मुख्य सामग्री पर जाएँ
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026
पहली खबर
पहलीखबर
ताजा हिंदी समाचार
ब्रेकिंग न्यूज़
1 करोड़ गेमर्स पहले ही तैयार: BGMI Air क्या है, कैसे मिलेगा?  |  बिना हाथों की शीतल का कमाल: एक दिन में 2 गोल्ड, वर्ल्ड रिकॉर्ड  |  हरियाणा में 3 दिन की बिजली हड़ताल: गुरुग्राम-नूंह निजीकरण का विरोध  |  दिल्ली की हवा फिर ज़हरीली: AQI 223, खुद को ऐसे बचाएं  |  दम्माम एयरपोर्ट हमला: एक भारतीय की मौत, 4,000 तीर्थयात्री फंसे
Home / देश-दुनिया

हरियाणा में 3 दिन की बिजली हड़ताल: गुरुग्राम-नूंह निजीकरण का विरोध

गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने के विरोध में हरियाणा के बिजली कर्मचारी 22 से 24 अक्टूबर तक 3 दिन की हड़ताल पर हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने APTEL में अपील की घोषणा की है।

हरियाणा बिजली हड़ताल 2026 — निजीकरण के विरोध में 3 दिन की हड़ताल

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने 22 अक्टूबर से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। राज्य के विद्युत विनियामक आयोग (HERC) द्वारा गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए एक निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस दिए जाने के फैसले के विरोध में कर्मचारी संगठनों का संयुक्त मोर्चा 24 अक्टूबर तक हड़ताल पर रहेगा।

विवाद की जड़: समानांतर लाइसेंस का फैसला

HERC ने 19 अक्टूबर को गुरुग्राम और नूंह क्षेत्रों में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने का फैसला सुनाया। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि इससे सरकारी बिजली वितरण निगमों की स्थिति कमजोर होगी। उनका तर्क है कि अधिक आमदनी वाले क्षेत्रों का काम निजी कंपनी को मिलने से सरकारी निगम की कमाई घटेगी, जिससे ग्रामीण और महंगे क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था संभालना मुश्किल होगा।

इंजीनियर एसोसिएशन के महासचिव रविंद्र घणघस के अनुसार, 19 अक्टूबर को हुई आपात बैठक में ही आंदोलन की रणनीति तय कर ली गई थी। 21 अक्टूबर को आयोग के आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध जताया गया, और 22 अक्टूबर की रात 10 बजे से हड़ताल शुरू हुई। हड़ताल में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हो रहे हैं।

हरियाणा बिजली हड़ताल 2026 — निजीकरण के विरोध में 3 दिन की हड़ताल
हरियाणा बिजली हड़ताल 2026 (प्रतीकात्मक फोटो)

हड़ताल का असर: कहां-कहां बिजली प्रभावित

हड़ताल के दौरान बिजली निगम के कार्यालयों, शिकायत केंद्रों और फील्ड में मरम्मत संबंधी कार्य प्रभावित होने की आशंका है। हिसार सहित कुछ क्षेत्रों से बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें भी सामने आई हैं, हालांकि प्रभाव हर जिले और क्षेत्र में अलग-अलग है।

प्रशासन सतर्क है। गुरुग्राम के डीसी उत्तम सिंह ने 21 अक्टूबर को बिजली अधिकारियों के साथ बैठक कर आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों, जलापूर्ति और मेट्रो जैसी आवश्यक सेवाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, और वैकल्पिक संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो।

सरकार की प्रतिक्रिया: APTEL में अपील

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सभी डीसी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों के साथ खड़े होने की बात कहते हुए घोषणा की है कि हरियाणा सरकार HERC के फैसले के खिलाफ अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण (APTEL) में अपील करेगी। ऊर्जा मंत्री अनिल विज के अनुसार, सरकार फैसले पर रोक लगाने की मांग भी करेगी।

सरकार ने जनहित में कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है और कहा है कि बातचीत के दरवाज़े खुले हैं। वहीं, कर्मचारी संगठन लाइसेंस का फैसला वापस लेने की मांग पर कायम हैं।

आगे क्या होगा

कर्मचारी संगठनों ने ऐलान किया है कि 24 अक्टूबर को हड़ताल के तीसरे दिन आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। यानी अगर तीन दिन में समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन और तेज़ हो सकता है।

ध्यान रखें: यह निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की आशंकाओं पर आधारित रिपोर्ट है। बिजली की दरों या सरकारी सेवाओं पर वास्तविक असर लाइसेंस की शर्तों और नियामक निगरानी पर निर्भर करेगा — किसी भी अंतिम निष्कर्ष से पहले आधिकारिक घोषणाओं पर नज़र रखें।

यह भी पढ़ें: दिल्ली विंटर एक्शन प्लान 2026: 50% WFH, बिना PUCC नहीं मिलेगा ईंधन — जानें नए GRAP के सारे नियम | आईडीबीआई बैंक भूख हड़ताल: 2-3 नवंबर को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन, Fairfax डील रोकने की मांग

लेखक

Rakesh Kumar

नमस्कार, मैं राकेश कुमार हूँ। PAHALI KHABAR के माध्यम से मैं आपके लिए ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, खेल और अन्य महत्वपूर्ण खबरें लेकर आता हूँ। मेरा उद्देश्य है कि आपको हर खबर सरल भाषा में, सही तथ्यों के साथ और समय पर मिले।

और खबरें पढ़ें ›