आज दिवाली है। घर-घर दीये जल रहे हैं, मिठाइयां बंट रही हैं और बच्चे आतिशबाजी का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस बार त्योहार की खुशी के साथ एक चिंता भी जुड़ी है — हवा। दिल्ली-NCR में दिवाली से पहले ही हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच चुकी है, और आज रात पटाखों का धुआं इसमें और जुड़ जाएगा। ऐसे में दिवाली पर सेहत का ध्यान रखना सिर्फ सलाह नहीं, जरूरत है।
7 नवंबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 दर्ज किया गया था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी के ऊपरी छोर पर है। आज सुबह भी हवा में सुधार नहीं दिखा है — लाइव रीडिंग में AQI 300 के पार बना हुआ है और मुख्य प्रदूषक PM2.5 है, यानी हवा में मौजूद बारीक कण सीधे फेफड़ों तक पहुंच रहे हैं। दिल्ली-NCR में GRAP का दूसरा चरण 2 नवंबर से लागू है, जिसके तहत सड़क की धूल, निर्माण और डीजल जनरेटर पर सख्ती बढ़ा दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस बार दिल्ली-NCR में सिर्फ प्रमाणित ग्रीन पटाखों की इजाजत दी है, वह भी सिर्फ 7 और 8 नवंबर को, सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक। 9 नवंबर से पटाखों पर फिर से पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा। अस्पतालों, स्कूलों, नर्सिंग होम और वृद्धाश्रमों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाना पूरी तरह मना है। सिर्फ CSIR-NEERI से प्रमाणित, QR कोड वाले ग्रीन पटाखे ही मान्य हैं।

दिवाली पर सेहत: 7 टिप्स जो आज ही काम आएंगे
1. अस्थमा और सांस के मरीज इनहेलर साथ रखें
अगर घर में किसी को अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या सांस की तकलीफ है, तो इनहेलर और दवाएं आज अपने पास रखें। पटाखों के धुएं से अचानक सांस फूल सकती है। रात 8 से 10 बजे के बीच, जब पटाखे जलेंगे, ऐसे मरीजों को घर के अंदर ही रहना चाहिए।
2. बाहर निकलें तो N95 मास्क पहनें
साधारण कपड़े वाला मास्क PM2.5 को नहीं रोकता। बाहर जाते समय N95 मास्क पहनें, खासकर बच्चे और बुजुर्ग। धुएं वाली जगह से गुजरते समय मास्क उतारें नहीं।
3. सुबह की सैर आज टाल दें
दिवाली की सुबह धुंध और धुआं सबसे ज्यादा होता है। आज सुबह की सैर या बाहर व्यायाम टालना ही बेहतर है। घर के अंदर हल्की स्ट्रेचिंग या योग कर लें।
4. मिठाई खाएं, पर हिसाब से
डायबिटीज वाले लोगों के लिए दिवाली की मिठाइयां सबसे बड़ी चुनौती हैं। एक-दो टुकड़े चखना ठीक है, लेकिन भरपेट मिठाई खाना शुगर बढ़ा सकता है। खाने के बाद थोड़ी देर टहलना न भूलें।
5. पटाखे जलाते समय आंखों और हाथों का ध्यान रखें
पटाखे जलाते समय चश्मा या सेफ्टी गॉगल्स पहनें। बच्चों को पटाखे अकेले न जलाने दें और जलाने के बाद हाथ जरूर धोएं। हल्की जलन पर तुरंत ठंडा पानी डालें और गंभीर जलने पर डॉक्टर के पास जाएं, घरेलू नुस्खों पर भरोसा न करें।
6. घर की हवा साफ रखें
दिन में खिड़कियां बंद रखें और अगर एयर प्यूरीफायर है तो उसे चालू रखें। तुलसी या मनी प्लांट जैसे पौधे घर की हवा को थोड़ा बेहतर करते हैं, लेकिन प्यूरीफायर का विकल्प नहीं हैं।
7. रात 8 से 10 बजे बच्चे-बुजुर्ग घर के अंदर रहें
पटाखों का सबसे ज्यादा धुआं रात 8 से 10 बजे के बीच उठता है। इस दौरान छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर रखना सबसे सुरक्षित है।
दिवाली खुशियों का त्योहार है, और थोड़ी सावधानी से यह सेहतमंद भी रह सकता है। दीये जलाइए, अपनों के साथ वक्त बिताइए — और हवा को लेकर लापरवाही बिल्कुल न बरतिए।
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