दिल्ली-NCR में सर्दी की दस्तक के साथ ही प्रदूषण ने भी रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) एक ही दिन में ‘मॉडरेट’ से ‘पुअर’ कैटेगरी में पहुंच गया, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली AQI GRAP-1 — यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का पहला चरण — तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

क्या हुआ? आंकड़ों में समझिए
- 20 अक्टूबर: दिल्ली का AQI 179 — ‘मॉडरेट’ कैटेगरी
- 21 अक्टूबर दोपहर 2 बजे: AQI उछलकर 244 — ‘पुअर’ कैटेगरी (201-300)
- 22 अक्टूबर सुबह 7 बजे: AQI 226 — अभी भी ‘पुअर’ में
- सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाके: चांदनी चौक 306-307 और जहांगीरपुरी 309 — दोनों ‘वेरी पुअर’ कैटेगरी में; मंदिर मार्ग, पंजाबी बाग, श्रीफोर्ट और द्वारका सेक्टर-8 भी खराब श्रेणी में
CAQM की GRAP उप-समिति ने बैठक में हवा की स्थिति और IMD-IITM के पूर्वानुमान की समीक्षा की। पूर्वानुमान में अगले दिनों में भी AQI के ‘पुअर’ कैटेगरी में बने रहने की आशंका जताई गई, जिसके बाद स्टेज-1 के सभी 25 एक्शन पॉइंट पूरे NCR में लागू करने के निर्देश दिए गए।
GRAP-1 में क्या-क्या पाबंदियां हैं?
स्टेज-1 का मकसद प्रदूषण को स्रोत पर ही रोकना है, ताकि हालात और न बिगड़ें। प्रमुख पाबंदियां:
- निर्माण स्थलों पर सख्त धूल नियंत्रण — मलबा ढकना, पानी का छिड़काव, मैकेनाइज्ड सफाई
- खुले में कचरा जलाने पर रोक — नगर निगम कचरा, पत्तियां या बायोमास जलाना प्रतिबंधित
- डीजल जनरेटर सेटों पर अंकुश — केवल आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं में सीमित इस्तेमाल
- तंदूरों में कोयला-लकड़ी पर बैन — होटल, रेस्टोरेंट और खुले ढाबों में सिर्फ बिजली, गैस या स्वच्छ ईंधन
- वाहन जांच तेज — PUC मानदंडों का सख्त पालन, दिखने में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई
- अंतर-शहरी/अंतर-राज्यीय बसों पर पाबंदी — दिल्ली-NCR में प्रवेश करने वाली कुछ बसों पर रोक
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा — दिल्ली मेट्रो 22 अक्टूबर से सप्ताह के दिनों में 20 अतिरिक्त फेरे चलाएगी
नागरिकों से अपील की गई है कि वे AQI पर नजर रखें, PUC सर्टिफिकेट वैध रखें, गाड़ी आइडल न छोड़ें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट या कार-पूलिंग को प्राथमिकता दें और प्रदूषण की शिकायतें तय ऐप्स पर दर्ज करें।
सवाल-जवाब: आपकी सेहत के लिए जरूरी
सवाल: खराब हवा सेहत को कैसे नुकसान पहुंचाती है?
जवाब: PM2.5 जैसे महीन कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर सांस की तकलीफ, खांसी, आंखों में जलन और अस्थमा बढ़ा सकते हैं। बुजुर्गों, बच्चों और हृदय रोगियों के लिए जोखिम सबसे ज्यादा है।
सवाल: घर के अंदर हवा कैसे साफ रखें?
जवाब: सुबह-शाम खिड़कियां बंद रखें, एयर प्यूरीफायर चलाएं (या गीले कपड़े से पोछा लगाएं), और घर में धूम्रपान या अगरबत्ती से बचें।
सवाल: बाहर निकलना जरूरी हो तो क्या करें?
जवाब: N95 मास्क पहनें — साधारण कपड़े का मास्क महीन कणों को नहीं रोकता। भीड़-भाड़ वाले समय और मुख्य सड़कों से बचें।
सवाल: मॉर्निंग वॉक जारी रखें या रोक दें?
जवाब: AQI 200 से ऊपर होने पर सुबह की सैर टाल दें या घर के अंदर हल्का व्यायाम करें। सुबह के समय प्रदूषण सबसे ज्यादा होता है।
सवाल: खान-पान में क्या बदलाव मददगार है?
जवाब: खूब पानी पिएं, विटामिन-C से भरपूर फल (आंवला, संतरा) खाएं — ये शरीर को प्रदूषण के ऑक्सीडेटिव तनाव से लड़ने में मदद करते हैं।
सवाल: बच्चों और बुजुर्गों के लिए खास सावधानी?
जवाब: उन्हें पीक प्रदूषण घंटों (सुबह 7-10, शाम 6-9) में बाहर न भेजें। अस्थमा के मरीज इनहेलर साथ रखें।
सवाल: GRAP-1 कब हटेगा?
जवाब: जब AQI लगातार ‘मॉडरेट’ (200 से नीचे) में स्थिर हो जाए और पूर्वानुमान भी बेहतर हो, तभी CAQM स्टेज-1 हटाने पर विचार करेगा। अगर हालात बिगड़े तो स्टेज-2 (वेरी पुअर) की सख्त पाबंदियां भी लग सकती हैं।
आगे क्या?
1 नवंबर से दिल्ली का विंटर एक्शन प्लान भी लागू होगा — जिसमें ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम और 50% वर्क-फ्रॉम-होम जैसे कड़े कदम शामिल हैं। तब तक GRAP-1 ही प्रदूषण से लड़ाई की पहली पंक्ति है। प्रदूषण से बचना अब सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं — हर नागरिक की छोटी-छोटी सावधानियां भी इस लड़ाई में मायने रखती हैं।

