भारत की सड़कों पर इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की जंग में इस साल बड़ा उलटफेर हो गया है। बजाज इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर ने जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच रजिस्ट्रेशन में महिंद्रा को पीछे छोड़ दिया है। सरकारी Vahan पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान बजाज के 1,17,234 इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर रजिस्टर हुए, जबकि महिंद्रा 1,11,146 पर रह गई। यानी जो बढ़त पिछले साल महिंद्रा के पास थी, वह अब बजाज के हाथ में आ गई है।
आंकड़े क्या कहते हैं
जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच देश में कुल 3,44,157 इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर रजिस्टर हुए, जो पिछले साल की समान अवधि के 1,85,627 से 85.4 प्रतिशत ज्यादा है। बजाज के रजिस्ट्रेशन 63,306 से 85.2 प्रतिशत बढ़कर 1,17,234 हो गए। महिंद्रा के रजिस्ट्रेशन भी बढ़े — 70,200 से 58.3 प्रतिशत बढ़कर 1,11,146 — लेकिन उसकी रफ्तार बाजार से धीमी रही। पिछले साल महिंद्रा बजाज से 6,894 आगे थी, इस साल बजाज 6,088 आगे है।
सबसे तेज रफ्तार TVS की रही, जिसके रजिस्ट्रेशन 15,739 से 145.7 प्रतिशत बढ़कर 38,664 हो गए। वित्त वर्ष की पहली छमाही में ही कुल रजिस्ट्रेशन लगभग दोगुने होकर 2,23,964 तक पहुंच गए थे। अक्टूबर महीने में भी यही कहानी दोहराई गई — कुल 48,755 रजिस्ट्रेशन में बजाज 15,188 के साथ पहले, महिंद्रा 14,443 के साथ दूसरे और TVS 5,067 के साथ तीसरे स्थान पर रही।

बाजी कैसे पलटी
इस उलटफेर की वजह कोई एक दिन का चमत्कार नहीं, बल्कि दस महीने का लगातार अंतर है। बजाज इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर ने बाजार की रफ्तार के साथ कदम मिलाया, जबकि महिंद्रा की बढ़त उससे धीमी रही। इसी फर्क ने पिछले साल की बढ़त को इस साल की बढ़त में बदल दिया। TVS की तेज छलांग यह भी बताती है कि मुकाबला अब दो कंपनियों तक सीमित नहीं रहा — तीसरा खिलाड़ी भी तेजी से जमीन बना रहा है।
इसके पीछे बड़ी तस्वीर यह है कि इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर अब प्रयोग नहीं, बल्कि शहरों के आखिरी पड़ाव के परिवहन का मुख्य साधन बनते जा रहे हैं। यात्री और माल ढुलाई, दोनों में इनकी मांग बढ़ रही है, और छोटे निर्माता इस रफ्तार के साथ चलने में पिछड़ रहे हैं। बाजार का बड़ा हिस्सा अब बड़े, भरोसेमंद ब्रांडों की ओर सिमट रहा है।
ड्राइवरों और खरीदारों के लिए इसका मतलब क्या है
जो लोग ई-रिक्शा या इलेक्ट्रिक लोडर खरीदने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह मुकाबला अच्छी खबर है। कंपनियों के बीच कड़ी टक्कर का मतलब आमतौर पर बेहतर प्रोडक्ट, बेहतर सर्विस नेटवर्क और कीमत पर दबाव होता है। फिर भी खरीदने से पहले तीन बातें जरूर जांचें — आपके शहर में सर्विस सेंटर कितने हैं, चार्जिंग की सुविधा कैसी है, और बैटरी व मोटर की वारंटी क्या कहती है। सिर्फ बिक्री के आंकड़ों पर गाड़ी न चुनें, अपनी रोज की कमाई और रूट की जरूरत से चुनें।
आगे क्या होगा
साल के आखिरी दो महीने बताएंगे कि बजाज अपनी यह बढ़त बरकरार रख पाता है या महिंद्रा वापसी करती है। मांग की रफ्तार को देखते हुए 2026 का कुल आंकड़ा पिछले साल से कहीं आगे निकलना तय माना जा रहा है। एक बात साफ है — भारत के शहरों की सड़कों पर इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की आवाज अब धीमी होने वाली नहीं है, बल्कि और तेज होने वाली है।
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बजाज इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर के आने वाले महीनों में इस सेगमेंट में मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है, क्योंकि कंपनियां नए मॉडल, बेहतर बैटरी, लंबी रेंज और मजबूत सर्विस नेटवर्क पर ध्यान दे रही हैं। ड्राइवरों के लिए चार्जिंग की सुविधा, रखरखाव की लागत और रोज की कमाई ही सबसे बड़े फैसले होंगे। इसलिए खरीदारी से पहले अपने रूट, लोड और बजट को ध्यान में रखकर ही वाहन चुनना समझदारी होगी, ताकि लंबे समय तक भरोसेमंद कमाई बनी रहे।

