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साल में सिर्फ 2 इंजेक्शन से HIV से बचाव, कीमत जानकर हैरान रह जाएंगे

HIV से बचाव के लिए साल में सिर्फ दो बार लगने वाला इंजेक्शन अब सस्ता होने जा रहा है। डॉ. रेड्डीज के जेनेरिक लेनाकापाविर को FDA की शुरुआती मंजूरी मिली है — जानिए यह दवा क्या है, कीमत कितनी होगी और भारत में कब मिलेगी।

लेनाकापाविर इंजेक्शन HIV बचाव प्रतीकात्मक फोटो

कल्पना कीजिए कि HIV से बचाव के लिए रोज़ाना गोली खाने की मजबूरी खत्म हो जाए और साल में सिर्फ दो बार एक इंजेक्शन ही काफी हो। यही वादा है लेनाकापाविर इंजेक्शन का — और अब यह वादा सस्ता होने की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ गया है। हैदराबाद की दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज के बनाए जेनेरिक संस्करण को अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) से शुरुआती मंजूरी मिल गई है, जिससे 120 निम्न और मध्यम आय वाले देशों में यह सुरक्षा सालाना सिर्फ 40 डॉलर में मिलने का रास्ता खुल गया है।

डॉ. रेड्डीज ने 2 नवंबर 2026 को घोषणा की कि उसके जेनेरिक लेनाकापाविर को FDA से ‘टेंटेटिव अप्रूवल’ यानी शुरुआती मंजूरी मिल गई है। यह इस दवा का दुनिया का पहला जेनेरिक संस्करण है।

सस्ता लेनाकापाविर इंजेक्शन जेनेरिक दवा
लेनाकापाविर जेनेरिक इंजेक्शन HIV बचाव (प्रतीकात्मक फोटो)

क्या हुआ है: 2 नवंबर को मिली बड़ी मंजूरी

डॉ. रेड्डीज ने 2 नवंबर 2026 को घोषणा की कि उसके जेनेरिक लेनाकापाविर को FDA से ‘टेंटेटिव अप्रूवल’ यानी शुरुआती मंजूरी मिल गई है। यह इस दवा का दुनिया का पहला जेनेरिक संस्करण है। कंपनी गिलियड साइंसेज से स्वैच्छिक लाइसेंस पाने वाली छह कंपनियों में पहली है, जिसे FDA की समीक्षा से हरी झंडी मिली है। इस उपलब्धि में वैश्विक स्वास्थ्य संगठन यूनिटएड, दक्षिण अफ्रीका का विट्स आरएचआई संस्थान और क्लिंटन हेल्थ एक्सेस इनिशिएटिव (CHAI) ने तकनीकी और नियामकीय सहयोग दिया है।

लेनाकापाविर इंजेक्शन क्या है: PrEP का नया रूप

लेनाकापाविर एक लॉन्ग-एक्टिंग इंजेक्शन है, जो HIV संक्रमण से बचाव (प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस, यानी PrEP) के लिए दिया जाता है। इसे साल में सिर्फ दो बार लगवाना होता है, जबकि अब तक PrEP का मतलब रोज़ाना गोली खाना था — जिसमें एक भी खुराक छूटने पर सुरक्षा कम हो जाती थी। मूल दवा को गिलियड ने ‘येज़्टुगो’ नाम से बनाया है और FDA ने इसे जून 2025 में यौन संपर्क से HIV के खतरे वाले वयस्कों और कम से कम 35 किलोग्राम वज़न वाले किशोरों के लिए मंजूरी दी थी।

‘टेंटेटिव अप्रूवल’ का मतलब समझिए

‘टेंटेटिव’ शब्द से भ्रम हो सकता है, इसलिए इसे साफ समझना ज़रूरी है। इसका मतलब यह है कि डॉ. रेड्डीज की दवा FDA के सुरक्षा, असर और गुणवत्ता के सभी मानकों पर खरी उतरी है — बस मूल दवा के पेटेंट अभी लागू होने के कारण यह अमेरिका में बेची नहीं जा सकती। यही मंजूरी इसे अमेरिकी सरकार की खरीद योजनाओं, जैसे PEPFAR, के तहत खरीदे जाने योग्य बनाती है। यानी यह कोई आधी-अधूरी मंजूरी नहीं, बल्कि जेनेरिक दवाओं के लिए FDA की तय प्रक्रिया है।

कीमत का फर्क: 28,218 डॉलर बनाम 40 डॉलर

इस खबर की सबसे चौंकाने वाली बात कीमत है। ब्रांडेड येज़्टुगो की अमेरिका में सालाना सूची कीमत 28,218 डॉलर (लगभग 25 लाख रुपये) है। इसके मुकाबले जेनेरिक संस्करण की कीमत 120 देशों के लिए सालाना सिर्फ 40 डॉलर (लगभग साढ़े तीन हज़ार रुपये) तय की गई है। यह कीमत सितंबर 2025 में डॉ. रेड्डीज, यूनिटएड, विट्स आरएचआई और CHAI के बीच हुए समझौते के तहत तय हुई थी। 700 गुना से भी ज़्यादा का यह फर्क ही वह वजह है, जिससे गरीब और मध्यम आय वाले देशों में बड़े पैमाने पर बचाव कार्यक्रम संभव हो सकेंगे।

भारत और दुनिया के लिए क्या मायने हैं

यह दवा हैदराबाद की कंपनी ने बनाई है, और इसका फायदा भारत जैसे देशों तक भी पहुंचने की उम्मीद है — हालांकि भारत में उपलब्धता के लिए स्थानीय नियामकीय मंजूरी और सरकारी खरीद की प्रक्रिया अभी बाकी है, इसलिए इसे तुरंत उपलब्ध मानना गलत होगा। शुरुआती खुराकें 2026 के अंत से पहले कुछ देशों तक पहुंचने की उम्मीद है, जिनमें ज़ांबिया का नाम शुरुआती देशों में लिया गया है। 2027 में इसका दायरा और बढ़ेगा। ग्लोबल फंड ने 2028 तक 30 लाख लोगों तक यह सुरक्षा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, जबकि CHAI के मुताबिक दुनिया में करीब 2 करोड़ लोगों को PrEP की ज़रूरत है — यानी मंज़िल अभी दूर है, लेकिन रास्ता खुल गया है।

ज़रूरी सावधानी

लेनाकापाविर बचाव की दवा है, HIV का इलाज नहीं। यह पहले से संक्रमित व्यक्ति के लिए नहीं है। PrEP शुरू करने से पहले HIV टेस्ट और डॉक्टर की सलाह ज़रूरी होती है। पाठकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि यह जेनेरिक संस्करण अभी भारत के बाज़ार में नहीं आया है — जब भी यह उपलब्ध होगा, वह सरकारी कार्यक्रमों या डॉक्टर की सलाह से ही होगा, किसी विज्ञापन या सोशल मीडिया पोस्ट के भरोसे नहीं।

स्रोत: क्लिंटन हेल्थ एक्सेस इनिशिएटिव की प्रेस विज्ञप्ति यहां पढ़ें और यूनिटएड की घोषणा यहां पढ़ें। संबंधित खबरें: कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन कैप और सर्दियों में जोड़ों का दर्द

लेखक

Rakesh Kumar

नमस्कार, मैं राकेश कुमार हूँ। PAHALI KHABAR के माध्यम से मैं आपके लिए ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, खेल और अन्य महत्वपूर्ण खबरें लेकर आता हूँ। मेरा उद्देश्य है कि आपको हर खबर सरल भाषा में, सही तथ्यों के साथ और समय पर मिले।

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