Jharkhand Student Protest: सरकार का कहना है कि उसने भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठी 98 प्रतिशत मांगें पूरी कर दी हैं। लेकिन सड़कों पर डटे हजारों अभ्यर्थी इस दावे को मानने को तैयार नहीं हैं। आखिर आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच यह फासला इतना बड़ा क्यों है?
13 में से सिर्फ 3 परीक्षाएं रद्द, बाकी मांगों का क्या?
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जुड़ी कुल 13 परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। सरकार ने इनमें से केवल 3 परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया, जबकि बाकी 10 परीक्षाओं पर अभी तक कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया है।
छात्र संगठनों का तर्क है कि जब तक सभी संदिग्ध परीक्षाओं की स्वतंत्र जांच पूरी नहीं होती, तब तक “98 प्रतिशत मांगें पूरी” कहना सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी है।
विधानसभा तक पहुंचा Jharkhand Student Protest, टकराव की नौबत
सोमवार को स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब हजारों अभ्यर्थी झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करते हुए घेराव करने पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, पानी की बौछार का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज भी किया।
टकराव इतना बढ़ गया कि विधानसभा की कार्यवाही अस्थायी रूप से स्थगित करनी पड़ी। कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबरें भी सामने आईं, हालांकि आधिकारिक तौर पर घायलों की संख्या की पुष्टि अभी बाकी है।
“शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना पूरी तरह गलत है।” — राहुल गांधी, कांग्रेस नेता
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की इस टिप्पणी के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। वहीं राज्य सरकार की ओर से आरोप लगाया गया कि विपक्ष छात्रों के आंदोलन को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
15 दिन से जारी था धरना, अब बना बड़ा टकराव
यह आंदोलन कोई अचानक भड़का घटनाक्रम नहीं है। अभ्यर्थी बीते करीब दो सप्ताह से लगातार धरना दे रहे थे। बीच में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। इसी बीच सरकार ने आंदोलन के दूसरे गुट से अलग से बातचीत की कोशिश भी की, जिसे कई अभ्यर्थियों ने बंटवारे की रणनीति बताया।
पूर्व JPSC अध्यक्ष की गिरफ्तारी ने बढ़ाई हलचल
Jharkhand Student Protest के बीच ही एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खिआंग्ते को भर्ती परीक्षा से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी ने अभ्यर्थियों के इस आरोप को बल दिया कि परीक्षा प्रक्रिया में वाकई गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- संदिग्ध सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए
- पूरे मामले की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच हो
- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
- पुलिस कार्रवाई की भी निष्पक्ष जांच हो
घटनाक्रम की टाइमलाइन
| तारीख | घटना |
|---|---|
| करीब 15 दिन पहले | परीक्षा गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन शुरू |
| 8 अगस्त | सरकार-प्रदर्शनकारी बातचीत बेनतीजा, दूसरे गुट से संपर्क की तैयारी |
| 10 अगस्त | विधानसभा घेराव, पुलिस कार्रवाई, कार्यवाही स्थगित |
| पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खिआंग्ते गिरफ्तार |
छात्र आंदोलन पर हेमंत सोरेन का बयान
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्र आंदोलन के दौरान स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति को संयम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभाला गया।
मुख्यमंत्री ने आंदोलन कर रहे युवाओं से भी कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों और बातों को शांतिपूर्ण तरीके से रखना उनका अधिकार है। उन्होंने युवाओं की ओर से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने की बात कही। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब उनके सोशल मीडिया पोस्ट पर भी चर्चा तेज हो गई है।
आज के छात्र आंदोलन के दौरान संयम, संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारियों एवं जवानों का मैं धन्यवाद करता हूं।
मेरे प्यारे युवा साथियों,
आपने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाई। लोकतंत्र में अपनी बात…
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 10, 2026
हेमंत सोरेन ने युवाओं को दिया न्याय का भरोसा
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनके साथ पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और न्याय होते हुए दिखाई भी देगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में युवाओं को संबोधित करने के साथ विश्व आदिवासी दिवस की भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी को बधाई, शुभकामनाएं और ‘जोहार’ कहा। मुख्यमंत्री के इस बयान को छात्र आंदोलन के बीच सरकार की ओर से युवाओं को दिए गए भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है।
मेरे युवा साथियों के साथ पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और न्याय होते हुए दिखाई भी देगा।
आज विश्व आदिवासी दिवस की सभी को बहुत-बहुत बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। pic.twitter.com/2SeOqn1TUD
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 9, 2026
झारखंड छात्र आंदोलन में अब आगे क्या होगा?
फिलहाल Jharkhand Student Protest थमने के आसार नहीं दिख रहे। अभ्यर्थियों का रुख साफ है — जब तक स्वतंत्र जांच का ऐलान नहीं होता, धरना जारी रहेगा। दूसरी तरफ सरकार पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है, क्योंकि पुलिस कार्रवाई के बाद जनभावना और उग्र हो गई है।
Jharkhand Student Protest से जुड़े अहम सवाल और जवाब
सवाल: झारखंड में छात्र आंदोलन किस वजह से हो रहा है?
जवाब: JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं।
सवाल: सरकार ने कितनी परीक्षाएं रद्द की हैं?
जवाब: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुल 13 में से सिर्फ 3 परीक्षाएं रद्द की गई हैं।
सवाल: विधानसभा घेराव के दौरान क्या हुआ?
जवाब: प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस, पानी की बौछार और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया, जिसके बाद विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
सवाल: क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
जवाब: हां, पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खिआंग्ते को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।
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