दिवाली की जगमगाहट, घर में नई खुशियां, और साथ में सेल की धूम — इस समय तो मन करता है कि बस खरीदते जाएं। लेकिन एक मिनट रुकिए! जैसे-जैसे सेल का जोश बढ़ता है, वैसे-वैसे ठगों के जाल भी बिछने लगते हैं। त्योहारी सेल (Amazon Great Indian Festival, Flipkart Big Billion Days — दोनों अक्टूबर में चल रहे) के दौरान ठग नकली वेबसाइटें बनाते हैं जो असली साइटों जैसी ही दिखती हैं, और फर्जी गिफ्ट-कार्ड, रिफंड या “लिमिटेड टाइम डील” के मैसेज भेजते हैं। इस online shopping fraud से बचने के लिए हमने तैयार किए हैं 7 आसान नियम — बस इन्हें याद रखिए और त्योहारी खुशियों में कोई बाधा नहीं आएगी।
नियम 1: SMS या WhatsApp के लिंक पर क्लिक न करें
हमेशा असली ऐप खोलें या ब्राउज़र में खुद वेबसाइट का नाम टाइप करके जाएं। मैसेज में आए “धमाकेदार ऑफर” वाले लिंक ज्यादातर ठगों के बनाए होते हैं। डील सच्ची है, तो असली ऐप में खुद मिल जाएगी।
नियम 2: URL में https:// और सही स्पेलिंग जरूर जांचें
नकली साइटें असली जैसी दिखती हैं, लेकिन नाम में छोटी-मोटी गड़बड़ होती है — जैसे “flipkartt” या “amazon-sale-offer”। वेबसाइट खोलते समय ऊपर एड्रेस बार में https:// और सही स्पेलिंग देखना online shopping fraud से बचने का सबसे आसान तरीका है।
नियम 3: OTP किसी को भी शेयर न करें
यह नियम कंठस्थ कर लीजिए — बैंक, कस्टमर केयर या कोई भी कंपनी आपसे कभी OTP नहीं मांगेगी। कोई “आपका ऑर्डर कैंसिल हो जाएगा, OTP बताइए” कहे, तो समझ जाइए कि सामने ठग है। इस बारे में और जानना हो तो हमारी खबर पढ़ें — CNAP से हर कॉल पर दिखेगा नाम — जल्द ही आने वाला यह फीचर फ्रॉड कॉल पहचानने में मदद करेगा।
नियम 4: “बहुत सस्ता” देखकर लालच में न आएं
एक ही फोन बाजार में 15,000 का और किसी वेबसाइट पर 6,999 का? यह डील नहीं, जाल है। online shopping fraud में “too good to be true” कीमतें ही सबसे बड़ा लालच होती हैं। कीमत हमेशा आधिकारिक साइट से मिलाकर देखें। त्योहारी खरीदारी पर हमारे गाइड में भी स्मार्ट प्लानिंग के सुझाव मिलेंगे: त्योहारी खरीदारी गाइड।
नियम 5: पेमेंट सिर्फ COD या जाने-पहचाने गेटवे से करें
कैश ऑन डिलीवरी सबसे सुरक्षित तरीका है। ऑनलाइन पेमेंट करते समय भी UPI-पिन या कार्ड डिटेल सिर्फ विश्वसनीय पेमेंट गेटवे पर ही डालें। ध्यान रखें — अनजान विक्रेता को UPI एडवांस कभी न भेजें। WhatsApp के सुरक्षित इस्तेमाल पर पढ़ें हमारी यह खबर: WhatsApp से जुड़ी सुरक्षा/फीचर खबर।
नियम 6: अनजान नंबर से आई पेमेंट रिक्वेस्ट कभी अप्रूव न करें
UPI के जरिए ठगी का यह आम तरीका है — अनजान नंबर से पेमेंट रिक्वेस्ट या लिंक आता है। याद रखें: असली रिफंड या कैशबैक पाने के लिए पैसे नहीं देने पड़ते। पेमेंट रिक्वेस्ट अप्रूव करना मतलब पैसा भेजना। इसलिए रिक्वेस्ट आते ही “रिजेक्ट” करें।
नियम 7: ठगी की झलक मिलते ही तुरंत 1930 पर कॉल करें
भारत में ऑनलाइन ठगी की शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर दर्ज होती हैं। ठगी की रिपोर्ट करने का राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 है — जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे (24 घंटे के “गोल्डन आवर” में), उतना ही पैसा बचने की संभावना बढ़ेगी। शिकायत दर्ज करें: राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल। सुरक्षित डिजिटल भुगतान की जानकारी के लिए देखें: आरबीआई।

अगर ठगी हो गई तो क्या करें
- घबराएं नहीं — तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
- cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
- अपने बैंक को तुरंत सूचित करके पेमेंट रोकने का अनुरोध करें।
- ठगी से जुड़े स्क्रीनशॉट, मैसेज और ट्रांजैक्शन आईडी संभालकर रखें।
दिवाली खुशियों का त्योहार है — थोड़ी सी सतर्कता आपकी मेहनत की कमाई को बचा सकती है। यह लेख अपने परिवार और दोस्तों से भी जरूर शेयर करें, क्योंकि ठगी से बचने की सबसे बड़ी ताकत जागरूकता है।

