एक नजर में: टेक महिंद्रा Q2 नतीजे की बड़ी बातें
- Q2FY27 शुद्ध मुनाफा: ₹1,585.6 करोड़ (+32.7% सालाना)
- रेवेन्यू: ₹16,180.2 करोड़ (+15.6% सालाना)
- EBITDA: ₹2,878.5 करोड़ (+32.8%), EBIT मार्जिन 14.8%
- अंतरिम डिविडेंड: ₹15 प्रति शेयर (फेस वैल्यू का 300%)
- बोनस शेयर: 1:1 (शेयरधारकों की मंजूरी पर)
- शेयर: 8.48% चढ़कर ₹1,790 पर बंद

भारतीय आईटी सेक्टर के लिए 16 अक्टूबर का दिन खास रहा। टेक महिंद्रा ने सितंबर तिमाही (Q2FY27) के नतीजे जारी किए और नतीजे बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहे। टेक महिंद्रा Q2 नतीजे में कंपनी का मुनाफा करीब एक तिहाई बढ़ गया — और इसी के साथ बोर्ड ने निवेशकों को दो बड़े तोहफे दिए: ₹15 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड और 1:1 बोनस शेयर।
नतीजों की गहराई में: मुनाफा रेवेन्यू से तेज बढ़ा
टेक महिंद्रा का जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 32.7% सालाना बढ़कर ₹1,585.6 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा ₹1,194.5 करोड़ था। खास बात यह है कि मुनाफे की रफ्तार रेवेन्यू से दोगुनी रही — रेवेन्यू 15.6% बढ़कर ₹16,180.2 करोड़ पहुंचा, जबकि EBITDA 32.8% बढ़कर ₹2,878.5 करोड़ हो गया।
कंपनी का EBIT ₹2,387 करोड़ रहा, जिसमें 40.5% की सालाना बढ़त दर्ज की गई, और मार्जिन 14.8% पर पहुंचा। डॉलर के लिहाज से देखें तो तिमाही रेवेन्यू 1,693 मिलियन डॉलर रहा, जिसमें स्थिर मुद्रा (कांस्टेंट करेंसी) आधार पर 7.2% की सालाना बढ़त हुई।
शेयर में 8% की छलांग, निफ्टी का टॉप परफॉर्मर
नतीजों के बाद टेक महिंद्रा का शेयर NSE पर 8.48% चढ़कर ₹1,790 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ₹1,797 के ऊपरी स्तर तक गया, जबकि पिछला बंद भाव ₹1,650 था। दिलचस्प यह रहा कि जिस दिन सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में कारोबार कर रहे थे, उसी दिन टेक महिंद्रा निफ्टी 50 का टॉप परफॉर्मर बना। निफ्टी आईटी इंडेक्स में भी करीब 2% की बढ़त देखी गई, और इंफोसिस, विप्रो तथा TCS जैसे दिग्गजों के शेयरों में भी खरीदारी हुई।
बोनस शेयर और डिविडेंड: निवेशकों को क्या मिलेगा?
बोर्ड ने ₹5 फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर ₹15 का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है — यानी फेस वैल्यू का 300%। इसके अलावा 1:1 बोनस शेयर का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है, जिसके तहत पात्र शेयरधारकों को हर मौजूदा शेयर पर एक अतिरिक्त पूर्णतः चुकता शेयर मिलेगा। हालांकि यह प्रस्ताव शेयरधारकों की मंजूरी (पोस्टल बैलेट के जरिए) पर निर्भर है। बोर्ड ने अधिकृत शेयर पूंजी ₹924.3 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा है।
आम भाषा में समझें तो बोनस शेयर का मतलब है कि आपके पास जितने शेयर हैं, उतने ही अतिरिक्त शेयर मुफ्त में मिलेंगे — हालांकि इससे कंपनी का कुल मूल्य नहीं बढ़ता, शेयर की कीमत उसी अनुपात में समायोजित हो जाती है।
डील पाइपलाइन मजबूत, AI पर दांव
कंपनी ने इस तिमाही में 1.023 अरब डॉलर की नई डील जीतीं — नई डील साइनिंग में 25.4% की सालाना बढ़त। लगातार चार तिमाहियों से हर तिमाही में 1 अरब डॉलर से अधिक की डील जीतना कंपनी की बिक्री क्षमता को दर्शाता है।
CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित जोशी ने कहा कि लगातार चार तिमाहियों से 1 अरब डॉलर से अधिक की डील जीतना ग्राहकों के गहरे भरोसे को दर्शाता है। CFO रोहित आनंद ने बताया कि यह मार्जिन विस्तार की लगातार 12वीं तिमाही है, जो अनुशासित क्रियान्वयन का नतीजा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश से उत्पादकता बढ़ेगी और भविष्य की क्षमताएं तैयार होंगी।
ब्रोकरेज की राय: किसी को भरोसा, कोई सतर्क
नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउसों की राय बंटी हुई दिखी:
- जेफरीज ने रेटिंग ‘अंडरवेट’ से बढ़ाकर ‘होल्ड’ की और टारगेट प्राइस ₹1,260 से बढ़ाकर ₹1,540 किया। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी का ग्रोथ आउटलुक सुधर रहा है।
- मोतीलाल ओसवाल ने ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी और टारगेट ₹1,950 किया — यानी मौजूदा भाव से करीब 18% की बढ़त की उम्मीद।
- कोटक सिक्योरिटीज ने ‘बाय’ रेटिंग के साथ टारगेट ₹1,870 किया।
- सिटी ने सतर्क रुख अपनाते हुए ‘सेल’ रेटिंग और ₹1,355 का टारगेट बरकरार रखा।
निवेशकों के लिए संकेत
टेक महिंद्रा के नतीजे दिखाते हैं कि भारतीय आईटी सेक्टर में मार्जिन विस्तार और डील पाइपलाइन दोनों मजबूत हो रहे हैं। ब्रोकरेज की राय बंटी होने के कारण निवेशकों को अपनी रिसर्च और जोखिम क्षमता के हिसाब से फैसला लेना चाहिए।
(नोट: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है।)

