नई दिल्ली, 6 नवंबर 2026: महिंद्रा Q2 रिजल्ट ने शेयर बाजार में हलचल मचा दी है। महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) का जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2 FY27) में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 25% बढ़कर ₹4,588 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3,673 करोड़ था। नतीजों के ऐलान के बाद कंपनी का शेयर दो दिन में करीब 13% चढ़ गया — शुक्रवार को यह इंट्राडे में 5% उछलकर ₹3,283.80 पर पहुंच गया।
नतीजे एक नजर में
- शुद्ध मुनाफा: ₹4,588 करोड़, 25% की बढ़त
- कुल रेवेन्यू: ₹57,515 करोड़, 25.3% की बढ़त
- ऑटो सेगमेंट रेवेन्यू: ₹37,756 करोड़, 39% की बढ़त
- EBITDA: ₹10,183 करोड़, मार्जिन 17.7%
- शेयर: दो दिन में 13% की तेजी, मार्केट कैप ₹4.02 लाख करोड़
महिंद्रा Q2 रिजल्ट में सबसे मजबूत क्या रहा
इस तिमाही की सबसे बड़ी ताकत ऑटो कारोबार रहा। कंपनी का ऑटो सेगमेंट रेवेन्यू 39% बढ़कर ₹37,756 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹27,170 करोड़ था। SUV सेगमेंट में महिंद्रा की पकड़ और मजबूत हुई है — SUV रेवेन्यू मार्केट शेयर 24.3% तक पहुंच गया है। यानी देश में बिकने वाली हर चार SUV में से करीब एक पर महिंद्रा का नाम है। ऑटो सेगमेंट का EBIT मार्जिन भी तिमाही-दर-तिमाही 58 बेसिस पॉइंट सुधरकर 7.7% हो गया।
कुल मिलाकर कंपनी का रेवेन्यू ₹57,515 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹45,885 करोड़ से 25.3% ज्यादा है। पहली छमाही (H1 FY27) का मुनाफा ₹10,042 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 29.47% ज्यादा है। प्रति शेयर कमाई (EPS) भी ₹32.90 से बढ़कर ₹41.04 हो गई। स्टैंडअलोन आधार पर भी मुनाफा ₹4,520 करोड़ से बढ़कर ₹5,101 करोड़ हो गया।
मार्जिन पर दबाव भी साफ दिखा
हालांकि तस्वीर पूरी तरह गुलाबी नहीं है। कंपनी का EBITDA मार्जिन 17.7% रहा, जो पिछले साल के 18.9% से 127 बेसिस पॉइंट कम है। इसकी बड़ी वजह कच्चे माल की बढ़ती लागत है — रॉ मटीरियल खर्च 32.3% बढ़कर ₹36,909 करोड़ हो गया। ऑपरेटिंग मार्जिन भी 14.61% से घटकर 13.38% रह गया। अच्छी बात यह है कि इसके बावजूद शुद्ध मुनाफा मार्जिन 8.6% से सुधरकर 8.98% हो गया।

शेयर क्यों भागा, ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं
महिंद्रा Q2 रिजल्ट के नतीजे 5 नवंबर को बोर्ड मीटिंग के बाद जारी हुए थे। उसी दिन शेयर 6% चढ़कर ₹3,145 पर बंद हुआ था, और शुक्रवार को यह 5% और उछलकर ₹3,283.80 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। दोपहर तक 61.15 लाख से ज्यादा शेयरों का कारोबार हो चुका था। पांच कारोबारी सत्रों में शेयर 13.6% चढ़ा है और कंपनी का मार्केट कैप ₹4.02 लाख करोड़ के पार पहुंच गया। ऑटो शेयरों में तेजी का यह दौर इस हफ्ते पूरे सेक्टर में दिख रहा है।
बड़ी ब्रोकरेज फर्मों का भरोसा भी बना हुआ है। CLSA ने ‘हाई-कन्विक्शन आउटपरफॉर्म’ रेटिंग के साथ ₹4,650 का टारगेट दिया है, जबकि Citi ने ‘बाय’ रेटिंग के साथ ₹4,330 का लक्ष्य रखा है। Bernstein ने भी कंपनी के डायवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल पर सकारात्मक रुख जताया है।
ट्रैक्टर कारोबार की चिंता बरकरार
दूसरी तरफ, महिंद्रा Q2 रिजल्ट में फार्म इक्विपमेंट कारोबार में नरमी दिख रही है। फार्म सेगमेंट का EBIT मार्जिन तिमाही-दर-तिमाही 176 बेसिस पॉइंट घटकर 16.8% रह गया। कंपनी ने FY27 के लिए ट्रैक्टर वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान 5% से घटाकर फ्लैट कर दिया है। वजह है कमजोर मानसून और महाराष्ट्र-कर्नाटक जैसे अहम राज्यों में जलाशयों का निम्न स्तर।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है
महिंद्रा Q2 रिजल्ट की कहानी साफ है — SUV की मजबूत बिक्री और रिकॉर्ड रेवेन्यू ने मुनाफा बढ़ाया है, लेकिन कच्चे माल की महंगाई और ट्रैक्टर कारोबार की सुस्ती नजरअंदाज नहीं की जा सकती। ब्रोकरेज का भरोसा और शेयर की तेजी बताती है कि बाजार को ऑटो कारोबार की ग्रोथ पर भरोसा है, मगर ट्रैक्टर गाइडेंस में कटौती आने वाली तिमाहियों में नजर रखने लायक है। (यह खबर जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं।)
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स्रोत: Upstox और BusinessLine

