क्या बदल सकता है — एक नजर में
- भारतीयों और विदेशियों के लिए अलग-अलग रंग के ड्राइविंग लाइसेंस का प्रस्ताव
- लाइसेंस पर धारक की राष्ट्रीयता का स्पष्ट उल्लेख पहली बार
- सेफ-ड्राइविंग ऑनलाइन टेस्ट में पासिंग मार्क्स 60% से बढ़कर 75%
- शपथ-पत्र (affidavit) की भूमिका सीमित — उम्र और पते के लिए प्रामाणिक दस्तावेज ही मान्य
- मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट देना अनिवार्य, ब्लड ग्रुप का विकल्प
- चिप की जगह QR कोड वाला स्मार्ट कार्ड
ड्राइविंग लाइसेंस नए नियम 2026 को लेकर बड़ी खबर है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में संशोधन के लिए एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है (ड्राफ्ट नोटिफिकेशन रिपोर्ट)। इस ड्राफ्ट में लाइसेंस की रंग-व्यवस्था से लेकर टेस्ट की कठिनाई तक, कई बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं। एक बात साफ कर दें — ये अभी प्रस्ताव हैं, अंतिम नियम नहीं। इन्हें अंतिम मानने से पहले सरकार की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा — नियमों में बदलाव की पूरी डिटेल यहां पढ़ें।
ड्राइविंग लाइसेंस नए नियम 2026 में अलग रंग के लाइसेंस का प्रस्ताव
ड्राफ्ट का सबसे चर्चित प्रस्ताव है — भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंगों के ड्राइविंग लाइसेंस। मंत्रालय के ड्राफ्ट में पहली बार ड्राइविंग लाइसेंस पर धारक की राष्ट्रीयता दर्ज करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि देखते ही पता चल सके कि लाइसेंस धारक भारतीय है या विदेशी।
मकसद स्पष्ट है — फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर रोक और पहचान की पारदर्शिता। हालांकि अलग-अलग रंगों की अंतिम व्यवस्था कौन-सी होगी और इसे कब से लागू किया जाएगा, इसकी पुष्टि अंतिम अधिसूचना के बाद ही होगी।
टेस्ट होगा कठिन: अब 75% अंक जरूरी
ड्राइविंग लाइसेंस नए नियम 2026 के ड्राफ्ट में सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया को सख्त करने का प्रस्ताव है। ‘सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल असेसमेंट’ (ऑनलाइन टेस्ट) का पासिंग प्रतिशत 60% से बढ़ाकर 75% करने की सिफारिश की गई है। मतलब, अब लाइसेंस पाने के लिए सड़क सुरक्षा के नियमों की बेहतर समझ साबित करनी होगी।

शपथ-पत्र पर रोक, असली दस्तावेज ही चलेंगे
फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नोटरी या एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने दिए जाने वाले शपथ-पत्रों की भूमिका सीमित करने का प्रस्ताव है। अब उम्र, पते और पहचान के लिए प्रामाणिक दस्तावेजों की नई सूची तय की गई है:
- पते का सबूत: आधार कार्ड, वोटर आईडी, ई-राशन कार्ड, पिछले तीन महीनों का बिजली या गैस बिल (विदेशी नागरिकों के लिए भारत में कानूनी उपस्थिति का प्रमाण)
- उम्र का सबूत: पासपोर्ट, स्कूल बोर्ड की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र, सरकारी विभागों का पहचान पत्र
- पहचान का सबूत: आधार कार्ड, पासपोर्ट, ई-राशन कार्ड, पैन कार्ड
(विशेष परिस्थितियों में लाइसेंसिंग अथॉरिटी शपथ-पत्र स्वीकार कर सकती है, लेकिन सामान्य नियम दस्तावेजों का ही होगा।)
इमरजेंसी डिटेल और QR कोड कार्ड
ड्राइविंग लाइसेंस नए नियम 2026 के ड्राफ्ट में मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की जानकारी देना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है, जबकि ब्लड ग्रुप और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने का विकल्प रहेगा। सड़क हादसों में यह जानकारी जान बचा सकती है। साथ ही चिप के बजाय QR कोड वाला स्मार्ट कार्ड लाने और लाइसेंस से जुड़ी सभी सेवाओं के लिए एक ही आवेदन फॉर्म का प्रस्ताव भी शामिल है — यानी प्रक्रिया पहले से आसान भी होगी।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: क्या ये नियम अभी लागू हो गए हैं?
उत्तर: नहीं। ड्राइविंग लाइसेंस नए नियम 2026 अभी सिर्फ ड्राफ्ट नोटिफिकेशन है। अंतिम नियम मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही लागू होंगे।
प्रश्न: क्या मेरा पुराना लाइसेंस बदलना पड़ेगा?
उत्तर: ड्राफ्ट में इस बारे में स्पष्टता नहीं है। आमतौर पर ऐसे बदलाव नए आवेदनों और नवीनीकरण पर चरणबद्ध तरीके से लागू होते हैं।
प्रश्न: लाइसेंस के रंग क्या होंगे?
उत्तर: अभी रंगों का खुलासा नहीं हुआ है। अंतिम अधिसूचना में ही रंग-योजना तय होगी।
प्रश्न: टेस्ट कठिन होने से क्या फर्क पड़ेगा?
उत्तर: 75% अंक की शर्त का मतलब है कि सड़क सुरक्षा के नियमों की गहरी समझ जरूरी होगी — हड़बड़ी में लाइसेंस पाना मुश्किल होगा।

