भारतीय रसोई में शायद ही कोई सब्जी हो जो प्याज जितनी अनिवार्य मानी जाती हो। सलाद से लेकर सब्जी की ग्रेवी तक, हर डिश का स्वाद इसके बिना अधूरा लगता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि Onion Health Benefits यानी प्याज के सेहत से जुड़े फायदे इतने व्यापक हैं कि यह लगभग एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है। हाल के कई वैज्ञानिक अध्ययनों में सामने आया है कि नियमित रूप से सही मात्रा में प्याज खाने से हड्डियों से लेकर दिल तक, शरीर के कई अंगों को फायदा मिल सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह चेतावनी देना भी नहीं भूलते कि जरूरत से ज्यादा सेवन कुछ लोगों के लिए मुसीबत भी बन सकता है।
हड्डियों की मजबूती में छिपा है Onion Health Benefits का राज़
एक शोध में पाया गया कि जो स्वस्थ लोग मध्यम आयु या रजोनिवृत्ति के बाद के पड़ाव में लगातार आठ हफ्तों तक रोजाना करीब 90 मिलीलीटर प्याज का रस लेते रहे, उनकी हड्डियों का क्षरण धीमा हुआ और हड्डियां पहले से मजबूत हुईं। एक अन्य अध्ययन के मुताबिक 50 साल से अधिक उम्र की जो महिलाएं रोजाना एक प्याज खाती हैं, उनकी हड्डियों का घनत्व करीब 5 प्रतिशत तक बेहतर हो सकता है और कूल्हे की हड्डी टूटने का खतरा करीब 20 प्रतिशत तक घट सकता है। प्याज में मौजूद क्वेरसेटिन नामक तत्व में जीवाणुरोधी गुण भी पाए गए हैं, और इसे तीन महीने तक स्टोर करने पर इसकी मात्रा और बढ़ जाती है।
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दिल की सेहत का रखवाला है प्याज

हृदय रोग विशेषज्ञों के लिए प्याज लंबे समय से दिलचस्पी का विषय रहा है। शोध बताते हैं कि प्याज ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल दोनों को नियंत्रित करने में मदद करता है, साथ ही इसमें रोगाणुरोधी गुण भी होते हैं। इसके पीछे मुख्य वजह है इसमें मौजूद क्वेरसेटिन। एक यूरोपीय अध्ययन में सामने आया कि जो लोग नियमित रूप से क्वेरसेटिन युक्त भोजन लेते हैं, उनमें खून का थक्का जमने और हृदय रोग का खतरा तुलनात्मक रूप से कम पाया गया। ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन तो और आगे बढ़कर बताता है — प्याज की परत से निकाले गए करीब 162 मिलीग्राम प्रतिदिन क्वेरसेटिन सप्लीमेंट लेने से उच्च रक्तचाप के मरीजों का औसत बीपी घटता पाया गया।
कैंसर के खतरे को घटाने में भी सहायक
प्याज और कैंसर के रिश्ते पर हुए शोध भी उत्साह बढ़ाने वाले हैं। एशिया पैसिफिक जर्नल ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी में छपे एक अध्ययन में कोलोरेक्टल कैंसर से पीड़ित और स्वस्थ, दोनों तरह के करीब आठ-आठ सौ लोगों की तुलना की गई। नतीजों में सामने आया कि जो लोग नियमित रूप से प्याज-लहसुन जैसी सब्जियां खाते थे, उनमें कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा करीब 79 प्रतिशत तक कम पाया गया।

एक अलग अध्ययन में यह भी देखा गया कि प्याज में मौजूद सल्फर युक्त यौगिकों ने कोलोरेक्टल कैंसर के मरीजों में प्रतिरक्षा क्षमता बेहतर करने और ट्यूमर की बढ़त धीमी करने में भूमिका निभाई। इस पूरे विषय पर हुई विस्तृत रिसर्च आप WebMD की इस रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।
डायबिटीज और पाचन के लिए भी फायदेमंद
शुगर के मरीजों के लिए भी प्याज को लेकर उम्मीद जगी है। पशुओं पर हुए एक अध्ययन में प्याज का डायबिटीज-रोधी असर देखा गया, वहीं इंसानों पर हुए परीक्षण में यह रक्त शर्करा को घटाने में सहायक पाया गया। इसके अलावा प्याज में मौजूद फाइबर और प्रीबायोटिक तत्व आंत के अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देकर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं। अगर आप रोजमर्रा की डाइट में ऐसे ही और सुपरफूड्स शामिल करना चाहते हैं, तो यह लेख भी काम आएगा — सिर्फ 5 दानों का चमत्कार, जानें ये हेल्थ टिप्स।
लेकिन ज्यादा प्याज खाना पड़ सकता है भारी
फायदों की इस लंबी फेहरिस्त के बीच योगगुरु और पतंजलि आयुर्वेद से जुड़े आचार्य बालकृष्ण ने भी हाल ही में एक जरूरी चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि प्याज भले ही एक औषधि की तरह काम करता है, लेकिन इसका हद से ज्यादा सेवन पेट संबंधी परेशानियां भी खड़ी कर सकता है। पोषण विशेषज्ञों की सलाह भी इससे मिलती-जुलती है। डॉक्टरों के मुताबिक एक व्यक्ति को रोजाना आधे से एक कच्चे प्याज से ज्यादा नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे ज्यादा मात्रा कुछ लोगों में ब्लोटिंग, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी शिकायतें पैदा कर सकती है। इतना ही नहीं, कच्चा प्याज खून को पतला करने का भी काम करता है, इसलिए जो लोग पहले से खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं, उन्हें इसका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं के लिए भी सतर्कता जरूरी बताई गई है, क्योंकि अधिक मात्रा में प्याज लेने से दिल की धड़कनें बढ़ने का खतरा रहता है। वहीं जिन लोगों को पहले से लो ब्लड प्रेशर की शिकायत है या जो बीपी की दवा ले रहे हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना अपनी डाइट में अचानक ज्यादा प्याज शामिल नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह पहले से घटे बीपी को और नीचे ले जा सकता है।
Onion Health Benefits का सही फायदा कैसे उठाएं
कुल मिलाकर तस्वीर साफ है — रोजाना की डाइट में सीमित मात्रा में प्याज शामिल करना सेहत के लिए वाकई फायदेमंद साबित हो सकता है, बशर्ते इसे संयम के साथ खाया जाए। किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले एक बार डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

