दिल्ली की 135 साल पुरानी Central Secretariat Library को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया है। इस लाइब्रेरी में 8.5 लाख से ज्यादा किताबें और दस्तावेज बताए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
लाइब्रेरी फिलहाल शास्त्री भवन में है। Central Vista redevelopment के दौरान शास्त्री भवन से जुड़ी योजनाओं के बीच लाइब्रेरी के भविष्य और उसके संग्रह को सुरक्षित रखने को लेकर सवाल उठे थे।
लाइब्रेरी में क्या है
Central Secretariat Library की शुरुआत 1891 में Imperial Secretariat Library के रूप में हुई थी। बाद में राजधानी दिल्ली आने के बाद इसे यहां स्थानांतरित किया गया। यह केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण लाइब्रेरी में शामिल है और इसमें दुर्लभ किताबों, सरकारी प्रकाशनों और पुराने रिकॉर्ड का बड़ा संग्रह है।
स्थान को लेकर विवाद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार लाइब्रेरी के लिए प्रस्तावित जगह को लेकर सवाल उठे। संस्कृति मंत्रालय ने पहले ज्यादा जगह की जरूरत बताई थी, जबकि एक प्रस्ताव में सीमित जगह उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई। इसी मुद्दे पर मामले ने न्यायिक रूप लिया।
हालांकि, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि Central Vista redevelopment plan में लाइब्रेरी के लिए जगह का प्रावधान किया गया है और निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
अब आगे क्या
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में लाइब्रेरी के संग्रह, उचित स्थान और स्थानांतरण की व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर स्थिति साफ हो सकती है। इतने पुराने संस्थान के बड़े संग्रह को सुरक्षित रखना इस मामले का अहम पहलू है।
स्रोत: PTI और न्यायिक रिपोर्टों के आधार पर।

