चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार को तीन दिन के स्टेट विजिट पर वॉशिंगटन पहुंचे, और उनके पहुंचते ही अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को लेकर चल रही खींचतान में भी थोड़ी नरमी देखने को मिली। यह पिछले छह महीनों में डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की दूसरी सीधी मुलाकात है। इससे पहले मई में ट्रंप खुद बीजिंग गए थे।
असामान्य रूप से बड़ा स्वागत
शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन जॉइंट बेस एंड्रयूज पर स्थानीय समयानुसार शाम 6:01 बजे पहुंचे। आमतौर पर विदेशी राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत इतने बड़े स्तर पर नहीं किया जाता, लेकिन इस बार खुद डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप विमान की सीढ़ियों तक पहुंचकर शी और पेंग का स्वागत करने पहुंचे।
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इस दौरान अमेरिकी वायुसेना के B-1 Lancer सुपरसोनिक बॉम्बर्स ने आसमान में फ्लाईपास्ट भी किया। बाद में रिपोर्टर्स से बात करते हुए ट्रंप ने इस स्वागत को “बेहतरीन” बताया और कहा कि उन्हें लगता है चीनी पक्ष को यह स्वागत पसंद आया होगा।
ट्रेड ट्रूस को मिला दो महीने का एक्सटेंशन
इस दौरे की सबसे बड़ी खबर व्यापार से जुड़ी रही। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने Fox News से बातचीत में बताया कि दोनों देशों के बीच चल रहा ट्रेड ट्रूस अब 10 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। यह डील पहले नवंबर में खत्म होने वाली थी। यह ट्रूस मूल रूप से अक्टूबर 2025 में दक्षिण कोरिया के बुसान में हुई बातचीत के बाद अस्तित्व में आया था, इसीलिए इसे “बुसान एग्रीमेंट” भी कहा जाता है।
गौर करने वाली बात यह है कि चीन इस ट्रूस को दो साल तक बढ़ाना चाहता था, लेकिन अमेरिका ने सिर्फ दो महीने का ही एक्सटेंशन दिया। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि यह अमेरिका की एक सोची-समझी रणनीति है, ताकि चीन पर रेयर अर्थ मिनरल्स की सप्लाई और अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद जैसी अपनी पुरानी प्रतिबद्धताएं पूरी करने का दबाव बना रहे।
व्हाइट हाउस में क्या-क्या तय है
शी जिनपिंग के दौरे के दौरान व्हाइट हाउस में कई औपचारिक कार्यक्रम तय किए गए हैं। इनमें साउथ पोर्टिको पर औपचारिक स्वागत, ओवल ऑफिस में द्विपक्षीय बैठक, और उसके बाद कैबिनेट रूम में विस्तृत बातचीत शामिल है। इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच उपहारों का आदान-प्रदान, सैन्य परेड और शाम को एक स्टेट डिनर भी आयोजित होगा, जिसमें टेक्नोलॉजी और बैंकिंग सेक्टर की कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है।
किन मुद्दों पर होगी बातचीत
व्यापार के अलावा इस मुलाकात में ईरान, ताइवान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व सेमीकंडक्टर चिप्स से जुड़े मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं, जो अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से तनाव की वजह रहे हैं। रेयर अर्थ एक्सपोर्ट और सोयाबीन, गेहूं व बीफ जैसे कृषि उत्पादों की खरीद को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस मुलाकात से किसी बड़े ब्रेकथ्रू की उम्मीद नहीं की जा रही, बल्कि इसे दोनों देशों के बीच फिलहाल स्थिरता बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। नवंबर में चीन में होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और दिसंबर में फ्लोरिडा में G20 समिट के दौरान भी दोनों नेताओं की मुलाकात हो सकती है, जहां व्यापार से जुड़े लंबित मुद्दों पर आगे बातचीत होने की उम्मीद है।