भारत की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर कंपनी अदाणी पावर ने सितंबर 2026 की तिमाही में धमाकेदार प्रदर्शन किया है। कंपनी के अदाणी पावर Q2 नतीजे बताते हैं कि शुद्ध मुनाफा साल-दर-साल 141.5% बढ़कर ₹7,019.32 करोड़ हो गया है, जबकि कुल आय 39.4% बढ़कर ₹19,950.60 करोड़ पर पहुंच गई है। यह उछाल न सिर्फ कंपनी के लिए, बल्कि पूरे बिजली क्षेत्र की बढ़ती मांग की कहानी कहता है।
बड़ी बातें एक नजर में
- मुनाफा: ₹7,019.32 करोड़ (Q2 FY26 में ₹2,906.46 करोड़) — 141.5% की बढ़ोतरी
- कुल आय: ₹19,950.60 करोड़ — 39.4% की वृद्धि
- बिजली बिक्री: 26.4 अरब यूनिट — 11.5% ज्यादा
- प्लांट उपयोग (PLF): 70.1% — पिछले साल 62.8% था
- अर्धवार्षिक मुनाफा: ₹11,885.92 करोड़ — लगभग दोगुना
- परिचालन क्षमता: 18,150 मेगावाट
बिजली की रिकॉर्ड मांग ने कैसे बदला खेल
अदाणी पावर के नतीजों की सबसे बड़ी ताकत देश में बिजली की अभूतपूर्व मांग रही। कंपनी के मुताबिक Q2 FY27 में भारत की बिजली मांग 11.5% बढ़कर 502 अरब यूनिट (BU) हो गई, जिसमें कोयले और लिग्नाइट आधारित उत्पादन का हिस्सा 66% रहा। इस दौरान देश की चरम मांग (पीक डिमांड) 270 गीगावाट तक पहुंच गई — पिछले साल से 18% ज्यादा।
इस माहौल में अदाणी पावर ने 26.4 अरब यूनिट बिजली बेची, जो एक साल पहले के 23.7 अरब यूनिट से ज्यादा है। प्लांट लोड फैक्टर 62.8% से सुधरकर 70.1% हो गया — यानी कंपनी के प्लांट अब ज्यादा क्षमता पर चल रहे हैं। बिजली खरीद समझौतों (PPA) के तहत बिक्री 29.7% बढ़कर 23.4 अरब यूनिट हुई, जबकि औसत टैरिफ प्राप्ति ₹6.4 प्रति किलोवाट-घंटा (12.7% ज्यादा) रही।
मुनाफे में इतना उछाल क्यों?
मुनाफे की इस छलांग के पीछे कई वजहें हैं। पहली, चालू परिचालनों से राजस्व 29.8% बढ़कर ₹17,014.06 करोड़ हुआ और EBITDA 18.5% बढ़कर ₹6,320.97 करोड़ रहा। दूसरी, एक बार की पूर्व अवधि की आय ₹2,422.25 करोड़ दर्ज हुई, जो ऐतिहासिक एनर्जी चार्ज संशोधनों से आई। तीसरी, 10 पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के विलय की योजना के चलते ₹1,211.43 करोड़ का टैक्स खर्च पलटा (रिवर्स) गया।
जारी परिचालनों के आधार पर भी EBITDA 45.7% बढ़कर ₹8,743.22 करोड़ पर पहुंचा — यानी कंपनी का कोर कारोबार भी दमदार प्रदर्शन कर रहा है।
सीईओ ने क्या कहा
नतीजों पर कंपनी के सीईओ एस बी ख्यालिया ने कहा, “अदाणी पावर मजबूत से मजबूत होता जा रहा है, लाभप्रदता और परियोजना निष्पादन में नए मील के पत्थर हासिल कर रहा है। भारत की दीर्घकालिक बिजली जरूरतों को पूरा करने में घरेलू कोयला-आधारित बिजली की प्रधानता हर दिन और स्पष्ट होती जा रही है।”
निवेशकों के लिए आगे क्या?
अर्धवार्षिक आधार पर कंपनी का मुनाफा लगभग दोगुना होकर ₹11,885.92 करोड़ और कुल आय 36% बढ़कर ₹39,272.90 करोड़ रही है। मर्चेंट और अल्पकालिक बिक्री में टैरिफ प्राप्ति 33.1% सुधरकर ₹7.2 प्रति किलोवाट-घंटा हुई, भले ही मात्रा 43% कम रही — क्योंकि खुली क्षमता को मध्यम अवधि के अनुबंधों से बांधा गया है।
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि इस तिमाही के मुनाफे में वन-टाइम आय और टैक्स रिवर्सल का भी बड़ा योगदान है। टिकाऊ विकास का असली पैमाना आगे की तिमाहियों में बिजली बिक्री की मात्रा, प्लांट उपयोग और क्षमता विस्तार पर नजर रखना होगा। इसी सप्ताह आई अन्य बड़ी कंपनियों के नतीजों की तुलना में पढ़ें — HDFC Bank के Q2 नतीजे, Tech Mahindra के Q2 नतीजे और Infosys के Q2 नतीजे।
स्रोत: कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग; IANS रिपोर्ट, Angel One विश्लेषण
