लखनऊ। लखनऊ के कैफे कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 11 दिनों से फरार चल रही मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश को भी पकड़ा गया है।
यह भी पढ़ें: दिल्ली विंटर एक्शन प्लान | ग्रेटर नोएडा केस
मामले की मुख्य बातें एक नजर में
- 9 अक्टूबर को लखनऊ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट में चौथी मंजिल से गिरकर हुई थी शिवा शर्मा की मौत
- मां रंजना शर्मा की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज, श्रद्धा दुबे मुख्य आरोपी
- 20 अक्टूबर को लखनऊ पुलिस, यूपी एसटीएफ और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तारी
- तीनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था
- मां ने करीब 10 दिन तक बेटे की अस्थियां रखकर गिरफ्तारी का किया था इंतजार

अवध ग्रीन अपार्टमेंट में वह रात
9 अक्टूबर की रात लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। शुरुआत में घटना संदिग्ध लग रही थी, लेकिन मृतक की मां रंजना शर्मा ने इसे सामान्य घटना मानने से साफ इनकार कर दिया।
मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। परिजनों ने आरोप लगाया कि शिवा को कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाता था और धमकियां दी जाती थीं। इन आरोपों की पुष्टि हालांकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
श्रद्धा दुबे: नेपाल सीमा से नागपुर तक
शिवा की मौत के बाद से ही श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और चालक पुलिस की पकड़ से बाहर थे। तलाश के दौरान पुलिस को नेपाल सीमा, रायबरेली, लखनऊ और आगरा समेत कई जगहों से सुराग मिले। अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों ने जांच को आगे बढ़ाया।
आखिरकार 20 अक्टूबर को लखनऊ पुलिस, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और नागपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने नागपुर में दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। नागपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर ठिकाने का पता लगाया। रिपोर्टों के अनुसार, तीनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
मां ने कहा — न्याय की दिशा में पहला कदम
गिरफ्तारी के बाद शिवा की मां रंजना शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश सरकार और लखनऊ पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी से उन्हें राहत मिली है, लेकिन बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
रंजना शर्मा के लिए ये दिन किसी इम्तिहान से कम नहीं थे। परिवार के मुताबिक, उन्होंने करीब दस दिनों तक शिवा की अस्थियों का विसर्जन नहीं किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रतीक्षा करती रहीं। अब तीनों के पकड़े जाने के बाद वह हरिद्वार जाकर बेटे की अस्थियों का विसर्जन करेंगी।
दोनों पक्षों के दावे, जांच जारी
मामले का एक दिलचस्प पहलू यह है कि श्रद्धा दुबे ने पहले अपने एक वीडियो और मीडिया के सामने खुद को निर्दोष बताते हुए शिवा की मौत को आत्महत्या करार दिया था। ऐसे में पुलिस के सामने दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान करना बड़ी चुनौती है।
तीनों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच में कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है — शिवा की मौत किन परिस्थितियों में हुई? घटना से पहले उनके साथ क्या हुआ था? आरोपियों की कथित भूमिका क्या थी? पुलिस की पूछताछ से इन सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।
बाहरी स्रोत
नोट: यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। आरोपों को अंतिम सत्य तभी माना जाएगा जब अदालत अपना फैसला सुनाएगी।

