नई दिल्ली। आज 21 दिसंबर से पूरे देश में Pulse Polio Programme 2025 शुरू हो गया है।
आज के दिन देश के हजारों बूथों पर 0 से 5 साल के बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई जा रही है। जो बच्चे आज बूथ तक नहीं आ पाएंगे, उनके घर स्वास्थ्य विभाग की टीम अगले कुछ दिनों में जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय की अगुवाई में ये अभियान चल रहा है।
हर साल क्यों चलता है ये अभियान?
भारत को साल 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया गया था। आखिरी केस 2011 में मिला था।
फिर भी ये अभियान हर साल चलाना पड़ता है। वजह है पड़ोसी देश। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अभी भी पोलियो के मामले मिल रहे हैं। 2025 में ही पाकिस्तान में 51 केस मिले हैं।
सीमा पार से वायरस आने का खतरा बना रहता है। इसलिए सभी बच्चों को हर साल ये खुराक देना जरूरी है।
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इस बार कितने बच्चों का लक्ष्य है?
हर राज्य ने अपना लक्ष्य तय किया है। कुछ आंकड़े देखिए:
- कर्नाटक में 62 लाख से ज्यादा बच्चे
- बेंगलुरु में ही 11 लाख बच्चे
- आंध्र प्रदेश में 54 लाख से ज्यादा
- जम्मू-कश्मीर में करीब 20 लाख बच्चे
- त्रिपुरा में 3.40 लाख से अधिक बच्चे
इसके लिए लाखों आशा वर्कर, नर्स और स्वयंसेवक मैदान में हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और आंगनवाड़ी केंद्रों पर बूथ लगाए गए हैं।
माता-पिता को क्या करना है?
अगर आपके घर में 0 से 5 साल का बच्चा है तो उसे जरूर दवा पिलाएं।
ध्यान दें: भले ही आपके बच्चे को पहले सभी टीके लग चुके हों, फिर भी ये दो बूंद जरूर पिलाएं। ये एक अतिरिक्त खुराक है जो आंतों में ताकत बढ़ाती है।
1. 21 दिसंबर को – अपने नजदीकी बूथ पर जाएं। कर्नाटक में इसके लिए ‘नियरबाय वैक्सीनेशन सेंटर’ ऐप भी है।
2. अगर छूट गए तो – अगले दिन टीम खुद घर-घर आएगी।
3. सफर में हैं तो – रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी बूथ बने हैं।
सरकारी जानकारी के लिए आप PIB की आधिकारिक प्रेस रिलीज देख सकते हैं।
राज्यों में कैसी है तैयारी?
कर्नाटक में स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने खुद अभियान की निगरानी की। आंध्र प्रदेश में सीएम चंद्रबाबू नायडू ने बच्चों को दवा पिलाकर शुरुआत की।
ईंट भट्ठों, फैक्ट्रियों और दूर-दराज के इलाकों के लिए अलग टीम बनाई गई है ताकि कोई बच्चा न छूटे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: Pulse Polio Programme 2025 कब शुरू हुआ?
जवाब: 21 दिसंबर 2025 से बूथों पर, उसके बाद घर-घर जाकर।
सवाल: किन बच्चों को दवा पिलानी है?
जवाब: 0 से 5 साल तक के सभी बच्चों को।
सवाल: क्या वैक्सीन सुरक्षित है?
जवाब: हां, पूरी तरह सुरक्षित है। करोड़ों बच्चों को दी जा चुकी है।
सवाल: अगर बूथ पर नहीं जा पाए तो क्या होगा?
जवाब: स्वास्थ्य विभाग की टीम खुद आपके घर आएगी।
दो बूंद छोटी लगती हैं, लेकिन ये जिंदगी भर की सुरक्षा देती हैं। अपने बच्चे को जरूर ले जाएं।

