मामले की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच के पास है। जांच टीम हॉस्टल के कमरे और आसपास के क्षेत्र की जांच के साथ मोबाइल फोन तथा दूसरे डिजिटल साक्ष्यों का भी विश्लेषण कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, कमरे से कोई सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा हॉल से हॉस्टल पहुंचने के बीच क्या-क्या हुआ था।
इस बीच IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को उनके डीन पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। दूसरी ओर, फैकल्टी के एक वर्ग ने डूला के समर्थन में बयान दिया है। ऐसे में अब CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और पुलिस जांच से सामने आने वाले तथ्य मामले की अगली दिशा तय करेंगे।
पाठक IIT बॉम्बे की आधिकारिक वेबसाइट पर संस्थान से जुड़ी आधिकारिक सूचनाएं भी देख सकते हैं।