जापान के नागोया में रविवार 18 अक्टूबर को 5वें Asian Para Games 2026 का भव्य आगाज हो गया। ओपनिंग सेरेमनी में जब भारतीय दल तिरंगे के साथ स्टेडियम में उतरा, तो ध्वज सबसे आगे दो ऐसे एथलीटों के हाथों में था जिनकी कहानी पूरे देश के लिए प्रेरणा है — पैरा-बैडमिंटन स्टार प्रमोद भगत और पैरा-एथलीट सिमरन शर्मा। 24 अक्टूबर तक चलने वाले इन खेलों में भारत का 168 एथलीटों का दल 11 खेलों में पदकों की जंग लड़ेगा।
Asian Para Games 2026 — एक नजर में जरूरी बातें
- कब: 18 से 24 अक्टूबर 2026
- कहां: आइची-नागोया, जापान (पांचवां संस्करण; जापान पहली बार मेजबान)
- ओपनिंग सेरेमनी: 18 अक्टूबर, नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम — भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे (स्थानीय समय शाम 6 बजे)
- कुल भागीदारी: 45 राष्ट्रीय पैरालिंपिक समितियों के करीब 3,000 एथलीट, 18 खेलों में
- भारतीय दल: 168 एथलीट (112 पुरुष, 56 महिला), 11 खेल; शेफ-डी-मिशन — PCI के CEO राहुल स्वामी
Asian Para Games 2026 में ध्वजवाहक क्यों हैं खास
प्रमोद भगत भारतीय पैरा खेल के सबसे सजे-धजे नामों में से एक हैं। टोक्यो पैरालिंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट भगत ने 2014 से 2023 के बीच एशियन पैरा गेम्स में 6 पदक जीते हैं — 2 गोल्ड और 4 ब्रॉन्ज। उनके साथ ध्वज थामने वाली सिमरन शर्मा पैरा-एथलेटिक्स की उभरती हुई स्टार हैं।
दिलचस्प बात यह है कि ध्वजवाहक के तौर पर पहले पैरा टेबल टेनिस स्टार भाविना पटेल का नाम घोषित हुआ था — पटेल ने 2018 से 2023 के बीच एशियन पैरा गेम्स में 2 पदक (1 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज) जीते हैं। लेकिन 19 अक्टूबर को उनके क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले पर्याप्त आराम देने के लिए आखिरी समय में सिमरन शर्मा को चुना गया। पैरालिंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया ने कहा कि भगत और पटेल जैसे चैंपियन भारतीय दल के लिए सबसे उपयुक्त प्रतिनिधि हैं और उनकी मौजूदगी युवा एथलीटों को प्रेरित करेगी।
भारतीय दल का पूरा ब्योरा
युवा मामले और खेल मंत्रालय ने मूल आदेश में 166 एथलीटों (10 खेलों में) को मंजूरी दी थी, जिसमें 94 टीम ऑफिशियल और सपोर्ट स्टाफ तथा 15 कंटिंजेंट स्टाफ भी शामिल थे। बाद में बोच्चिया खेल जुड़ने के साथ भारतीय एथलीटों की संख्या 168 हो गई और खेल 11 हो गए।
खेलवार बंटवारा कुछ इस तरह है: पैरा-एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 62 एथलीट (46 पुरुष, 16 महिला), पैरा-बैडमिंटन में 28, पैरा-शूटिंग में 13, पैरा-आर्चरी में 11, पैरा-स्विमिंग में 16 (14 पुरुष, 2 महिला), पैरा-पावरलिफ्टिंग में 8, पैरा-जूडो में 7, ब्लाइंड फुटबॉल और पैरा-टेबल टेनिस में 10-10, पैरा-साइक्लिंग में 1 एथलीट। मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल संघों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि रवाना होने से पहले सभी एथलीट मेडिकली फिट हों।
हांगझोउ 2023 का रिकॉर्ड और इस बार का लक्ष्य
भारत इन खेलों में अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बुनियाद पर उतर रहा है। हांगझोउ 2023 में भारतीय दल ने 111 पदक जीते थे — 29 गोल्ड, 31 सिल्वर और 51 ब्रॉन्ज — और पदक तालिका में 5वें स्थान पर रहा था। तब 17 खेलों में 309 एथलीटों का दल भेजा गया था। उससे पहले जकार्ता 2018 में भारत ने 72 पदक जीते थे।
इस बार दल छोटा जरूर है, लेकिन उम्मीदें बड़ी हैं। पैरा-एथलेटिक्स और पैरा-बैडमिंटन में भारत की ताकत जगजाहिर है, और पैरा-शूटिंग व पैरा-आर्चरी में भी पदक की प्रबल संभावनाएं मानी जा रही हैं।
विदाई समारोह से लेकर नागोया तक
भारतीय दल की औपचारिक विदाई 8 अक्टूबर को नई दिल्ली में एक विशेष सेंड-ऑफ सेरेमनी में हुई थी, जिसमें केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे सम्मानित अतिथि के तौर पर मौजूद रहीं।
अब नजरें नागोया के ट्रैक, कोर्ट और रेंज पर हैं। सात दिनों तक चलने वाले इस महाकुंभ में हर पदक सिर्फ एक जीत नहीं होगा — वह उन हजारों युवाओं के लिए संदेश होगा जो अपनी सीमाओं से लड़ रहे हैं। तिरंगा नागोया में कितनी बार लहराएगा, इसका हिसाब 24 अक्टूबर को होगा।
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स्रोत: RevSportz: Asian Para Games 2026 — Pramod Bhagat and Simran Sharma | Daily Prabhat: India’s flag bearers at Aichi-Nagoya 2026
