ट्रंप का यूएन भाषण मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान को लेकर दिए गए कड़े बयान के कारण चर्चा में रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के सामने समझौते का रास्ता खुला है, लेकिन अगर समझौता नहीं होता तो अमेरिका आगे की कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी अपना रुख दोहराया।
दिलचस्प बात यह है कि संयुक्त राष्ट्र में कड़ा संदेश देने के कुछ समय बाद ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच हुई करीब तीन घंटे की बैठक को “बहुत अच्छी” बताया। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक और बैठक हो सकती है। ऐसे में सार्वजनिक बयान और पर्दे के पीछे चल रही बातचीत दोनों इस समय सुर्खियों में हैं।
IIT बॉम्बे प्रोफेसर डूला छुट्टी पर, साहिल वाकोडे केस में जांच
ट्रंप ने ईरान को क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप ने ईरान के सामने समझौते का विकल्प रखते हुए कहा कि अगर डील नहीं होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने अमेरिकी सैन्य ताकत का भी जिक्र किया और ईरान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कड़ा संदेश दिया।
ईरान की सेना ने ट्रंप की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत: CCTV में परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक की गतिविधियां सामने आईं
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी बातचीत
ईरान-अमेरिका तनाव में होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा भी अहम बना हुआ है। CBN की रिपोर्ट के अनुसार ईरानी पक्ष ने बातचीत आगे बढ़ाने के लिए नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, संपत्तियां जारी करने और युद्ध समाप्त करने जैसी शर्तों का संकेत दिया है।
होर्मुज दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। इसलिए यहां किसी बड़े व्यवधान का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ सकता है।
ट्रंप के तेल और ड्रग्स वाले दावों पर सवाल
ट्रंप ने अपने भाषण में अमेरिका और वेनेजुएला के पास दुनिया के 60 प्रतिशत से ज्यादा तेल होने का दावा किया। लेकिन एसोसिएटेड प्रेस की जांच का हवाला देते हुए आउटलुक ने बताया कि दोनों देशों के प्रमाणित तेल भंडार को जोड़ने पर यह हिस्सा करीब 22 प्रतिशत बैठता है।
ड्रग्स को लेकर ट्रंप ने समुद्री रास्तों से आने वाले 97 प्रतिशत ड्रग्स को रोकने का दावा भी किया। फैक्ट-चेक में कहा गया कि जब्ती के आंकड़ों से यह तय नहीं किया जा सकता कि कुल तस्करी का कितना हिस्सा रोका गया, क्योंकि जो ड्रग्स पकड़े नहीं गए उनका पूरा आंकड़ा उपलब्ध नहीं होता।
अब आगे क्या होगा?
ट्रंप का यूएन भाषण ईरान को लेकर अमेरिकी नीति का कड़ा संदेश जरूर देता है, लेकिन उसी दिन हुई तीन घंटे की बातचीत बताती है कि कूटनीतिक संपर्क भी जारी है। अब अगली बैठक और दोनों देशों की शर्तों पर नजर रहेगी।
फिलहाल ईरान के खिलाफ बयानबाजी के साथ बातचीत का रास्ता भी खुला हुआ है। आने वाले दिनों में इसी से पता चलेगा कि दोनों देश टकराव बढ़ाते हैं या समझौते की दिशा में आगे बढ़ते हैं।