भारतीय शेयर बाजार ने 3 नवंबर 2026 को लगातार चौथे दिन मजबूती दिखाई और दोनों प्रमुख सूचकांक करीब दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। सेंसेक्स निफ्टी 3 नवंबर 2026 को दिन भर खरीदारी के दम पर चढ़े रहे — सेंसेक्स 1,225.07 अंक यानी 1.62% बढ़कर 76,917.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 ने 370.05 अंक यानी 1.58% की छलांग लगाकर 23,810.85 पर कारोबार समाप्त किया। चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 5% यानी 3,671.82 अंक और निफ्टी 1,112 अंक चढ़ चुका है। सोमवार को रिलायंस की अगुआई वाली तेजी के बाद मंगलवार की रैली ज्यादा व्यापक रही, जिसमें FMCG, रियल्टी, प्राइवेट बैंक और ऑटो शेयर आगे रहे।
मुख्य बातें:
- बंद स्तर: सेंसेक्स 76,917.85 (+1,225.07, +1.62%), निफ्टी 23,810.85 (+370.05, +1.58%)।
- लकीर: लगातार चौथा तेजी वाला सत्र; चार दिन में करीब 5% की बढ़त, करीब दो महीने का उच्चतम स्तर।
- आगे कौन: FMCG में करीब 2.5%, रियल्टी में 2.10%, प्राइवेट बैंक में 1.98% और ऑटो में 1.7% की बढ़त।
- पीछे कौन: PSU बैंक करीब 1.4% गिरा, एनर्जी शेयर भी नरम रहे।
- आज की नजर: 4 नवंबर को Apollo Hospitals, Dabur, BSE, Cummins India और Exide Industries के सितंबर तिमाही नतीजे आने हैं।
सेंसेक्स निफ्टी 3 नवंबर 2026: तेजी के पीछे क्या कारण रहे?
बाजार जानकारों के मुताबिक इस रैली के पीछे कई कारण एक साथ आए। पहला, कच्चे तेल के दाम में तेज गिरावट — सोमवार को इसमें करीब 7% की गिरावट आई थी, जिससे महंगाई और आयात बिल को लेकर चिंता घटी। दूसरा, विदेशी निवेशकों की वापसी — एक्सचेंज के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुद्ध रूप से 3,115 करोड़ रुपये की खरीदारी की, और वे पिछले पांच में से चार सत्रों में शुद्ध खरीदार रहे। तीसरा, सितंबर तिमाही के नतीजे कुल मिलाकर उम्मीद से बेहतर रहे, जिससे घरेलू ग्रोथ को लेकर भरोसा बढ़ा। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर के मुताबिक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने भी दबाव कम किया, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि रैली की टिकाऊपन कमाई, FII प्रवाह और तेल कीमतों पर निर्भर करेगी।
किन सेक्टरों और शेयरों ने अगुआई की?
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी FMCG सबसे आगे रहा, जिसमें करीब 2.5% की बढ़त दर्ज हुई, उसके बाद रियल्टी 2.10% और प्राइवेट बैंक 1.98% चढ़े। ऑटो इंडेक्स में 1.7% और बैंक निफ्टी में 0.98% की तेजी रही, जबकि मिडकैप में 0.8% और स्मॉलकैप में 0.3% की बढ़त के साथ व्यापक बाजार बेंचमार्क से पीछे रहा। निफ्टी 50 में BSE लिमिटेड 4.61% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, HDFC बैंक 3.60%, एशियन पेंट्स 3.30%, भारती एयरटेल 3.19% और टाटा कंज्यूमर 3.16% चढ़े। दूसरी ओर SBI 2.24%, इंफोसिस 1.92%, ONGC 1.63% और NTPC व पावर ग्रिड 1.61-1.61% गिरकर पिछड़ने वालों में रहे। मैरिको अपने तिमाही नतीजों के बाद करीब 10% उछला, जो कम कोपरा लागत और मजबूत मांग से जुड़ा रहा।

आज, 4 नवंबर को बाजार में क्या देखना है?
आज की सबसे बड़ी निगाह सितंबर तिमाही के नतीजों पर रहेगी। Apollo Hospitals के नतीजों में अस्पतालों की ऑक्यूपेंसी, प्रति बिस्तर औसत राजस्व और विस्तार योजनाएं अहम होंगी, जबकि Dabur में ग्रामीण मांग और मार्जिन पर नजर रहेगी। BSE, Cummins India और Exide Industries के नतीजे भी बाजार की दिशा तय करने में भूमिका निभाएंगे। तकनीकी नजरिए से कोटक नियो के विश्लेषण में निफ्टी के लिए 23,650 और 76,500 के आसपास का स्तर सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है, जबकि ऊपर की ओर 23,950–24,000 और 77,500–77,800 का दायरा अहम होगा। ये स्तर संकेत मात्र हैं, निवेश का फैसला नहीं।
आम निवेशक के लिए इसका मतलब क्या है?
चार दिन की तेज रैली के बाद दो बातें याद रखना जरूरी हैं। पहली, इतनी तेज बढ़त के बाद बाजार में थोड़ा ठहराव या मुनाफावसूली भी सामान्य होती है, इसलिए एक दिन की चाल देखकर जल्दबाजी में फैसला लेना ठीक नहीं। दूसरी, रैली इस बार किसी एक शेयर तक सीमित नहीं रही — FMCG, बैंक, रियल्टी और ऑटो जैसे कई सेक्टर साथ चढ़े, जो व्यापक भरोसे का संकेत है। लेकिन PSU बैंक और एनर्जी की नरमी बताती है कि हर सेक्टर एक साथ नहीं चल रहा। लंबे नजरिए वाले निवेशकों के लिए तिमाही नतीजों की गुणवत्ता, कंपनियों की कमाई और वैश्विक संकेत ही असली दिशा तय करेंगे। यह खबर निवेश सलाह नहीं है; कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
इससे पहले बाजार से जुड़ी हमारी खबरों में आप रिलायंस के रिकॉर्ड Q2 मुनाफे और शेयर में तेजी, SBI के Q2 नतीजे और ITC के Q2 नतीजे पढ़ सकते हैं।
स्रोत: HDFC Sky की मार्केट-क्लोज रिपोर्ट और कोटक नियो का Q2 नतीजा कैलेंडर।

