भारती एयरटेल ने गुरुवार शाम अपने सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे जारी कर दिए। मुनाफा 31% बढ़कर 8,888 करोड़ रुपये हो गया और हर यूजर से औसत कमाई (ARPU) बढ़कर 271 रुपये पर पहुंच गई। लेकिन इसके बावजूद कंपनी का शेयर गुरुवार को 0.52% गिरकर 2,056.90 रुपये पर बंद हुआ — क्योंकि नतीजे बाजार की उम्मीद से थोड़े पीछे रहे। एयरटेल Q2 नतीजे को लेकर आपके मन में उठ रहे 4 बड़े सवालों के जवाब यहां हैं।

सवाल 1: एयरटेल Q2 नतीजे कैसे रहे?
कुल मिलाकर नतीजे मजबूत रहे। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 31% बढ़कर 8,888 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 6,792 करोड़ रुपये था। पिछली तिमाही (Q1 FY27) के 8,167 करोड़ रुपये के मुकाबले भी मुनाफा करीब 9% बढ़ा।
रेवेन्यू की बात करें तो यह 16.7% बढ़कर 60,878 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 52,145 करोड़ रुपये था। भारत का कारोबार 9.4% बढ़कर 42,308 करोड़ रुपये रहा, जबकि इंडिया मोबाइल रेवेन्यू 10.1% बढ़ा। कंपनी का EBITDA 35,240 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 57.9% पर पहुंचा।
सवाल 2: मुनाफा बढ़ा तो शेयर क्यों गिरा?
यह सवाल हर निवेशक के मन में है। वजह है — अनुमान से कम मुनाफा। रॉयटर्स के हवाले से विश्लेषकों को करीब 9,673 करोड़ रुपये के मुनाफे की उम्मीद थी, जबकि वास्तविक मुनाफा 8,888 करोड़ रुपये रहा।
मुनाफे पर दबाव की वजह बढ़ती लागत है। कंपनी का ऑपरेटिंग खर्च करीब 15% बढ़कर 25,932 करोड़ रुपये हो गया। नेटवर्क लागत 11% बढ़ी, जबकि लाइसेंस फीस में 13% की बढ़ोतरी हुई। 5G नेटवर्क के विस्तार और रखरखाव पर भारी खर्च हो रहा है, जिसका असर मुनाफे पर दिखा। यह भी ध्यान रखें कि नतीजे बाजार बंद होने के बाद आए, इसलिए शेयर की 0.52% गिरावट दिन के कारोबार की भावना को दिखाती है, नतीजों पर बाजार की प्रतिक्रिया शुक्रवार को दिखेगी।
सवाल 3: ARPU ₹271 का मतलब क्या है — क्या रिचार्ज महंगा होगा?
ARPU यानी Average Revenue Per User — हर यूजर से कंपनी की औसत मासिक कमाई। एयरटेल का ARPU साल भर में 256 रुपये से बढ़कर 271 रुपये हो गया है, यानी करीब 6% की बढ़ोतरी।
इसका सीधा मतलब है कि यूजर अब पहले से ज्यादा खर्च कर रहे हैं — महंगे प्लान, ज्यादा डेटा और 5G अपग्रेड की वजह से। अच्छी खबर यह है कि एयरटेल ने इस तिमाही में कोई नई टैरिफ बढ़ोतरी घोषित नहीं की है। यानी आपका मौजूदा रिचार्ज अभी महंगा नहीं हो रहा। लेकिन ARPU बढ़ने का रुझान बताता है कि टेलीकॉम कंपनियां धीरे-धीरे प्रीमियम प्लान की तरफ यूजर्स को ले जा रही हैं।
सवाल 4: आगे क्या — एयरटेल के लिए अगला पड़ाव क्या है?
कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल के नेतृत्व में एयरटेल की ग्रोथ भारत और अफ्रीका दोनों बाजारों से आ रही है। आगे कंपनी का फोकस 5G सेवाओं से कमाई, होम ब्रॉडबैंड के विस्तार और डिजिटल सेवाओं पर रहेगा।
टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा भी तेज है — Jio ने हाल ही में 15 रुपये का अनलिमिटेड 5G डेटा पैक लॉन्च किया है, जिससे कीमतों की जंग और तेज हो सकती है। ऐसे में एयरटेल के लिए चुनौती यह होगी कि वह ARPU बढ़ाए भी और ग्राहक भी न खोए।
कुल मिलाकर, एयरटेल Q2 नतीजे बताते हैं कि कंपनी की कमाई का इंजन मजबूत है, लेकिन बढ़ती लागत पर काबू पाना ही अगले कुछ तिमाहियों की असली परीक्षा होगी। यूजर्स के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि रिचार्ज की कीमतों में तत्काल कोई बढ़ोतरी नहीं दिख रही — लेकिन प्रीमियम प्लान की तरफ बढ़ता रुझान साफ है।

