अगर आप रोजमर्रा की जिंदगी में यूपीआई से पेमेंट करते हैं और चाहते हैं कि घर के बाकी लोग—बच्चे, बुजुर्ग या वे सदस्य जिनके पास बैंक अकाउंट नहीं है—भी उसी यूपीआई से आसानी से भुगतान कर सकें, तो अब यह मुमकिन हो गया है। डिजिटल पेमेंट सिस्टम को एक कदम आगे ले जाते हुए एनपीसीआई ने UPI Circle नाम का एक ऐसा फीचर पेश किया है, जो सीधे-सीधे भारतीय परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
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अब तक यूपीआई पेमेंट का मतलब था—हर व्यक्ति के पास अपना बैंक अकाउंट, अपना मोबाइल नंबर और खुद का यूपीआई आईडी होना। लेकिन देश के करोड़ों घरों में आज भी ऐसा नहीं है। कहीं बुजुर्ग स्मार्टफोन चलाना जानते हैं लेकिन बैंक अकाउंट नहीं है, तो कहीं बच्चों को छोटी-छोटी पेमेंट की जरूरत होती है। ऐसे में UPI Circle एक बड़ी राहत बनकर सामने आया है।
UPI Circle क्या है और आज यह क्यों चर्चा में है

UPI Circle एक ऐसा फीचर है, जिसमें एक ही बैंक अकाउंट से जुड़े यूपीआई आईडी के जरिए परिवार या भरोसेमंद लोगों को पेमेंट करने की अनुमति दी जा सकती है। इसमें एक व्यक्ति होता है जिसे प्राइमरी यूजर कहा जाता है और बाकी लोग सेकेंडरी यूजर होते हैं।
खास बात यह है कि सेकेंडरी यूजर के पास खुद का बैंक अकाउंट होना जरूरी नहीं है। वे अलग-अलग फोन से भी पेमेंट कर सकते हैं, लेकिन पैसा प्राइमरी यूजर के अकाउंट से ही कटता है। यही वजह है कि यह फीचर आज डिजिटल इंडिया की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
असल में क्या हुआ: UPI सिस्टम में यह बड़ा बदलाव कैसे आया
एनपीसीआई पिछले कुछ समय से यूपीआई को सिर्फ पेमेंट टूल नहीं, बल्कि एक फैमिली-फ्रेंडली डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने पर काम कर रहा था। इसी सोच का नतीजा है UPI Circle।
इस फीचर के जरिए अब घर का मुखिया, या वह व्यक्ति जिसके पास बैंक अकाउंट और यूपीआई ऐप है, अपने भरोसेमंद लोगों को अपने अकाउंट से पेमेंट करने की अनुमति दे सकता है। यह अनुमति पूरी तरह कंट्रोल्ड होती है और जरूरत पड़ने पर तुरंत हटाई भी जा सकती है।
यानी अब यूपीआई सिर्फ व्यक्तिगत इस्तेमाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह परिवार के साझा इस्तेमाल का साधन बन गया है।
यह बदलाव क्यों जरूरी था: यूपीआई की जमीनी सच्चाई
भारत में यूपीआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसकी एक सीमा भी थी। आज भी कई घरों में:
- बुजुर्गों के पास बैंक अकाउंट नहीं है
- बच्चों को स्कूल, ट्यूशन या छोटी खरीदारी के लिए कैश की जरूरत पड़ती है
- डिपेंडेंट फैमिली मेंबर्स को बार-बार पैसे ट्रांसफर करना पड़ता है
इन सभी हालात में UPI Circle एक व्यावहारिक समाधान बनकर सामने आया है। अब हर छोटे काम के लिए कैश या बार-बार ट्रांसफर की जरूरत नहीं पड़ेगी।
UPI Circle कैसे काम करता है: आसान भाषा में समझिए
इस फीचर में दो तरह के यूजर होते हैं:
1. प्राइमरी यूजर: वही व्यक्ति जिसके बैंक अकाउंट से यूपीआई लिंक होता है।
2. सेकेंडरी यूजर: वे लोग जिन्हें पेमेंट करने की अनुमति दी जाती है।
प्राइमरी यूजर अधिकतम पांच सेकेंडरी यूजर्स को जोड़ सकता है। ये सेकेंडरी यूजर्स परिवार के सदस्य, बुजुर्ग, छात्र या कोई भरोसेमंद व्यक्ति हो सकता है।
जोड़ने की प्रक्रिया बेहद आसान है। यूपीआई आईडी या क्यूआर कोड के जरिए इनवाइट भेजा जाता है और पूरी प्रक्रिया यूपीआई ऐप के अंदर ही पूरी हो जाती है।
सुरक्षा का पूरा ध्यान: कंट्रोल पूरी तरह आपके हाथ में
डिजिटल पेमेंट में सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा का होता है। UPI Circle में इस पर खास ध्यान दिया गया है।
सेकेंडरी यूजर जब भी पेमेंट करता है, उसे बायोमेट्रिक या ऐप पासवर्ड से ऑथेंटिकेशन करना होता है। इसके अलावा हर ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत प्राइमरी यूजर को दिखाई देती है।
अगर कभी लगे कि किसी को दी गई अनुमति अब जरूरी नहीं है, तो प्राइमरी यूजर एक क्लिक में एक्सेस हटा सकता है।
पेमेंट लिमिट क्या है और यह क्यों अहम है
इस फीचर में लिमिट भी तय की गई है ताकि गलत इस्तेमाल की संभावना न रहे।
- एक ट्रांजैक्शन की अधिकतम सीमा: 5,000 रुपये
- मासिक कुल सीमा: 15,000 रुपये
यह लिमिट खासतौर पर बच्चों और डिपेंडेंट यूजर्स को ध्यान में रखकर तय की गई है, ताकि खर्च कंट्रोल में रहे और परिवार को आर्थिक सुरक्षा भी मिले।
इस फीचर का असर: आम लोगों की जिंदगी कैसे बदलेगी
UPI Circle का सबसे बड़ा असर उन परिवारों पर पड़ेगा, जहां सभी के पास बैंक अकाउंट नहीं है। अब:
- बुजुर्ग खुद से किराना या दवा की पेमेंट कर सकेंगे
- बच्चों को जेब खर्च के लिए कैश नहीं देना पड़ेगा
- घर के एक ही अकाउंट से सबका खर्च ट्रैक हो सकेगा
इसके अलावा यह फीचर उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है, जो अपने माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य को दूर से आर्थिक मदद देना चाहते हैं, लेकिन कंट्रोल भी बनाए रखना चाहते हैं।
लोगों और एक्सपर्ट्स की प्रतिक्रिया
डिजिटल पेमेंट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि UPI Circle यूपीआई के अगले फेज की शुरुआत है। सोशल मीडिया पर भी लोग इसे ‘फैमिली यूपीआई’ कहकर पसंद कर रहे हैं।
कई यूजर्स का कहना है कि इससे कैश रखने की जरूरत और कम हो जाएगी, जबकि कुछ लोग इसे बच्चों के डिजिटल फाइनेंस सीखने का सुरक्षित तरीका बता रहे हैं।
आगे क्या: आने वाले समय में क्या बदल सकता है
जानकारों का मानना है कि भविष्य में इस फीचर की लिमिट और यूजर्स की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा स्कूल फीस, पॉकेट मनी और घरेलू खर्च जैसे मामलों में इसका इस्तेमाल और बढ़ेगा।
डिजिटल इंडिया की दिशा में यह एक ऐसा कदम है, जो तकनीक को इंसानी जरूरतों से जोड़ता है।
निष्कर्ष: UPI Circle क्यों है आज की सबसे काम की सुविधा
UPI Circle सिर्फ एक नया फीचर नहीं है, बल्कि यह भारतीय परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों का जवाब है। एक ही अकाउंट से पूरे परिवार का पेमेंट, पूरा कंट्रोल और पूरी सुरक्षा—यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
अगर आप यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं, तो यह फीचर आपके डिजिटल जीवन को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना सकता है।
संक्षेप में:
UPI Circle फीचर से एक ही यूपीआई अकाउंट से परिवार के कई लोग पेमेंट कर सकते हैं।
सेकेंडरी यूजर को बैंक अकाउंट की जरूरत नहीं होती।
हर ट्रांजैक्शन पर प्राइमरी यूजर की निगरानी रहती है।
यह फीचर बच्चों, बुजुर्गों और डिपेंडेंट मेंबर्स के लिए खास तौर पर फायदेमंद है।









