देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, और SBI Q2 नतीजे देखकर बाजार के जानकार भी मुस्कुरा रहे हैं। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.3% बढ़कर ₹23,038 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹20,160 करोड़ था। खास बात यह है कि मुनाफा बाजार के अनुमान ₹22,860 करोड़ से भी ऊपर निकला है।

एक नजर में SBI Q2 नतीजे
- शुद्ध मुनाफा: ₹23,038 करोड़ (14.3% की बढ़ोतरी)
- नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): ₹49,143 करोड़ (14.7% की बढ़ोतरी)
- ऑपरेटिंग प्रॉफिट: ₹34,226 करोड़ (7.3% की बढ़ोतरी)
- घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन: 3.11% (पिछले साल 3.08%)
- ग्रॉस NPA: 1.39% (34 बेसिस पॉइंट सुधरा), नेट NPA: 0.36%
- कुल कारोबार: करीब ₹115 लाख करोड़; जमा ₹63 लाख करोड़, कर्ज ₹52 लाख करोड़
मुनाफे के पीछे क्या है?
इस तिमाही की कहानी सिर्फ कर्ज की मांग की नहीं है। बैंक को SBI फंड्स मैनेजमेंट में करीब 6% हिस्सेदारी बेचने से ₹7,288 करोड़ का एकमुश्त लाभ भी मिला है, जिसने कुल मुनाफे को सहारा दिया। जानकार इसे गैर-आवर्ती (वन-टाइम) कमाई मानकर अलग से देखते हैं, लेकिन कोर बैंकिंग भी मजबूत रही — NII में करीब 15% की उछाल इसका सबूत है।
कर्ज कारोबार में भी रफ्तार दिखी है। पूरे बैंक का कर्ज 17.84% बढ़ा है, जिसमें घरेलू कर्ज 16.94% और रिटेल, कृषि व MSME (RAM) खंड 17.34% बढ़ा है। कॉरपोरेट कर्ज में 16.12% की वृद्धि हुई है। जमा में 12.27% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि CASA अनुपात 38.32% पर है। यानी लोग बैंक में पैसा रख भी रहे हैं और बैंक उसे कर्ज के रूप में बांट भी रहा है।
एसेट क्वालिटी में सुधार क्यों मायने रखता है?
किसी बैंक की सेहत का असली पैमाना उसका NPA होता है। SBI का ग्रॉस NPA घटकर 1.39% और नेट NPA 0.36% पर आ गया है। प्रोविजन कवरेज रेशियो 74.43% है और क्रेडिट कॉस्ट सिर्फ 0.22% रही। पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) 16.09% है, जो नियामक जरूरत से काफी ऊपर है। आसान भाषा में कहें तो बैंक का बही-खाता पहले से साफ और मजबूत हुआ है।
आपके FD और लोन पर क्या असर होगा?
सीधे तौर पर इस तिमाही के नतीजे आपकी FD दर या लोन की EMI तुरंत नहीं बदलते, लेकिन संकेत जरूर देते हैं। मजबूत NII और 3.11% का मार्जिन बताता है कि बैंक कर्ज देने की लागत और जमा पर ब्याज के बीच संतुलन साध रहा है। कर्ज की मांग तेज है, इसलिए होम और पर्सनल लोन के बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी। FD निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह है कि बैंक की जमा ग्रोथ 12% से ज्यादा है — यानी बैंक को जमा की जरूरत है, और यही जरूरत आगे दरों को सहारा दे सकती है।
शेयर बाजार ने कैसे लिया?
SBI Q2 नतीजे के दिन SBI का शेयर NSE पर करीब ₹991 के आसपास कारोबार करता दिखा, जिसमें मामूली बढ़त थी। शेयर ने पिछले हफ्ते में 4.68% की बढ़त दर्ज की है। बैंक का बाजार पूंजीकरण ₹9.13 लाख करोड़ के आसपास है। हालांकि, ध्यान रहे कि मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा वन-टाइम गेन से आया है, इसलिए अगले तिमाही के कोर आंकड़ों पर ही असली तस्वीर साफ होगी।
कुल मिलाकर, SBI Q2 नतीजे बताते हैं कि देश का सबसे बड़ा बैंक कर्ज, जमा और मुनाफे — तीनों मोर्चों पर आगे बढ़ रहा है। आम ग्राहक के लिए संदेश साफ है: बैंक मजबूत है, और यही मजबूती आगे भी सेवाओं और दरों में स्थिरता की उम्मीद जगाती है।
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SBI Q2 नतीजे पर बाजार की नजर अब अगली तिमाही पर रहेगी।

