सोमवार की सुबह शेयर बाजार खुलते ही एक ही नाम सबकी जुबान पर था — रिलायंस, क्योंकि रिलायंस Q2 नतीजे आ चुके थे। वजह भी बड़ी थी। देश की सबसे बड़ी कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही के ऐसे नतीजे जारी किए हैं, जो उसके अपने इतिहास में अब तक के सबसे मजबूत हैं। मुनाफा, कमाई और ऑपरेटिंग प्रॉफिट — तीनों ने एक साथ रिकॉर्ड बनाया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा इस तिमाही में ₹29,550 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹22,092 करोड़ से 33.8% ज्यादा है। कंपनी की कुल आय 27.8% बढ़कर ₹3,62,268 करोड़ हो गई, जबकि EBITDA 23.9% की बढ़त के साथ ₹62,409 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। नतीजे शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद आए थे, इसलिए असली प्रतिक्रिया सोमवार को दिखी — और वह जोरदार रही। शुरुआती कारोबार में शेयर 4% से ज्यादा चढ़ा और दिन के दौरान 6% तक की छलांग लगाई, जिसे दो साल से ज्यादा समय की सबसे तेज एकदिनी तेजी बताया जा रहा है। सुबह करीब 9:41 बजे शेयर ₹1,242 के आसपास कारोबार कर रहा था।

रिलायंस Q2 नतीजे: एक नजर में आंकड़े
- शुद्ध मुनाफा: ₹29,550 करोड़ (33.8% की बढ़त, रिकॉर्ड)
- कुल आय: ₹3,62,268 करोड़ (27.8% की बढ़त, रिकॉर्ड)
- EBITDA: ₹62,409 करोड़ (23.9% की बढ़त, रिकॉर्ड)
- वित्त वर्ष की पहली छमाही का मुनाफा: ₹50,000 करोड़ के पार
- बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर जुटाने की योजना को भी मंजूरी दी
कमाई का असली इंजन कौन?
इस बार कमाई की अगुवाई ऑयल-टू-केमिकल यानी O2C कारोबार ने की। रिलायंस Q2 नतीजे में इस कारोबार की आय 44.2% बढ़कर ₹2.32 लाख करोड़ हो गई और इसका EBITDA 67.9% उछलकर ₹25,203 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के मुताबिक, ग्लोबल फ्यूल मार्जिन में सुधार, पेट्रोकेमिकल स्प्रेड का बेहतर होना और घरेलू मांग की मजबूती ने इस कारोबार को रफ्तार दी। कुल ऑपरेटिंग मुनाफे में O2C की हिस्सेदारी करीब 41% रही। चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भी खास तौर पर इसी कारोबार के प्रदर्शन का जिक्र किया।
Jio की रफ्तार जारी, रिटेल ने किया निराश
डिजिटल कारोबार में Jio Platforms की आय 11.3% बढ़कर ₹47,485 करोड़ हो गई। इसका EBITDA 16.6% बढ़कर ₹21,879 करोड़ रहा और मार्जिन 250 बेसिस पॉइंट सुधरकर 54.1% हो गया। शुद्ध मुनाफा 13.7% बढ़कर ₹8,387 करोड़ रहा। प्रति यूजर औसत आय (ARPU) भी बढ़कर ₹218.80 प्रति माह हो गई, जो पिछले साल ₹211.40 थी। सब्सक्राइबर बढ़ना, बेहतर यूजर मिक्स और डिजिटल सेवाओं की ग्रोथ को इसकी वजह बताया गया है। खास बात यह है कि ये रिलायंस Q2 नतीजे Jio Platforms के ₹30,188 करोड़ के आईपीओ के ठीक बाद आए हैं, जिसके बाद वह ग्रुप की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन गई है।
दूसरी तरफ, रिटेल कारोबार ने थोड़ा निराश किया। रिटेल वेंचर्स का मुनाफा करीब एक-चौथाई घटा, हालांकि इसकी आय बढ़ी। कंपनी का कहना है कि त्योहारी कैलेंडर का तीसरी तिमाही में खिसकना इसकी एक वजह है — यानी दिवाली की खरीदारी का बड़ा हिस्सा अगली तिमाही के आंकड़ों में दिखेगा। ऑयल और गैस कारोबार का EBITDA भी सरकारी लेवी बढ़ने से थोड़ा घटा।
आपके लिए इसका क्या मतलब है?
पहला, रिलायंस Q2 नतीजे बताते हैं कि रिलायंस की कमाई अब किसी एक कारोबार पर टिकी नहीं है — तेल, डिजिटल और रिटेल, तीनों पहिए एक साथ घूम रहे हैं, भले ही किसी एक तिमाही में कोई पहिया धीमा पड़ जाए। दूसरा, Jio के ARPU में बढ़त का सीधा संबंध आम यूजर से है — टेलीकॉम कंपनियों की कमाई बढ़ने का मतलब है कि डेटा और डिजिटल सेवाओं पर खर्च बढ़ रहा है, और कंपनियां अब सस्ते प्लान से ज्यादा वैल्यू वाले प्लान की तरफ बढ़ रही हैं। तीसरा, बाजार की प्रतिक्रिया से यह साफ है कि निवेशक इस तिमाही को महज एक अच्छे आंकड़े के तौर पर नहीं, बल्कि ग्रुप की आगे की कहानी के तौर पर देख रहे हैं।
हालांकि, एक सावधानी भी जरूरी है। शेयर में एक दिन की तेज उछाल किसी शेयर की लंबी अवधि की सेहत की गारंटी नहीं होती। यह खबर निवेश सलाह नहीं है — कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से बात जरूर करें।
आगे क्या देखना होगा?
अगली तिमाही पर सबकी नजर रहेगी, क्योंकि उसमें दिवाली की खरीदारी का पूरा असर रिटेल आंकड़ों में दिखेगा। साथ ही, Jio के लिस्टेड होने के बाद उसके तिमाही आंकड़ों पर बाजार की नजर और बारीक होगी। अगर O2C मार्जिन ऐसे ही बने रहे और Jio की ग्रोथ जारी रही, तो यह वित्त वर्ष रिलायंस के लिए रिकॉर्ड साल बन सकता है। रिलायंस Q2 नतीजे के बाद फिलहाल, इतना तय है कि सोमवार का दिन रिलायंस और उसके निवेशकों के नाम रहा।

