
कल, 31 अक्टूबर को देश एक खास दिन मनाएगा — राष्ट्रीय एकता दिवस 2026। यह दिन भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है, और इस साल उनकी 151वीं जयंती है। उनका जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था। देशभर में इस दिन सुबह एकता की शपथ दिलाई जाएगी और ‘रन फॉर यूनिटी’ दौड़ का आयोजन होगा।
सरदार पटेल कौन थे, और उन्हें ‘लौह पुरुष’ क्यों कहा जाता है
सरदार पटेल आजादी के बाद भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे। आजादी के समय देश सैकड़ों रियासतों में बंटा हुआ था। पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और बातचीत के कौशल से उन रियासतों को भारतीय संघ में मिलाया। इसी वजह से उन्हें ‘लौह पुरुष’ कहा जाता है — एक ऐसा नेता जिसने बिखरे हुए भारत को एक सूत्र में पिरोया। उनके सम्मान में गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में नर्मदा नदी के किनारे दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, स्थापित है। राष्ट्रीय एकता दिवस का मुख्य कार्यक्रम भी हर साल एकता नगर में ही होता है।
राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 कैसे मनाया जाता है
भारत सरकार ने यह दिवस 2014 में शुरू किया था। इसके तीन मुख्य आयोजन होते हैं। पहला, एकता की शपथ — सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और कॉलेजों में लोग एक साथ खड़े होकर देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने का संकल्प लेते हैं। दूसरा, रन फॉर यूनिटी — शहरों और कस्बों में आमतौर पर 3 से 5 किलोमीटर की दौड़ या पैदल यात्रा, जिसमें आम लोग, छात्र, अधिकारी और जनप्रतिनिधि साथ दौड़ते हैं। तीसरा, स्कूलों और कॉलेजों में निबंध, भाषण, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर और लघु वीडियो प्रतियोगिताएं, जिनके विषय ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और ‘युवाओं की राष्ट्रीय एकता में भूमिका’ जैसे होते हैं।
कल देशभर में क्या-क्या होगा
मध्य प्रदेश में सभी जिलों में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने के निर्देश जारी हुए हैं। कटनी, नर्मदापुरम और कानपुर जैसे जिलों में जिला मुख्यालयों पर 3 से 5 किलोमीटर की रन फॉर यूनिटी, सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में शपथ, और पटेल के जीवन पर फोटो प्रदर्शनियों का आयोजन होगा। दिल्ली में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में रन फॉर यूनिटी तय की गई है। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों और शहीद सैनिकों के परिवारों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा।
क्या यह दिन छुट्टी होती है
नहीं। राष्ट्रीय एकता दिवस राजपत्रित अवकाश नहीं है — स्कूल और दफ्तर खुले रहते हैं, और शपथ व दौड़ वहीं, कामकाज के बीच, आयोजित होती है। यही इस दिन की खासियत है: यह घर बैठकर नहीं, बल्कि साथ खड़े होकर और साथ दौड़कर मनाया जाता है।
आप कैसे जुड़ सकते हैं
अगर आपके शहर में रन फॉर यूनिटी हो रही है तो परिवार के साथ उसमें हिस्सा लीजिए — यह कोई रेस नहीं है, इसमें चलना भी उतना ही स्वागतयोग्य है। अपने बच्चों के साथ सरदार पटेल की कहानी साझा कीजिए: कैसे एक व्यक्ति की दृढ़ता ने सैकड़ों टुकड़ों को एक देश बनाया। और सुबह एक मिनट निकालकर एकता की शपथ का सार अपने मन में दोहराइए — कि हम देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखेंगे और यह संदेश अपने साथी नागरिकों तक पहुंचाएंगे। एकता कोई नारा नहीं, रोजमर्रा का व्यवहार है — और कल का दिन उसे याद दिलाने का मौका है।
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राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 पर देशभर के लोग एकता की शपथ लेकर यह संदेश देंगे कि विविधता में एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है, और यही भावना कल की दौड़ और शपथ में साफ नजर आएगी।

