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1. नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी: ‘मिशन इलेक्ट्रिक 2030’ का ऐलान
Union Budget 2026 की सबसे बड़ी घोषणा है ‘मिशन इलेक्ट्रिक 2030’ के तहत एक नई समग्र इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी। इसके तहत 2030 तक देश में 30% नई वाहन बिक्री इलेक्ट्रिक होने का लक्ष्य रखा गया है। इस मिशन के लिए अगले 5 वर्षों में 2.5 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस फंड का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव, बैटरी रिसर्च और पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए किया जाएगा। यह कदम भारत को वैश्विक EV हब बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है।
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2. FAME III योजना: 12,000 करोड़ रुपये का पैकेज
फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME) योजना का अगला चरण, FAME III, को मंजूरी मिल गई है। Union Budget 2026 में इसके लिए 12,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। FAME III के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर सब्सिडी की सीमा बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति वाहन कर दी गई है। वहीं, इलेक्ट्रिक कारों के लिए सब्सिडी 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये की गई है। यह सीधे ग्राहकों की जेब पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा और EV की कीमतों को और कम करेगा।
3. कस्टम ड्यूटी में छूट: EV कंपोनेंट्स सस्ते होंगे
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने EV बैटरी, मोटर्स और कंट्रोलर्स जैसे कुछ महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स पर आयातित कस्टम ड्यूटी में 5% की कमी की है। इससे घरेलू निर्माताओं का उत्पादन लागत कम होगा, जिसका फायदा अंततः खरीदार को कम कीमत के रूप में मिलेगा। इस कदम का उद्देश्य ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत घरेलू विनिर्माण को मजबूती देना भी है।
4. जीएसटी में राहत: इंटरनल कम्बस्शन इंजन (ICE) वाहनों को भी फायदा
सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही नहीं, पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों के लिए भी Union Budget 2026 में एक अहम राहत दी गई है। 10 लाख रुपये तक की कीमत वाली सभी पर्सनल व्हीकल्स (कार्स और बाइक्स) पर जीएसटी की दर 28% से घटाकर 25% कर दी गई है। यह घोषणा मध्यम वर्ग के परिवारों और पहली बार कार खरीदने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। इससे मारुति, हुंडई, टाटा, महिंद्रा जैसी कंपनियों की कॉम्पैक्ट SUV और सेडान सेगमेंट को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
5. स्क्रैपेज पॉलिसी का विस्तार: पुराने वाहन हटेंगे, नए की बिक्री बढ़ेगी
वॉलंटरी व्हीकल फ्लीट मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम यानी स्क्रैपेज पॉलिसी को और आकर्षक बनाया गया है। अब 15 साल से पुराने वाणिज्यिक वाहनों और 20 साल से पुराने पर्सनल वाहनों को स्क्रैप कराने पर मालिक को नया वाहन खरीदने के लिए अतिरिक्त टैक्स रिबेट दिया जाएगा। साथ ही, स्क्रैपेज सेंटर्स स्थापित करने के लिए उद्यमियों को विशेष कॉर्पोरेट टैक्स छूट का प्रस्ताव दिया गया है। इससे पुराने, प्रदूषण फैलाने वाले वाहन सड़कों से हटेंगे और नई गाड़ियों की मांग बढ़ेगी, जिससे सेक्टर को गति मिलेगी।
6. रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के लिए विशेष प्रोत्साहन
ऑटो सेक्टर में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने Union Budget 2026 में ऑटोमोटिव R&D पर खर्च पर 150% का टैक्स डिडक्शन देने की घोषणा की है। यह मौजूदा 100% डिडक्शन से अधिक है। इसका मतलब है कि अगर कोई कंपनी हाइड्रोजन फ्यूल सेल, एडवांस्ड बैटरी टेक्नोलॉजी या ऑटोनॉमस व्हीकल्स पर शोध पर पैसा खर्च करेगी, तो उसे कर में भारी छूट मिलेगी। यह भारत को मोबिलिटी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
7. लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर: एक्सप्रेसवे और फ्रेट कॉरिडोर
वाहनों की बिक्री सिर्फ नीतियों से नहीं, बेहतर सड़कों से भी बढ़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस Union Budget 2026 में 5 नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और 10 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्कों के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। बेहतर रोड इंफ्रास्रक्चर से न सिर्फ कमर्शियल व्हीकल्स की डिमांड बढ़ेगी, बल्कि लंबी दूरी की यात्रा के लिए पर्सनल कारों की खरीदारी को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
उद्योग जगत और विशेषज्ञों की क्या है प्रतिक्रिया?
ऑटोमोबाइल सेक्टर के दिग्गजों ने इस बजट का स्वागत किया है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने कहा, “Union Budget 2026 ने दीर्घकालिक विकास और अल्पकालिक मांग, दोनों को संबोधित किया है। जीएसटी कटौती से तत्काल बूस्ट मिलेगा, जबकि EV पॉलिसी और R&D प्रोत्साहन हमें भविष्य के लिए तैयार करेंगे।”
वहीं, एक प्रमुख ऑटो एनालिस्ट, स्वाति खन्ना का कहना है, “FAME III और कस्टम ड्यूटी में कटौती से EV की कुल स्वामित्व लागत (Total Cost of Ownership) और कम होगी। अब चुनौती चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने की है। इस बजट ने वह रास्ता दिखा दिया है।”
आम खरीदार के लिए इसका क्या मतलब है?
आप अगले कुछ महीनों में ये बदलाव अपनी जेब पर महसूस करेंगे:
- 10 लाख तक की नई कार/बाइक सस्ती: जीएसटी कम होने से ऑन-रोड प्राइस में कमी आएगी।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल ज्यादा अफोर्डेबल: FAME III सब्सिडी के कारण इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारों पर खर्च कम होगा।
- पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराने पर फायदा: नई गाड़ी खरीदने पर अतिरिक्त टैक्स बचत होगी।
- अधिक विकल्प: R&D को बढ़ावा मिलने से आने वाले वर्षों में तकनीकी रूप से उन्नत और ईंधन-कुशल वाहन बाजार में आएंगे।
सेक्टर के लिए एक नई सुबह
Union Budget 2026 ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार ऑटोमोबाइल सेक्टर को देश की आर्थिक वसूली और रोजगार सृजन का मुख्य आधार मानती है। परंपरागत और भविष्य की तकनीक, दोनों को साथ लेकर चलने का इस बजट में संतुलन दिखाई देता है। अगर इन नीतियों का सही तरीके से क्रियान्वयन होता है, तो न सिर्फ ऑटो सेक्टर तेज गति से आगे बढ़ेगा, बल्कि भारत वैश्विक मोबिलिटी रेवोल्यूशन में भी अग्रणी भूमिका निभा सकता है। ऐसा लगता है कारों और बाइक्स के शोरूम में फिर से रौनक लौटने का वक्त आ गया है।
सारांश
Union Budget 2026 में ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए 7 बड़ी घोषणाएं की गई हैं। इनमें नई EV पॉलिसी ‘मिशन इलेक्ट्रिक 2030’, FAME III योजना, EV कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी में कटौती, 10 लाख रुपये तक के वाहनों पर जीएसटी में 3% की कमी, स्क्रैपेज पॉलिसी का विस्तार, R&D पर 150% टैक्स डिडक्शन और नए एक्सप्रेसवे निर्माण शामिल हैं। इन कदमों से सेक्टर को मजबूती मिलने और ग्राहकों को सस्ते वाहन मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्ट: राकेश कुमार, वरिष्ठ व्यापार संवाददाता
प्रकाशित: आज दोपहर 3:45 बजे









