नई दिल्ली, 27 सितंबर 2026: मतदाता सूची में बदलाव के लिए चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और कांग्रेस के बीच SIR विवाद बढ़ गया है। दोनों तरफ से लगातार एक-दूसरे पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने SIR के तरीके पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
इसके बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी और कांग्रेस से माफी मांगने को कहा है।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
विवाद के बीच चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को SIR को लेकर अपनी बात रखी।
आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।
आयोग का कहना है कि अधिकारियों के बीच किसी मुद्दे पर अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन अंतिम फैसला सभी की सहमति से लिया गया।
कांग्रेस क्या कह रही है?
कांग्रेस लगातार SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम हटाने और उनकी जांच को लेकर कई सवाल हैं।
राहुल गांधी ने 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनावों में कथित “मैच फिक्सिंग” का आरोप लगाया।
यह राहुल गांधी का आरोप है। चुनाव आयोग और बीजेपी की ओर से इस पर अलग जवाब दिया गया है।
कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग भी की गई है।
हिमंत सरमा ने क्या कहा?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले यह कह रही थी कि SIR से जुड़े फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले ले रहे हैं।
सरमा ने चुनाव आयोग के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति की बात कही गई है।
इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की।
SIR विवाद क्यों है?
SIR का सीधा संबंध मतदाता सूची की जांच से है। इस दौरान मतदाताओं के रिकॉर्ड देखे जा रहे हैं।
कुछ जगहों पर जानकारी में गड़बड़ी मिलने के बाद लोगों को नोटिस भी दिए गए हैं।
दिल्ली में चुनाव अधिकारियों ने साफ किया है कि नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति का नाम तुरंत मतदाता सूची से हटा दिया गया है।
पहले दस्तावेजों और जानकारी की जांच होगी। उसके बाद नाम को लेकर फैसला किया जाएगा।
आगे क्या होगा?
SIR को लेकर चुनाव आयोग और कांग्रेस के बीच विवाद अभी जारी है।
कांग्रेस इस प्रक्रिया के तरीके पर सवाल उठा रही है। चुनाव आयोग अपने फैसले को सही बता रहा है।
बीजेपी नेता भी कांग्रेस के आरोपों का जवाब दे रहे हैं।
इस मुद्दे पर आगे भी बयान और राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।