मुख्य सामग्री पर जाएँ
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
पहली खबर
पहलीखबर
ताजा हिंदी समाचार
ब्रेकिंग न्यूज़
0-6 से पिछड़कर गोल्ड जीता: मनीषा भानवाला ने रचा इतिहास  |  जनगणना 2027: 10 जनवरी से खुद भरें फॉर्म, घर-घर गिनती 25 जनवरी से  |  फिलिप्स के शतक ने तोड़ा भारत का सपना: NZ ने 87 रन से हराया!  |  नेतन्याहू को 53 सीटें, फिर भी सरकार नहीं! इज़राइल में अब क्या होगा?  |  सेंसेक्स 308 अंक चढ़ा, रुपया भी मजबूत — आपकी जेब पर क्या असर होगा?
Home / देश-दुनिया

जनगणना 2027: 10 जनवरी से खुद भरें फॉर्म, घर-घर गिनती 25 जनवरी से

जनगणना 2027 की तारीखें तय हो गई हैं। 10 जनवरी से आप अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे, और 25 जनवरी से गणनाकर्मी घर-घर पहुंचेंगे। जानें पूरा कार्यक्रम और वे राज्य जहां शेड्यूल अलग है।

जनगणना 2027 घर-घर गणना डिजिटल टैबलेट

भारत की सबसे बड़ी गिनती की तारीखें आखिरकार तय हो गई हैं। केंद्र सरकार ने 30 अक्टूबर 2026 को जनगणना 2027 के दूसरे और अंतिम चरण, यानी जनसंख्या गणना का शेड्यूल जारी कर दिया है। देश के ज्यादातर हिस्सों में यह काम 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा। इससे पहले, 10 से 24 जनवरी 2027 तक नागरिकों को अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन दर्ज करने का मौका मिलेगा। यह सुविधा इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी नई बातों में से एक है।

जनगणना 2027 भारत की जनसंख्या गिनती नक्शा
जनगणना 2027 शेड्यूल सेल्फ एन्यूमरेशन (प्रतीकात्मक फोटो)

एक नज़र में पूरा कार्यक्रम

जनगणना का यह चरण घर-घर जाकर लोगों की गिनती का है। इसका पहला चरण, यानी मकान सूचीकरण, पहले ही पूरा हो चुका है, जिसमें इमारतों और घरों का ब्योरा दर्ज किया गया था। अब दूसरे चरण में हर घर के हर सदस्य का विवरण लिया जाएगा।

  • सेल्फ एन्यूमरेशन (खुद जानकारी भरना): 10 से 24 जनवरी 2027 तक, ऑनलाइन, वैकल्पिक
  • घर-घर गणना: 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक
  • संदर्भ तिथि: 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि 12 बजे — देश की तस्वीर इसी पल के हिसाब से दर्ज होगी
  • संशोधन दौर: 1 से 5 मार्च 2027 तक, ताकि कोई घर या व्यक्ति छूट न जाए

अधिसूचना भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी हुई है। इसके तहत जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के अनुसार पूरे देश में जनसंख्या की गणना की जाएगी।

किन राज्यों में अलग शेड्यूल है?

यह कार्यक्रम पूरे देश में एक जैसा नहीं है। कुछ राज्यों और इलाकों को इससे बाहर रखा गया है, जहां गणना अलग समय पर होगी या हो चुकी है।

मणिपुर में अगली घोषणा तक जनगणना नहीं होगी। वहीं, चुनाव वाले चार राज्य — गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड — में कार्यक्रम पहले रखा गया है: वहां सेल्फ एन्यूमरेशन 16 से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा, घर-घर गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक होगी और संशोधन दौर 5 से 9 जनवरी 2027 तक चलेगा। इन राज्यों के लिए संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027 है।

इसके अलावा लद्दाख और हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी वाले इलाकों में यह काम पहले ही पूरा किया जा चुका है, क्योंकि सर्दियों में वहां पहुंचना मुश्किल होता है।

जनगणना 2027 में क्या-क्या नया है?

जनगणना 2027 को देश की पहली डिजिटल जनगणना कहा जा रहा है, और इसकी वजह सिर्फ ऑनलाइन फॉर्म नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार इस बार जनसंख्या गणना में सवालों की संख्या बढ़कर करीब 40 हो गई है, जबकि 2011 की जनगणना में 29 सवाल पूछे गए थे। इनमें जाति से जुड़ा सवाल भी शामिल है। साथ ही जीवनसाथी का नाम, माता-पिता का विवरण, घोषित राष्ट्रीयता, स्थायी पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी और पासपोर्ट जैसे नए ब्योरे भी दर्ज किए जाने की बात कही जा रही है।

यह बदलाव इसलिए भी अहम है, क्योंकि पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। यानी इस बार देश की गिनती 16 साल के अंतराल के बाद हो रही है। इतने लंबे समय में गांवों से लेकर शहरों तक, रोजगार से लेकर मकानों तक, बहुत कुछ बदल चुका है। सरकार की योजनाओं, सीटों के परिसीमन और संसाधनों के बंटवारे का आधार यही आंकड़े बनते हैं। इसलिए इस गिनती का असर सीधे आम आदमी के जीवन पर पड़ेगा।

आपके लिए इसका क्या मतलब है?

अगर आप देश के ज्यादातर हिस्सों में रहते हैं, तो आपके पास दो विकल्प हैं। पहला, 10 से 24 जनवरी के बीच अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन दर्ज करें। दूसरा, गणनाकर्मी के आने का इंतज़ार करें — सेल्फ एन्यूमरेशन न भरने पर भी आपकी गिनती होगी, क्योंकि घर-घर दौर इसके बाद ही शुरू होगा।

तैयारी के तौर पर अपने परिवार के सदस्यों के बुनियादी दस्तावेज़ — जैसे आधार, वोटर आईडी — की जानकारी संभालकर रखें, ताकि फॉर्म भरते समय झंझट न हो। और एक सावधानी ज़रूर बरतें: जनगणना के नाम पर कोई भी व्यक्ति अगर आपसे बैंक खाते का पासवर्ड, ओटीपी या पैसे मांगे, तो वह फर्ज़ी है। असली गणनाकर्मी की पहचान पहले जांचें और संदेह होने पर स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

आगे क्या होगा?

शेड्यूल जारी होने के बाद अब राज्यों में गणनाकर्मियों की तैनाती और प्रशिक्षण तेज होगा। सेल्फ एन्यूमरेशन के लिए पोर्टल की प्रक्रिया विंडो खुलने के करीब साफ होगी। जैसे-जैसे जनवरी नज़दीक आएगी, हर राज्य का विस्तृत कार्यक्रम भी सामने आएगा। लेकिन एक बात तय है — 2027 की यह गिनती अगले एक दशक तक भारत की तस्वीर तय करेगी। इसमें अपनी सही जानकारी देना हर नागरिक की ज़िम्मेदारी भी है और अधिकार भी।

यह भी पढ़ें: EC SIR शेड्यूल छह राज्यों और दिल्ली में बढ़ा, विश्व बैंक भारत गरीबी रिपोर्ट, पीएम किसान 24वीं किस्त। अन्य स्रोत: Census 2027 dates, Census 2027 dates announced।

लेखक

Rakesh Kumar

नमस्कार, मैं राकेश कुमार हूँ। PAHALI KHABAR के माध्यम से मैं आपके लिए ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, खेल और अन्य महत्वपूर्ण खबरें लेकर आता हूँ। मेरा उद्देश्य है कि आपको हर खबर सरल भाषा में, सही तथ्यों के साथ और समय पर मिले।

और खबरें पढ़ें ›