
रेलवे काउंटर टिकट बीमा के तहत ट्रेन से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए आज से एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब तक यात्रा बीमा की सुविधा सिर्फ ऑनलाइन टिकट बुक करने वालों को मिलती थी, लेकिन आज, 27 अक्टूबर 2026 से रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर से टिकट खरीदने वालों को भी यही सुविधा मिलेगी। और कीमत? सिर्फ 45 पैसे प्रति यात्री।
यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 6 अक्टूबर 2026 के निर्देश के बाद उठाया गया है। अदालत ने रेलवे को कहा था कि काउंटर से बेचे जाने वाले टिकटों पर भी ऑनलाइन टिकटों जैसी बीमा सुविधा दी जाए। मकसद साफ था — जो यात्री इंटरनेट से नहीं, बल्कि काउंटर से टिकट लेना पसंद करते हैं, वे भी सुरक्षा से वंचित न रहें।
रेलवे काउंटर टिकट बीमा में क्या-क्या मिलेगा
मौजूदा वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना के तहत प्रति यात्री 45 पैसे प्रीमियम (सभी करों सहित) में अधिकतम 10 लाख रुपये तक का कवर मिल सकता है। ध्यान रहे, यह राशि दुर्घटना की प्रकृति और पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करेगी — टिकट खरीदते ही हर स्थिति में 10 लाख मिलने की गारंटी नहीं होती।
- मृत्यु होने पर: 10 लाख रुपये तक
- स्थायी पूर्ण दिव्यांगता पर: 10 लाख रुपये तक
- स्थायी आंशिक दिव्यांगता पर: 7.5 लाख रुपये तक
- चोट पर अस्पताल खर्च: 2 लाख रुपये तक
- पार्थिव शरीर के परिवहन पर: 10,000 रुपये तक
कौन ले सकता है यह बीमा, क्या हैं शर्तें
बीमा पूरी तरह वैकल्पिक है — लेना है या नहीं, यह यात्री की मर्जी है। इसके लिए कुछ शर्तें हैं, जिन्हें जानना जरूरी है:
- विकल्प चुनना होगा: आरक्षण के समय बीमा का विकल्प चुनना अनिवार्य है। अपने आप बीमा नहीं जुड़ेगा।
- मोबाइल नंबर देना होगा: बुकिंग के समय मोबाइल नंबर देना जरूरी है।
- डिजिटल पेमेंट अनिवार्य: टिकट किराये सहित बीमा प्रीमियम का भुगतान डिजिटल माध्यम से करना होगा।
- कौन पात्र: भारतीय नागरिक, जिनके टिकट बुकिंग के समय कन्फर्म, आरएसी या आंशिक रूप से कन्फर्म हों। एक ही पीएनआर के सभी पात्र यात्रियों को लाभ मिलेगा।
- कौन बाहर: बिना बर्थ या सीट के बुक किए गए 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे इस योजना में शामिल नहीं होंगे।
रेलवे ने इसके लिए आरक्षण मांग प्रपत्र (रिजर्वेशन फॉर्म) में भी संशोधन किया है। संशोधित फॉर्म पीआरएस केंद्रों पर उपलब्ध कराया जाएगा और उद्घोषणाओं व आरक्षण कर्मचारियों के माध्यम से यात्रियों को जानकारी दी जाएगी।
क्लेम कैसे मिलेगा, यह भी जान लें
बीमा चुनते वक्त एक बात और ध्यान रखें — बुकिंग के समय दिए गए मोबाइल नंबर और नॉमिनी से जुड़ी जानकारी ही बाद में काम आती है। किसी अनहोनी की स्थिति में बीमा कंपनी को सूचना देनी होती है और पॉलिसी की शर्तों के अनुसार दस्तावेज जमा करने होते हैं। इसलिए टिकट बुक करते समय मोबाइल नंबर सही लिखना और बीमा का विकल्प चुनने के बाद मिली जानकारी संभालकर रखना बेहद जरूरी है। ऑनलाइन टिकटों में यह जानकारी ईमेल और एसएमएस से मिल जाती है; काउंटर टिकटों में भी यात्री को यही जानकारी बुकिंग के समय ही सुनिश्चित कर लेनी चाहिए।
यात्रियों के लिए इसका मतलब क्या है
सीधी भाषा में कहें तो अब काउंटर से टिकट लेने वाला यात्री भी 45 पैसे में वही सुरक्षा पा सकेगा जो अब तक सिर्फ ऑनलाइन बुकिंग वालों को मिलती थी। यह खासकर उन यात्रियों के लिए बड़ी राहत है जो छोटे शहरों-कस्बों में रहते हैं, जहां ऑनलाइन बुकिंग आम नहीं है, या जो बुजुर्ग हैं और काउंटर पर भरोसा करते हैं।
अगली बार जब आप काउंटर पर टिकट लेने जाएं, तो फॉर्म भरते वक्त बीमा का विकल्प जरूर देखें — 45 पैसे की यह छोटी-सी सावधानी किसी अनहोनी में परिवार के लिए बड़ा सहारा बन सकती है।
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स्रोत: Apna Manch | Citi Update

