भारतीय क्रिकेट में चयन समिति के प्रमुख पद को लेकर बड़ी हलचल मच गई है। पूर्व भारतीय ओपनर वसीम जाफर ने अजीत आगरकर के कार्यकाल की समाप्ति के बाद खाली हुए चयन समिति के पद के लिए आवेदन कर दिया है — और इस तरह वसीम जाफर चीफ सेलेक्टर बनने की दौड़ में खुलकर सामने आ गए हैं।
जाफर ने समाचार एजेंसी PTI से बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “हां, मैंने इस नौकरी के लिए आवेदन किया है।” भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 6 अक्टूबर को “पुरुष चयन समिति में एक पद” के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे, और 14 अक्टूबर आवेदन की अंतिम तारीख थी। अब क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) को यह तय करना है कि खाली कुर्सी किसे मिलेगी।

घरेलू क्रिकेट के बेजोड़ रिकॉर्ड के मालिक जाफर
48 वर्षीय वसीम जाफर का घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड लगभग अतुलनीय है। उन्होंने 260 प्रथम श्रेणी मैचों में 50.67 की औसत से 19,410 रन बनाए, जिनमें 57 शतक शामिल हैं। रणजी ट्रॉफी के इतिहास में उनके 12,038 रन आज भी सर्वाधिक हैं — एक ऐसा रिकॉर्ड जो दशकों से अडिग है।
भारत के लिए जाफर ने 2000 से 2008 के बीच 31 टेस्ट खेले, जिनमें 1,944 रन बनाए। पांच शतक और 11 अर्धशतक उनके नाम हैं, औसत 34.10 का रहा। वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट दोहरे शतक उनकी सबसे यादगार पारियां मानी जाती हैं। दो वनडे भी उन्होंने खेले।
सबसे ज्यादा टेस्ट खेलने वाले का अध्यक्ष बनने का दावा
BCCI के मौजूदा नियमों के तहत चयन समिति का वही सदस्य अध्यक्ष (चीफ सेलेक्टर) बनने का पात्र होता है, जिसने सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेले हों। मौजूदा पैनल में अंतरिम अध्यक्ष प्रज्ञान ओझा ने 24 टेस्ट खेले हैं — जाफर के 31 टेस्ट उनसे अधिक हैं। यानी अगर CAC जाफर के नाम पर मुहर लगाती है, तो नियमानुसार वह स्वतः चीफ सेलेक्टर बन सकते हैं। पात्रता के नियमों के मुताबिक उम्मीदवार को कम से कम सात टेस्ट या 30 प्रथम श्रेणी मैच खेले होने चाहिए, और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से संन्यास लिए कम से कम पांच साल हो चुके होने चाहिए।
ओझा की दावेदारी भी कमजोर नहीं
हालांकि खबरों के मुताबिक BCCI प्रज्ञान ओझा को ही पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में बरकरार रखने के पक्ष में है। ओझा आगरकर के जाने के बाद से अंतरिम चीफ सेलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, और बोर्ड के भीतर उनके लिए मजबूत समर्थन बताया जा रहा है। पूर्व ऑफ-स्पिनर रमेश पोवार — जो भारतीय महिला टीम के कोच रह चुके हैं — ने भी इस पद के लिए आवेदन किया है। CAC ने कनर विलियम्स और जैकब मार्टिन का भी इंटरव्यू लिया है। समिति के मौजूदा अन्य सदस्य आरपी सिंह, अजय रात्रा और शिव सुंदर दास हैं।
आगरकर का कार्यकाल क्यों समाप्त हुआ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक अजीत आगरकर का अनुबंध अक्टूबर की शुरुआत में समाप्त हो गया, और बोर्ड व आगरकर ने इसे नवीनीकृत न करने का फैसला किया। कुछ रिपोर्ट्स में इसका कारण रोहित शर्मा के चयन को लेकर मतभेद बताया गया है। आगरकर समिति में वेस्ट जोन का प्रतिनिधित्व करते थे।
2027 वर्ल्ड कप की नजर में बेहद अहम फैसला
यह नियुक्ति भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि टीम को अब 2027 के वनडे वर्ल्ड कप (दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित) की तैयारी करनी है। CAC की अध्यक्षता अशोक मल्होत्रा कर रहे हैं, जिसमें जतिन परांजपे भी शामिल हैं — यही समिति अंतिम नाम चुनेगी।
दिलचस्प बात यह है कि जाफर ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर आगरकर के कार्यकाल को 10 में से 7 अंक दिए थे। उन्होंने सफेद गेंद क्रिकेट में टीम की सफलता की तारीफ की, लेकिन कुछ स्थितियों को बेहतर तरीके से संभालने की जरूरत बताई — साथ ही विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से जल्दी संन्यास पर भी सवाल उठाए। सेवानिवृत्ति के बाद जाफर ने राज्य टीमों, आईपीएल फ्रेंचाइजी और बांग्लादेश जैसी अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ कोचिंग की है, और क्रिकेट पंडित के रूप में भी सक्रिय हैं।
फैसला कब आएगा, यह CAC पर निर्भर है — लेकिन एक बात तय है: चीफ सेलेक्टर की कुर्सी के लिए यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के अगले अध्याय की दिशा तय करेगा।

