वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी दिल्ली आज 31 अक्टूबर से शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बनारस स्टेशन से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह उत्तर प्रदेश की पहली और देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है — इससे पहले देश की पहली वंदे भारत स्लीपर हावड़ा-कामाख्या रूट पर चली थी। दिवाली और छठ से ठीक पहले शुरू हुई यह ट्रेन पूर्वांचल और दिल्ली के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी दिल्ली: एक नजर में
- रूट: वाराणसी जंक्शन से नई दिल्ली, लगभग 760 किलोमीटर, करीब साढ़े 9 घंटे
- ट्रेन नंबर: 27421 (वाराणसी से दिल्ली), 27422 (दिल्ली से वाराणसी)
- कोच: कुल 16 एसी कोच, 823 यात्रियों की क्षमता
- किराया: थर्ड एसी ₹1819.20, सेकंड एसी ₹2349.80, फर्स्ट एसी ₹2880.40
- स्टॉपेज: प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़, गाजियाबाद
- हफ्ते में 6 दिन (वाराणसी से शुक्रवार को नहीं, दिल्ली से शनिवार को नहीं)
कब और कहां से चलेगी
नियमित सेवा में ट्रेन संख्या 27421 वाराणसी जंक्शन से रात 8:50 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 27422 नई दिल्ली से रात 9:40 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी। रास्ते में यह ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में रुकेगी। उद्घाटन के दिन विशेष ट्रेन के रूप में यह वाराणसी से दोपहर 4:30 बजे रवाना होकर रात 1:30 बजे नई दिल्ली पहुंची।
किराया कितना होगा
रेलवे अधिसूचना के अनुसार तीनों श्रेणियों का किराया तय है। थर्ड एसी में सफर के लिए ₹1819.20, सेकंड एसी के लिए ₹2349.80 और सबसे प्रीमियम फर्स्ट एसी के लिए ₹2880.40 देने होंगे। कोच के हिसाब से क्षमता भी अलग है — 11 थर्ड एसी कोच में 611, चार सेकंड एसी कोच में 188 और एक फर्स्ट एसी कोच में 24 यात्री सफर कर सकेंगे। टैक्स और कैटरिंग से जुड़े शुल्क टिकट बुकिंग के समय अलग से जुड़ सकते हैं, इसलिए बुकिंग के समय अंतिम किराया जरूर जांच लें।
ट्रेन में क्या-क्या मिलेगा
इस 16 कोच वाली ट्रेन को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के हिसाब से तैयार किया गया है। इसे BEML और चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने बनाया है। स्लीपर कोचों में आधुनिक बर्थ, चार्जिंग पॉइंट, साफ-सुथरे टॉयलेट और बेहतर सस्पेंशन जैसी सुविधाएं हैं, ताकि रात का सफर आरामदायक हो। वाराणसी-दिल्ली के बीच यह ट्रेन शिव गंगा एक्सप्रेस की तुलना में भी तेज है — वाराणसी से दिल्ली जाने में करीब 55 मिनट और दिल्ली से वाराणसी आने में करीब 35 मिनट की बचत होगी।
किन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा
दिवाली और छठ पर घर जाने वालों के लिए यह ट्रेन सीधी राहत है, क्योंकि त्योहारी सीजन में वाराणसी-दिल्ली रूट पर सीट मिलना सबसे बड़ी चुनौती होती है। रात को चलकर सुबह पहुंचने वाली यह सेवा उन लोगों के लिए भी मुफीद है जो दिन का समय बचाना चाहते हैं — रात सोकर सफर करें, सुबह दिल्ली पहुंचकर सीधे काम पर लग जाएं। छात्रों, कारोबारियों और तीर्थयात्रियों, तीनों के लिए यह एक भरोसेमंद रात की सेवा बन सकती है।
टिकट कैसे बुक करें
टिकट IRCTC की वेबसाइट और ऐप पर बुक किए जा सकते हैं। हफ्ते में 6 दिन चलने वाली इस सेवा में वाराणसी से शुक्रवार को और दिल्ली से शनिवार को ट्रेन नहीं चलेगी, इसलिए यात्रा की तारीख चुनते समय यह जरूर ध्यान रखें। त्योहारी भीड़ को देखते हुए टिकट पहले से बुक कराना ही समझदारी होगी।
यह भी पढ़ें: रातभर में मुंबई से बेंगलुरु — वंदे भारत स्लीपर की पहली झलक, 1 नवंबर से निजामुद्दीन से चलेगी ताज एक्सप्रेस, जानें नया टाइम टेबल और साबरमती एक्सप्रेस अब सीधे कटरा तक।

