मुंबई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सोमवार को पुरुष टीम की चयन समिति में बड़े बदलाव का ऐलान कर दिया। पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा चीफ सेलेक्टर की कुर्सी पर बैठेंगे और पूर्व ऑफ स्पिनर रमेश पवार को भी पांच सदस्यीय पैनल में जगह मिली है। बोर्ड ने साफ किया कि सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने के अनुभव के आधार पर ओझा को समिति की अध्यक्षता सौंपी गई है।

एक नजर में नई चयन समिति
- अध्यक्ष (चीफ सेलेक्टर): प्रज्ञान ओझा
- सदस्य: शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा, रमेश पवार
- चयन प्रक्रिया: BCCI की क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) के अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे ने आवेदनों की स्क्रीनिंग और इंटरव्यू लिए
- फैसला: CAC ने सर्वसम्मति से रमेश पवार के नाम की सिफारिश की
प्रज्ञान ओझा चीफ सेलेक्टर कैसे बने
दरअसल, यह कुर्सी तब खाली हुई जब अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त हुआ। जुलाई 2023 में जिम्मेदारी संभालने वाले अगरकर के दौर को भारतीय क्रिकेट का स्वर्णिम युग माना जा रहा है — उनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने तीन ICC ट्रॉफियां, दो एशिया कप खिताब और एशियन गेम्स में लगातार दो गोल्ड मेडल जीते। बोर्ड ने अगरकर के योगदान की सराहना भी की है।
BCCI की क्रिकेट सलाहकार समिति ने पिछले हफ्ते मुंबई स्थित बोर्ड मुख्यालय में आवेदकों की स्क्रीनिंग और इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी की। प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं और समिति में वरिष्ठता का निर्धारण टेस्ट अनुभव के आधार पर किया गया। इसी आधार पर ओझा को पैनल की कमान मिली।
रमेश पवार की एंट्री क्यों खास है
48 वर्षीय रमेश पवार ने 2004 से 2007 के बीच भारत के लिए 2 टेस्ट और 31 वनडे मुकाबले खेले। लेकिन असली पहचान उन्होंने कोच के तौर पर बनाई — वह दो बार भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच रहे। उनके कार्यकाल में महिला टीम ने एशिया कप का खिताब जीता और 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक हासिल किया।
पवार ने मुंबई को विजय हजारे ट्रॉफी जिताने में कोच की भूमिका निभाई और हाल ही में गुजरात की सीनियर पुरुष टीम के हेड कोच थे। जानकारों के मुताबिक, इस दौड़ में वसीम जाफर, सलिल अंकोला, जैकब मार्टिन और कॉनर विलियम्स जैसे पूर्व खिलाड़ी भी थे, जिन्हें पछाड़कर पवार ने यह जगह हासिल की।
आगे क्या चुनौतियां हैं
नई समिति के सामने सबसे पहली बड़ी परीक्षा टीम इंडिया के आगामी दौरों और बड़े टूर्नामेंटों के लिए संतुलित टीम चुनने की होगी। न्यूजीलैंड दौरे के लिए स्क्वाड का ऐलान पहले ही हो चुका है, जिसमें युवा नेतृत्व पर दांव खेला गया है। अब ओझा की टीम को भविष्य की प्रतिभाओं को मौका देने और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलन की परीक्षा देनी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक पूर्व स्पिनर का चीफ सेलेक्टर बनना टीम के गेंदबाजी संयोजन के लिए फायदेमंद हो सकता है। वहीं, महिला क्रिकेट का गहरा अनुभव रखने वाले रमेश पवार का आना पैनल में कोचिंग की नजर भी लेकर आएगा।

