लेखक: पहली खबर डेस्क
एशियाई खेलों में भारत की ऐतिहासिक सफलता के बाद देश में जश्न का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में भारतीय दल के एशियन गेम्स 2026 पदक विजेता खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ से मुलाकात कर उनका सम्मान किया। भारत ने जापान के आइची-नागोया में संपन्न एशियन गेम्स 2026 में कुल 85 पदक जीतकर इतिहास रचा है। इस मौके पर पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को आगे के बड़े लक्ष्यों के लिए प्रोत्साहित भी किया। आइए, इस खास मौके से जुड़े हर सवाल का जवाब जानें।

भारत ने एशियन गेम्स 2026 पदक विजेता बनकर कितने पदक जीते?
भारत के एशियन गेम्स 2026 पदक विजेता खिलाड़ियों ने कुल 85 पदक जीते — 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य। इसके साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। चीन ने 341 पदकों के साथ पहला, जापान ने 260 पदकों के साथ दूसरा और दक्षिण कोरिया ने 150 पदकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। यह हांग्जो 2023 में जीते गए रिकॉर्ड 106 पदकों के बाद भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ एशियन गेम्स प्रदर्शन है। सबसे खास बात यह रही कि पहली बार खेलों में उतरे युवा खिलाड़ियों ने कुल 41 पदक अपने नाम किए।
महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन कैसा रहा?
भारत की इस सफलता में महिला खिलाड़ियों का योगदान सबसे चमकदार रहा। महिला एशियन गेम्स 2026 पदक विजेता खिलाड़ियों ने 85 में से 38 पदक जीते, जिनमें 11 स्वर्ण पदक शामिल हैं। भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल के इंतजार के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता — 1982 के बाद पहला हॉकी स्वर्ण। महिला कबड्डी टीम ने भी स्वर्ण अपने नाम किया। खिताब का बचाव करने वाली महिला क्रिकेट टीम भी समारोह में मौजूद रही। क्रिकेट टीम की दिग्गज हरमनप्रीत कौर ने प्रधानमंत्री को अपनी टीम की हस्ताक्षरित जर्सी भेंट की। महिला हॉकी कप्तान सलीमा टेटे ने पीएम को हॉकी स्टिक सौंपी, जबकि खिलाड़ियों ने हस्ताक्षरित जर्सियां और एक शॉल भी दीं। 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड ने प्रधानमंत्री को धनुष भेंट किया।
खेलों में कौन-कौन से ऐतिहासिक कारनामे हुए?
इस बार कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बने। भारत ने सॉफ्ट टेनिस और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में एशियन गेम्स का पहला पदक जीता। महिला ट्रैप शूटिंग में पहला स्वर्ण पदक आया। भारोत्तोलन में 28 साल बाद भारत को पदक (रजत) मिला, जबकि ग्रीको-रोमन कुश्ती में रजत पदक ने 64 साल का इंतजार खत्म किया। तीरंदाजों ने पांच स्वर्ण पदक जीते। एशियन गेम्स 2026 पदक विजेता इन नए खेलों में भी जीत रहे हैं — यही “नया भारत” की पहचान है। महिला क्रिकेट में स्मृति मंधाना की 5000 रन की उपलब्धि जैसे प्रदर्शनों ने भी देश का ध्यान खेलों की ओर खींचा है।
सम्मान समारोह में कौन-कौन मौजूद था?
मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित इस सम्मान समारोह में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और ICC चेयरमैन जय शाह मौजूद रहे। पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट टीमों ने समारोह में हिस्सा लिया; महिला टीम रायपुर से सीधे दिल्ली पहुंची थी। श्रेयस अय्यर के नेतृत्व वाली पुरुष टी20 टीम भी मौजूद रही।
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को क्या संदेश दिया?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खिलाड़ियों ने 140 करोड़ भारतीयों को गर्व से भर दिया है। उनके अनुसार सबसे बड़ी सफलता तिरंगे को सबसे ऊंचा लहराना है और यह जीत सिर्फ खिलाड़ियों की नहीं, पूरे देश की है। उन्होंने महिला खिलाड़ियों की विशेष सराहना की और क्रिकेट, हॉकी व तीरंदाजी में शानदार प्रदर्शन की तारीफ की। पीएम ने कहा कि एशियन गेम्स 2026 पदक विजेता खिलाड़ी एक “नए भारत” का चेहरा हैं जो नए खेलों में भी जीत रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों से 2028 के ओलंपिक और 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए और ऊंचा लक्ष्य रखने का आह्वान किया। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में खेल विकास को भी श्रेय दिया, जिसमें टॉप्स (TOPS) और खेलो इंडिया जैसी योजनाएं शामिल हैं। देश की आर्थिक प्रगति की तरह खेलों में भी भारत नई ऊंचाइयां छू रहा है।
इन जीतों का भारत के लिए क्या महत्व है?
इन पदकों का महत्व सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है। सॉफ्ट टेनिस और MMA जैसे नए खेलों में पहली बार पदक जीतना बताता है कि भारत का खेल तंत्र अब सिर्फ पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं रहा। पहली बार उतरे खिलाड़ियों के 41 पदक यह संदेश देते हैं कि देश में नई प्रतिभाओं की पंक्ति मजबूत हो रही है। केंद्रीय खेल मंत्रालय के अनुसार (अमर उजाला/ANI रिपोर्ट) पीएम ने कहा कि यह सफलता 12 साल के खेल सुधारों का परिणाम है। समारोह की विस्तृत जानकारी के लिए IANS रिपोर्ट भी पढ़ें। ये एशियन गेम्स 2026 पदक विजेता अब 2028 के ओलंपिक की तैयारी में जुट गए हैं।

