HDFC Bank Q2 results: मुनाफा ₹19,510 करोड़, लेकिन असली कहानी आंकड़ों के अंदर है
देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank ने शनिवार (17 अक्टूबर) को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के नतीजे घोषित किए। एकल आधार पर बैंक का शुद्ध मुनाफा 4.6 फीसदी बढ़कर ₹19,509.96 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में ₹18,641.28 करोड़ था। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी मुनाफा 2.83 फीसदी बढ़ा है।
लेकिन इन नतीजों की असली कहानी सिर्फ मुनाफे के आंकड़े में नहीं है। निवेशकों और आम ग्राहकों — दोनों के लिए इस तिमाही में कई अहम संकेत छिपे हैं।

एक नज़र में — HDFC Bank Q2 FY27:
- शुद्ध मुनाफा: ₹19,509.96 करोड़ (+4.6% साल-दर-साल)
- निवल ब्याज आय (NII): ₹34,619.18 करोड़ (+9.72%)
- कुल ब्याज आय: ₹83,426.60 करोड़
- निवल ब्याज मार्जिन (NIM): कुल संपत्ति पर 3.16%, ब्याज-वाली संपत्ति पर 3.32%
- ग्रॉस NPA: 1.11% (पिछली तिमाही 1.17%, एक साल पहले 1.24% — लगातार सुधार)
- नेट NPA: 0.37% (स्थिर)
- डिपॉजिट में वृद्धि: 18.8%
- फीस और कमीशन आय: ₹8,840 करोड़ से बढ़कर ₹9,690 करोड़
ब्याज से कमाई दमदार, ट्रेजरी ने रफ्तार रोकी
इस तिमाही बैंक की असली ताकत उसकी निवल ब्याज आय रही, जो करीब 10 फीसदी बढ़ी। कर्ज कारोबार में 16 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि ने ब्याज से होने वाली कमाई को मजबूत आधार दिया। बैंक के मुताबिक, अगर ट्रेजरी ट्रेडिंग के घटे हुए लाभ को छोड़ दिया जाए, तो कर-पश्चात लाभ की वृद्धि दर 12.6 फीसदी होती — यानी मुख्य कारोबार वास्तव में काफी तेजी से बढ़ा है।
ट्रेजरी से होने वाला लाभ इस तिमाही में घटकर ₹780 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले यह ₹2,390 करोड़ था। यही वजह है कि कुल मुनाफे की वृद्धि दर इकाई अंकों में सिमटी दिख रही है। अन्य आय 3.6 फीसदी घटकर ₹13,830 करोड़ रही, हालांकि पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें करीब 8 फीसदी का सुधार हुआ है।
फंसे कर्ज में लगातार सुधार — निवेशकों के लिए अहम संकेत
बैंक की एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार दिख रहा है। ग्रॉस NPA अनुपात घटकर 1.11 फीसदी हो गया है, जो पिछली तिमाही में 1.17 फीसदी और एक साल पहले 1.24 फीसदी था। नेट NPA 0.37 फीसदी पर स्थिर है। बैंकिंग सेक्टर के लिहाज से ये आंकड़े बेहद मजबूत माने जाते हैं और यही वजह है कि बड़े बैंकों के नतीजों को बाजार ध्यान से देखता है।
एक ही दिन तीन बड़े बैंकों के नतीजे
शनिवार बैंकिंग नतीजों का व्यस्त दिन रहा। ICICI Bank ने 22 फीसदी की छलांग के साथ ₹16,333 करोड़ का समेकित शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जबकि Axis Bank का समेकित मुनाफा 39 फीसदी बढ़कर ₹7,704 करोड़ हो गया। वहीं, YES Bank ने अपने नतीजों में सुप्रीम कोर्ट के AT1 बॉन्ड फैसले के असर को लेकर चेतावनी दी है — इस फैसले पर हमने पहले भी विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है।
निवर्तमान CEO की आखिरी तिमाही — 26 अक्टूबर को खत्म हो रहा कार्यकाल
यह तिमाही HDFC Bank के इतिहास में एक और वजह से खास है — यह प्रबंध निदेशक और CEO शशिधर जगदीशन के नेतृत्व में अंतिम तिमाही रिपोर्ट है। उनका कार्यकाल 26 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है, और उनकी जगह अनूप बागची जिम्मेदारी संभालेंगे। बोर्ड ने शनिवार को ही 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दी। सेबी के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के तहत निर्धारित व्यक्तियों के लिए ट्रेडिंग विंडो 20 अक्टूबर (मंगलवार) को फिर से खुलेगी।
ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है?
सरल भाषा में कहें तो — बैंक का मुख्य कारोबार (कर्ज देना और उस पर ब्याज कमाना) स्वस्थ रफ्तार से बढ़ रहा है, फंसे कर्ज घट रहे हैं और डिपॉजिट 18.8 फीसदी बढ़े हैं। इससे बैंक की स्थिति स्थिर दिखती है, जो जमा करने वालों के लिए भरोसे का संकेत है। दूसरी ओर, ट्रेजरी लाभ में गिरावट से मुनाफे की कुल वृद्धि दर नरम पड़ी है — लेकिन यह बैंक के रोजमर्रा के कारोबार की सेहत को नहीं दर्शाता।
नई लीडरशिप के तहत अगली तिमाही में बैंक की रणनीति पर निवेशकों की नजर रहेगी। तब तक के लिए, यह तिमाही HDFC Bank के लिए “स्थिरता भरी विदाई” वाली तिमाही कही जा सकती है।
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स्रोत: Livemint रिपोर्ट | BusinessLine Q2 राउंडअप

