Rajasthan Weather Today: राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। 6 सितंबर 2026 को राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश और एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अजमेर, उदयपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।
Rajasthan Weather Today: इन इलाकों में ज्यादा बारिश का खतरा
IMD के 6 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी राजस्थान आज मौसम की दृष्टि से सबसे ज्यादा सक्रिय रहेगा। भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग के जिला-स्तरीय चेतावनी डेटा में कई इलाकों के लिए गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवा के साथ बारिश की संभावना दर्ज की गई है। कोटा क्षेत्र में भारी बारिश के साथ तेज हवा की संभावना भी बताई गई है।
ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण सड़कों पर पानी जमा होने और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
जयपुर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी जयपुर में भी आज मौसम बदला हुआ रहने की संभावना है। IMD जयपुर केंद्र के अनुसार जयपुर सहित पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने तथा कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
जयपुर में बारिश के दौरान कुछ इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है। इसलिए लोगों को मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
6 सितंबर को भी बारिश से राहत नहीं
मौसम विभाग के अनुसार 7 सितंबर को भी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। खासकर भरतपुर और जयपुर संभाग में मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
वहीं कोटा, अजमेर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यानी रविवार को भी राज्य के कई इलाकों में मानसूनी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
हालांकि 8 सितंबर से राजस्थान के लिए व्यापक स्तर पर कोई बड़ी चेतावनी नहीं दिखाई गई है। IMD के सब-डिविजनल वार्निंग में पूर्वी राजस्थान के लिए 7 सितंबर से कोई चेतावनी दर्ज नहीं है।
पश्चिमी राजस्थान में भी गरज-चमक का अलर्ट

पश्चिमी राजस्थान में आज बहुत भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, लेकिन मौसम पूरी तरह शांत भी नहीं रहेगा। IMD ने 6 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान में Thunderstorm & Lightning और Squall की चेतावनी जारी की है। 7 सितंबर को भी गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।
इसका मतलब है कि पश्चिमी जिलों में बारिश कम होने के बावजूद अचानक मौसम बदल सकता है। खुले मैदानों, खेतों और पेड़ों के आसपास रहने वाले लोगों को आकाशीय बिजली के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, लेकिन लगातार या तेज बारिश कुछ इलाकों में परेशानी भी बढ़ा सकती है। खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है।
गरज-चमक के दौरान किसानों को खुले खेत में काम करने से बचना चाहिए। बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ के नीचे खड़े होना सुरक्षित विकल्प नहीं है। मौसम खराब होने पर नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाना बेहतर रहेगा।
राजस्थान में बारिश के दौरान क्या सावधानी रखें?
बारिश और आंधी के दौरान कुछ सामान्य सावधानियां लोगों को परेशानी से बचा सकती हैं।
- तेज बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचें।
- जलभराव वाली सड़क पर वाहन लेकर जाने से पहले स्थिति जांच लें।
- नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी को पार करने की कोशिश न करें।
- बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में न रहें।
- पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर इमारतों से दूरी बनाए रखें।
- स्थानीय प्रशासन और IMD के ताजा अलर्ट पर नजर रखें।
राजस्थान में आज का मौसम: क्या है पूरा अपडेट?
कुल मिलाकर Rajasthan Weather Today की तस्वीर देखें तो 6 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में बारिश सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाली है। भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि अजमेर, उदयपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में बारिश के मुकाबले गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा ज्यादा है। 7 सितंबर को भी कुछ इलाकों में बारिश जारी रह सकती है, जबकि इसके बाद मौसम की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है।
लोगों को सलाह है कि मौसम से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अफवाहों के बजाय भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें।

