कांग्रेस ने 28 सितंबर को कई राज्यों में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इसके पीछे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है। झारखंड में CEO कार्यालय के घेराव की बात है। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस ने जिला स्तर पर प्रदर्शन की घोषणा की है।
इस पूरे मामले की शुरुआत मतदाता सूची के SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण से हुई। इसके बाद चुनाव आयोग में दो आयुक्तों ने अपनी आपत्तियां दर्ज की। इसके बाद चर्चा तेज हो गई।
ज्ञानेश कुमार कौन हैं?
ज्ञानेश कुमार भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। वे तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के हिस्सा हैं। चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराना और मतदाता सूची के काम देखना।
SIR क्या है?
SIR के बारे में समझें। यह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए है। इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं और अपात्र या गलत नाम हटाए जाते हैं।
SIR को लेकर विवाद कैसे शुरू हुआ?
अब बात यह है कि इस प्रक्रिया में कई राज्यों में अदालत में मामले हैं। इस बाबत एक रिपोर्ट में बताया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कई बार आपत्तियां दर्ज की। इनमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ना और हटाना शामिल है।
इस रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग ने एक बैठक की। इसके बाद आयोग ने कहा कि इन फैसलों की सहमति है। आयोग ने अपने बयान में बताया कि आगे बैठकों का एजेंडा पहले जारी किया जाएगा।
Form 6 को लेकर क्या सवाल उठे?
Form 6 पर चर्चा हुई। यह नए मतदाताओं के लिए एक फॉर्म है। इसमें बदलाव के बारे में आपत्ति दर्ज की गई। आयोग ने कहा कि इसके बारे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार काम किया जा रहा है।
मतदाता सूची से नाम हटाने का मुद्दा
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इस बारे में रिपोर्ट में बताया गया कि लगभग 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं। लेकिन यह अंतिम नहीं है और आगे बदलाव हो सकते हैं।
हालांकि, आयोग ने कहा कि इस बारे में तीनों आयुक्तों की सहमति है।
मामला सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंचा?
इसी दौरान यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। अब इस मामले में अदालत निर्णय ले रही है।
कांग्रेस की क्या मांग है?
कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। 28 सितंबर को कई राज्यों में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इसमें झारखंड में CEO कार्यालय के घेराव की बात है।
चुनाव आयोग और बीजेपी का क्या कहना है?
चुनाव आयोग ने कहा कि इन फैसलों की सहमति है। बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों का विरोध किया है।
अब आगे क्या होगा?
अब इस मामले में तीन बातों पर नजर है। पहला, अदालत में चल रही कार्यवाही। दूसरा, नए स्पष्टीकरण। तीसरा, आगे के प्रदर्शन और राजनीतिक प्रतिक्रिया।
अब इस मामले में अदालत का फैसला आना है।