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FD टूटी, खाते से करोड़ों गायब — PNB का पूरा पैसा लौटाने का भरोसा

ग्रेटर नोएडा की PNB शाखा में FD और खातों से करोड़ों रुपये गायब होने के मामले में बैंक ने पूरा पैसा लौटाने का भरोसा दिया है। तीन खाताधारकों को रकम वापस मिल चुकी है।

ग्रेटर नोएडा PNB शाखा के बाहर परेशान खाताधारक

ग्रेटर नोएडा PNB घोटाला (प्रतीकात्मक फोटो)

ग्रेटर नोएडा की पंजाब नेशनल बैंक (PNB) शाखा में खाताधारकों की एफडी और खातों से करोड़ों रुपये गायब होने के मामले में बैंक ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। बैंक ने साफ कहा है कि किसी भी ग्राहक का पैसा नहीं डूबेगा — हर खाताधारक को उसकी पूरी रकम लौटाई जाएगी। बृहस्पतिवार को तीन खाताधारकों की रकम पहले ही वापस कर दी गई है, और बाकी प्रभावित ग्राहकों को भी जल्द पैसा लौटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

ग्रेटर नोएडा PNB शाखा के बाहर परेशान खाताधारक
ग्रेटर नोएडा PNB घोटाला (प्रतीकात्मक फोटो)

PNB के दिल्ली-एनसीआर जोनल मैनेजर राजेश भौमिक ने खाताधारकों से परेशान नहीं होने की अपील करते हुए कहा है कि जांच और रकम वापसी की प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है, लेकिन ग्राहकों को उनका एक-एक पैसा वापस दिलाया जाएगा। यह आश्वासन उन सैकड़ों परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिनकी जीवन भर की कमाई इस शाखा में जमा थी।

कैसे खुला यह मामला

यह घोटाला तब सामने आया जब खाताधारक अपना पैसा निकालने के लिए शाखा पहुंचे और उन्हें पता चला कि उनके खातों में रकम ही नहीं है। अछेर गांव के रहने वाले अमरपाल की कहानी पूरे मामले की तस्वीर साफ करती है। उन्होंने अपनी मां सुनीता देवी के नाम पर 40 लाख, 30 लाख और 10 लाख रुपये की तीन फिक्स्ड डिपॉजिट खोली थीं। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के बाद उन्होंने मां के बचत खाते में करीब 12 लाख रुपये भी जमा किए थे।

10 लाख रुपये की एफडी की अवधि पूरी होने के बाद अमरपाल 22 अक्टूबर को बैंक पहुंचे, तो उन्हें 27 अक्टूबर को वापस आने के लिए कहा गया। बाद में उन्हें बताया गया कि उनकी एफडी में कोई पैसा ही नहीं है। बैंक स्टेटमेंट से पता चला कि एफडी 16 जून को ही समय से पहले बंद कर दी गई थी और पैसा ट्रांसफर कर दिया गया था। मां के बचत खाते से भी 10 लाख रुपये स्थानांतरित किए गए थे। मंगलवार (27 अक्टूबर) को सेक्टर पाई-1 के पास स्थित अछेर गांव के किसानों के एक समूह ने शाखा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आया।

कितनी रकम, क्या-क्या आरोप

खाताधारकों का आरोप है कि करीब 35 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई है। शिकायतों के मुताबिक, खाताधारकों की जानकारी के बिना उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट समय से पहले तोड़कर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। पीड़ितों का यह भी कहना है कि जब खातों से लाखों रुपये निकाले गए, तो उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों पर कोई एसएमएस अलर्ट या ओटीपी तक नहीं भेजा गया। हालांकि रकम के सही आंकड़े को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं — कुछ शुरुआती आकलनों में रकम कम बताई जा रही है — और जांच के बाद ही असली आंकड़ा साफ होगा।

पुलिस ने 16 खाताधारकों की शिकायत पर बैंक कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। ग्रेटर नोएडा के सहायक पुलिस आयुक्त के मुताबिक, लोक सेवक या बैंकर द्वारा आपराधिक विश्वासघात से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। राज्य की भ्रष्टाचार विरोधी टीम भी मामले की जांच कर रही है।

बैंक ने क्या कार्रवाई की

मामला सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने सख्त कदम उठाए हैं। शाखा प्रबंधक समेत कई कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, और कुछ कर्मचारियों का अन्य शाखाओं में तबादला भी किया गया है। गौतम बुद्ध नगर जिले के लीड बैंक मैनेजर राम विनोद कुमार ने बताया कि ट्रांसफर की गई रकम को दिल्ली में PNB के हेड ऑफिस ने होल्ड पर रख दिया है और इसे वापस कर दिया जाएगा।

सबसे अहम कदम यह है कि मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है — बैंक ने इसके लिए लिखित अनुरोध किया था, और सीबीआई ने जांच शुरू भी कर दी है। इसके अलावा बैंक की आंतरिक समिति भी पूरे मामले की अलग से जांच कर रही है। जोनल मैनेजर ने साफ कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

खाताधारकों को क्या करना चाहिए

अगर आपका भी इस शाखा में खाता है, तो सबसे पहले अपना बैंक स्टेटमेंट ध्यान से जांचें — एफडी की रसीदें, खाते की एंट्री और एसएमएस अलर्ट मिलान करें। अपने मोबाइल नंबर पर एसएमएस और ईमेल अलर्ट चालू रखें, ताकि किसी भी लेनदेन की जानकारी तुरंत मिले। अगर कोई गड़बड़ी दिखे, तो पहले शाखा प्रबंधक को लिखित शिकायत दें, फिर जोनल कार्यालय और जरूरत पड़ने पर आरबीआई के लोकपाल (ओम्बड्समैन) से संपर्क करें।

एक बात जानना जरूरी है: बैंक में जमा राशि पर डीआईसीजीसी के तहत प्रति जमाकर्ता प्रति बैंक 5 लाख रुपये तक का बीमा होता है, लेकिन लॉकर में रखे सामान पर यह बीमा लागू नहीं होता। इसलिए लॉकर की रसीद और सामान की सूची अपने पास सुरक्षित रखना हमेशा समझदारी है। फिलहाल बैंक के आश्वासन के बाद प्रभावित परिवारों को राहत जरूर मिली है, लेकिन पूरी रकम सबके खातों में कब तक लौटेगी, यह जांच की रफ्तार पर निर्भर करेगा।

लेखक

Rakesh Kumar

नमस्कार, मैं राकेश कुमार हूँ। PAHALI KHABAR के माध्यम से मैं आपके लिए ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, खेल और अन्य महत्वपूर्ण खबरें लेकर आता हूँ। मेरा उद्देश्य है कि आपको हर खबर सरल भाषा में, सही तथ्यों के साथ और समय पर मिले।

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